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MP Weather Alert: भोपाल समेत 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, हरदा-खंडवा में रेड अलर्ट

भारी बारिश के कारण भोपाल और मध्य प्रदेश की जलमग्न सड़कों पर बहते पानी में से गुजरती बसें और गाड़ियां, एमपी मौसम विभाग का भारी बारिश अलर्ट - News Critic.
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भोपाल।

मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हरदा और खंडवा में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि कई इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।

किन जिलों में जारी हुआ बारिश का अलर्ट?

मौसम विभाग के अनुसार हरदा और खंडवा में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 204 मिमी या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले

  • रतलाम
  • उज्जैन
  • झाबुआ
  • धार
  • अलीराजपुर
  • खरगोन
  • बुरहानपुर
  • छिंदवाड़ा
  • बालाघाट

येलो अलर्ट वाले जिले

  • भोपाल
  • इंदौर
  • सीहोर
  • देवास
  • बैतूल
  • नर्मदापुरम
  • नरसिंहपुर
  • पांढुर्णा सहित अन्य जिले

मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

हरदा और खंडवा में सबसे ज्यादा असर

लगातार बारिश के चलते हरदा जिले की कई नदियां और नाले उफान पर पहुंच गए हैं। सोनपुरा के पास सामरी नदी, मोरगढ़ी के पास आरवा नाला और कालीमाचक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे पर पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ है। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और निचले इलाकों में घरों तथा खेतों में पानी भर गया है।

प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी है।

भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों में क्या है स्थिति?

राजधानी भोपाल में पिछले 24 घंटे के दौरान डेढ़ इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। कई कॉलोनियों और सड़कों पर जलभराव देखने को मिला, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

इंदौर में ढाई इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मंडला और बालाघाट में भी अच्छी वर्षा हुई। उज्जैन, देवास और आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा।

सीहोर में बाढ़ जैसे हालात

सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में पार्वती और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी घुस गया। बापचा दोनिया गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत की दुखद घटना सामने आई।

कई ग्रामीण मार्ग बंद हो गए हैं और खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

किसानों पर बढ़ा संकट

भारी बारिश का असर खरीफ फसलों पर भी दिखाई देने लगा है।

प्रभावित फसलें:

  • सोयाबीन
  • मक्का
  • धान

लगातार जलभराव के कारण बुवाई प्रभावित हो रही है। किसान संगठनों ने सरकार से राहत पैकेज और फसल बीमा क्लेम जल्द जारी करने की मांग की है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

बारिश को देखते हुए सभी प्रभावित जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।

प्रशासन द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:

  • NDRF और SDRF की टीमें तैनात
  • बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी
  • जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है
  • पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है

मौसम विभाग की सलाह

भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि—

  • नदी और नालों के पास न जाएं।
  • जलभराव वाले रास्तों से बचें।
  • बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
  • अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। जुलाई के दौरान मानसून और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। हालांकि अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ और जलभराव जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। भोपाल सहित 19 जिलों में जारी भारी बारिश का अलर्ट प्रशासन और आम नागरिकों दोनों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। हरदा और खंडवा में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह का पालन करना और अनावश्यक जोखिम से बचना बेहद जरूरी है।

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