मध्य प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बालाघाट-डिंडौरी में अति भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। खासकर बालाघाट, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम में अगले 24 से 72 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
क्यों बढ़ा भारी बारिश का खतरा?
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन के कारण पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है। इसी वजह से कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश की तीव्रता बनी रह सकती है, जिससे नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है।
इन जिलों में भारी और अति भारी बारिश का अलर्ट
Orange Alert (अति भारी बारिश)
- बालाघाट
- डिंडौरी
- मंडला
- सिवनी
- छिंदवाड़ा
- पांढुर्णा
- बैतूल
इन जिलों में 115 मिमी से 200 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
Yellow Alert (भारी बारिश)
- जबलपुर
- नरसिंहपुर
- कटनी
- उमरिया
- शहडोल
- अनूपपुर
- पन्ना
- सागर
- दमोह
- छतरपुर
इसके अलावा राज्य के 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा असर?
बालाघाट
लगातार बारिश के कारण जिले की कई नदियां उफान पर हैं। निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
डिंडौरी
डिंडौरी में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मंडला, सिवनी और जबलपुर
इन जिलों में शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण इलाकों में फसलों को नुकसान होने की आशंका है। नर्मदा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं।
- NDRF और SDRF की टीमों को तैयार रखा गया है।
- नदी और बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत शिविरों की तैयारी की गई है।
- बिजली विभाग को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
- स्वास्थ्य विभाग ने जलजनित बीमारियों को लेकर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी जिलों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य तेज रखने के निर्देश दिए हैं।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी है।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि—
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी-नालों के पास जाने से परहेज करें।
- बिजली गिरने के दौरान खुले स्थान पर न रहें।
- मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
अगले कुछ दिनों का मौसम कैसा रहेगा?
IMD के अनुसार मध्य प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है, हालांकि पूरे जुलाई महीने में मानसून सक्रिय बने रहने के संकेत हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है। विशेष रूप से बालाघाट और डिंडौरी जैसे जिलों में प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। समय रहते सावधानी बरतने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

