शिवपुरी में 2500 करोड़ के अदाणी डिफेंस प्लांट का भूमिपूजन, मध्य प्रदेश बनेगा नया डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में रविवार (5 जुलाई 2026) को औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में कोलारस क्षेत्र के पाली-तेंदुआ में 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट का भूमिपूजन किया गया। इस परियोजना को प्रदेश के लिए रोजगार, निवेश और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शुरू होने से शिवपुरी-ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नई शुरुआत होगी। साथ ही यह परियोजना केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियान को भी मजबूती देगी।
2500 करोड़ के निवेश से बदलेगी शिवपुरी की तस्वीर
अदाणी डिफेंस प्लांट लगभग 103 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। यहां आधुनिक रक्षा उपकरण, गोला-बारूद, प्रोपेलेंट और अन्य डिफेंस सिस्टम का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना की मुख्य बातें
- कुल निवेश: 2500 करोड़ रुपये
- स्थान: पाली-तेंदुआ, कोलारस (शिवपुरी)
- प्रत्यक्ष रोजगार: करीब 2000
- अप्रत्यक्ष रोजगार: हजारों लोगों को अवसर
- उद्देश्य: रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा
CM मोहन यादव ने बताया औद्योगिक विकास का नया अध्याय
भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। उनके अनुसार, इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी का यह प्लांट पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
211 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की भी सौगात
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान लगभग 211.29 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
इनमें शामिल हैं—
- सड़क निर्माण
- बिजली व्यवस्था
- जल आपूर्ति योजनाएं
- अन्य आधारभूत विकास कार्य
इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट
अदाणी डिफेंस प्लांट में इंजीनियर, टेक्नीशियन, मशीन ऑपरेटर, क्वालिटी कंट्रोल और तकनीकी विशेषज्ञों सहित कई पदों पर रोजगार के अवसर बनेंगे।
कंपनी और राज्य सरकार स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम भी संचालित करेंगी ताकि क्षेत्र के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार मिल सके।
MSME और स्थानीय कारोबार को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से केवल बड़े उद्योग ही नहीं, बल्कि स्थानीय MSME इकाइयों को भी लाभ मिलेगा।
रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने के बाद छोटे उद्योगों, ट्रांसपोर्ट, होटल, हाउसिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों में भी तेजी आने की संभावना है।
पर्यावरण का भी रखा जाएगा ध्यान
अदाणी समूह ने कहा है कि प्लांट में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत—
- वाटर रिसाइक्लिंग सिस्टम
- सोलर एनर्जी का उपयोग
- प्रदूषण नियंत्रण तकनीक
- स्थानीय समुदाय के विकास पर विशेष फोकस
जैसे उपाय अपनाए जाएंगे।
मध्य प्रदेश के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में यह निवेश मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग राज्यों में शामिल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे—
- विदेशी निवेश बढ़ सकता है।
- स्थानीय उद्योगों को नई पहचान मिलेगी।
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष
शिवपुरी में अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस प्लांट का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य की नई नींव है। यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह शिवपुरी समेत पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास की तस्वीर बदल सकती है।

