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मुंबई में 13 दिन की देरी से पहुंचे मॉनसून का कहर, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

News Critic: मुंबई में 13 दिन की देरी से पहुंचे मॉनसून के कारण भारी बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट को दर्शाता न्यूज़ ग्राफिक।
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मुंबई में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने सामान्य समय से लगभग 13 दिन की देरी से दस्तक दी। जहां पहले शहर को भीषण गर्मी और जल संकट का सामना करना पड़ा, वहीं अब लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट भी लागू किया गया है।

मॉनसून की देरी क्यों हुई?

आमतौर पर मुंबई में मॉनसून 10 से 11 जून के बीच पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी आधिकारिक एंट्री 23 जून को हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर की बदलती मौसमीय परिस्थितियां और वातावरण में बने दबाव के कारण मॉनसून की रफ्तार धीमी रही।

देरी से मॉनसून आने का असर केवल बारिश पर ही नहीं बल्कि शहर की जल आपूर्ति पर भी पड़ा। कई दिनों तक बारिश नहीं होने के कारण मुंबई के प्रमुख जलाशयों का जल स्तर तेजी से घट गया था और जल संकट की स्थिति बनने लगी थी।

मुंबई के जलाशयों में पानी की कमी

बारिश में देरी के चलते शहर के सात प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडारण सामान्य से काफी कम रह गया था। प्रशासन को पानी की बचत के लिए नागरिकों से अपील करनी पड़ी और कुछ इलाकों में जल आपूर्ति में कटौती भी की गई।

हालांकि मॉनसून आने के बाद स्थिति में थोड़ी राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल शुरुआती बारिश से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। लगातार अच्छी बारिश होने पर ही जलाशयों का स्तर सामान्य हो सकेगा।

भारी बारिश से शहर में जलभराव

23 और 24 जून की रात हुई तेज बारिश के बाद मुंबई के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं—

  • सायन
  • किंग्स सर्कल
  • अंधेरी सबवे
  • कुर्ला
  • दादर
  • माटुंगा
  • एयरपोर्ट रोड
  • सायन-पनवेल हाईवे

कई जगह घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से अंधेरी सबवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।

ट्रैफिक और लोकल ट्रेन सेवाओं पर असर

लगातार बारिश के कारण मुंबई की सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कई प्रमुख मार्गों पर यात्रा का समय सामान्य से दो से तीन गुना तक बढ़ गया।

लोकल ट्रेन सेवाएं भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुईं, हालांकि रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर सेवाओं को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया। वहीं, कुछ उड़ानों में भी देरी दर्ज की गई।

IMD का येलो और ऑरेंज अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान—

  • तेज बारिश की संभावना
  • गरज-चमक के साथ बारिश
  • 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं
  • कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा

को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

BMC और महाराष्ट्र सरकार ने मॉनसून एक्शन प्लान के तहत कई स्थानों पर पंपिंग स्टेशन, डी-वॉटरिंग मशीनें और आपदा राहत दल तैनात किए हैं।

इसके बावजूद लगातार बारिश और पुराने ड्रेनेज सिस्टम की वजह से कई इलाकों में जल निकासी की समस्या बनी हुई है।

नागरिकों के लिए जरूरी सलाह

बारिश के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है—

  • अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचें।
  • बिजली के खुले तारों से दूर रहें।
  • मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर नजर रखें।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
  • पानी की बचत जारी रखें क्योंकि जलाशय अभी पूरी तरह नहीं भरे हैं।

क्या आगे और बढ़ेगी बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। यदि लगातार अच्छी बारिश होती है तो शहर के जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से सुधर सकता है। हालांकि अत्यधिक बारिश से जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

निष्कर्ष

13 दिन की देरी से पहुंचे मॉनसून ने एक बार फिर मुंबई के बुनियादी ढांचे और जल निकासी व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। एक ओर बारिश ने जल संकट से राहत की उम्मीद जगाई है, वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी है। ऐसे में नागरिकों के लिए मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

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