हल्दिया रिफाइनरी में नेफ्था पाइपलाइन में भीषण आग, 20 कर्मचारी घायल; अनधिकृत चोरी पॉइंट पर जांच
हल्दिया (पश्चिम बंगाल), 30 जून 2026: पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले स्थित हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (HPL) में मंगलवार तड़के एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। रिफाइनरी की नेफ्था पाइपलाइन में अचानक भीषण आग लगने से 15 से 20 कर्मचारी झुलस गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। आग इतनी तेज थी कि इसकी लपटें आसपास के रिहायशी इलाके तक पहुंच गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
इस घटना के बाद प्रशासन, दमकल विभाग और कंपनी की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रारंभिक जांच में अनधिकृत नेफ्था चोरी पॉइंट की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है।
हल्दिया रिफाइनरी में कैसे लगी आग?
मंगलवार सुबह लगभग 4:00 से 4:30 बजे के बीच हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स की नेफ्था पाइपलाइन में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास के क्षेत्र में धुएं का घना गुबार फैल गया।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिला और कई लोग आग की चपेट में आकर झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन और दमकल विभाग को सूचना दी।
15-20 कर्मचारी घायल, पांच की हालत गंभीर
हादसे में घायल कर्मचारियों को पहले हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल ले जाया गया। बाद में गंभीर रूप से घायल पांच कर्मचारियों को तमलुक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
कंपनी ने जताया अनधिकृत नेफ्था चोरी पॉइंट का संदेह
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग रिफाइनरी परिसर के पास स्थित एक संदिग्ध अनधिकृत नेफ्था चोरी पॉइंट के निकट लगी हो सकती है।
कंपनी के अनुसार:
- मामले की तकनीकी जांच जारी है।
- घायलों का इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम जांच कर रही है।
हालांकि अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
12 दमकल गाड़ियों ने कई घंटे बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
आग की तीव्रता के कारण:
- रेलवे के ओवरहेड उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए।
- हल्दिया रूट पर कई ट्रेनें प्रभावित हुईं।
- प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
आसपास के घरों तक पहुंची आग, लोगों में दहशत
रिफाइनरी के पास स्थित चिरंजीबपुर इलाके में आग फैलने से कई मकानों को नुकसान पहुंचा।
स्थानीय लोगों के अनुसार अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। कई परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
नेफ्था क्या होता है और यह इतना खतरनाक क्यों है
नेफ्था एक अत्यधिक ज्वलनशील पेट्रोलियम उत्पाद है जिसका उपयोग पेट्रोकेमिकल उद्योग में कच्चे माल के रूप में किया जाता है।
यदि पाइपलाइन में:
- लीकेज हो जाए,
- प्रेशर बढ़ जाए,
- या बाहरी हस्तक्षेप हो,
तो आग लगने और विस्फोट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स का महत्व
हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स देश की प्रमुख पेट्रोकेमिकल इकाइयों में शामिल है।
यहां तैयार किए जाने वाले प्रमुख उत्पाद हैं:
- नेफ्था
- एथिलीन
- पॉलीएथिलीन
- अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पाद
यह संयंत्र पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास और हजारों लोगों के रोजगार का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है:
नियमित पाइपलाइन निरीक्षण
सभी पाइपलाइनों की समय-समय पर जांच और मेंटेनेंस हो।
AI आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम
लीकेज का तुरंत पता लगाने के लिए आधुनिक सेंसर और AI आधारित निगरानी प्रणाली लगाई जाए।
स्वचालित शटडाउन सिस्टम
किसी भी असामान्य स्थिति में पाइपलाइन स्वतः बंद हो सके।
कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण
आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
जिला प्रशासन ने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं।
फॉरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
हल्दिया रिफाइनरी आग की यह घटना केवल एक औद्योगिक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर परीक्षा भी है। यदि प्रारंभिक जांच में सामने आया अनधिकृत नेफ्था चोरी पॉइंट का संदेह सही साबित होता है, तो यह सुरक्षा एजेंसियों और उद्योग प्रबंधन दोनों के लिए बड़ा चेतावनी संकेत होगा।
देश के बड़े औद्योगिक संयंत्रों में आधुनिक सुरक्षा तकनीक, नियमित ऑडिट और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।

