मुंबई में भारी बारिश से जलभराव, नवी मुंबई का APMC मार्केट डूबा; ट्रैफिक और सप्लाई पर असर
मुंबई, 30 जून 2026: मानसून की तेज शुरुआत ने मुंबई और नवी मुंबई की रफ्तार थाम दी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। सबसे अधिक असर नवी मुंबई के APMC (एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमिटी) मार्केट में देखने को मिला, जहां घुटनों तक पानी भर जाने से व्यापार और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
APMC मार्केट में घुटनों तक पानी, व्यापारियों को भारी नुकसान
नवी मुंबई के वाशी स्थित APMC मार्केट में रातभर हुई बारिश के बाद डेढ़ फीट तक पानी भर गया। सब्जी और फल मंडी में व्यापारी एवं ग्राहक पानी के बीच खरीद-बिक्री करने को मजबूर हैं।
व्यापारियों का कहना है कि बारिश के कारण बड़ी मात्रा में फल और सब्जियां खराब हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। APMC मार्केट मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के सबसे बड़े कृषि उत्पाद बाजारों में शामिल है, इसलिए इसका असर सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।
कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक की रफ्तार थमी
भारी बारिश के कारण सायन-पनवेल हाईवे, जूईनगर रेलवे स्टेशन के आसपास और कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया।
प्रभावित प्रमुख इलाके
- सायन
- किंग्स सर्कल
- अंधेरी
- विक्रोली
- घाटकोपर
- मुलुंड
- सानपाड़ा
- मेफको मार्केट रोड
कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा।
लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित, राहत कार्य जारी
बारिश के कारण मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाएं कुछ रूटों पर देरी से चल रही हैं। हालांकि, बड़े पैमाने पर ट्रेन रद्द होने की सूचना नहीं है।
प्रशासन की कार्रवाई
- BMC ने पंपिंग मशीनों की मदद से जल निकासी शुरू की।
- NMMC की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।
- NDRF और फायर ब्रिगेड को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
- ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है।
IMD का येलो अलर्ट, अगले कुछ दिन भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मुंबई और आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
IMD की सलाह
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- समुद्र में मछली पकड़ने न जाएं।
- जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखें।
हर मानसून में क्यों डूब जाता है मुंबई?
विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में बार-बार जलभराव की मुख्य वजहें हैं—
ड्रेनेज सिस्टम की सीमाएं
तेज बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर्याप्त नहीं रहती।
अनियोजित शहरी विकास
तेजी से हुए निर्माण कार्यों ने प्राकृतिक जल निकासी मार्गों को प्रभावित किया है।
मिथी नदी में सिल्ट जमा होना
नदी की क्षमता कम होने से बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता।
जलवायु परिवर्तन
हाल के वर्षों में कम समय में अत्यधिक बारिश की घटनाएं बढ़ी हैं।
व्यापार और आम लोगों पर असर
बारिश का सबसे अधिक असर फल और सब्जी व्यापार पर पड़ा है।
- किसानों की सप्लाई प्रभावित हुई।
- मंडियों में कारोबार धीमा पड़ा।
- सड़क यातायात बाधित हुआ।
- कई कार्यालयों में कर्मचारी देर से पहुंचे।
- कुछ संस्थानों ने वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
यात्रा
जलभराव वाले रास्तों से बचें और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
स्वास्थ्य
गंदे पानी में चलने से बचें ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे।
बिजली
पानी भरे इलाकों में खुले बिजली के तार या पोल से दूरी बनाए रखें।
मौसम अपडेट
IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें।
निष्कर्ष
मुंबई में भारी बारिश ने एक बार फिर शहर की बुनियादी सुविधाओं और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवी मुंबई के APMC मार्केट में जलभराव से व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है, ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

