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दिल्ली फूड टैंपरिंग रैकेट: एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य सामान बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 7 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के ओखला में खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट बदलने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के दौरान फैक्ट्री से बरामद भारी मात्रा में माल और पुलिस टीम की तस्वीर - News Critic.
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दिल्ली के ओखला में फूड टैंपरिंग रैकेट का खुलासा

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े दिल्ली फूड टैंपरिंग रैकेट का खुलासा किया है। पुलिस ने एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य उत्पादों को नया बताकर बाजार में बेचने वाले संगठित गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कंपनी का 70 वर्षीय मालिक भी शामिल है।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 20 लाख रुपये से अधिक कीमत के एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद, प्रिंटिंग मशीनें, केमिकल थिनर, नकली लेबल और अन्य सामग्री जब्त की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह लंबे समय से यह अवैध कारोबार चला रहा था।

बाल श्रमिकों की जांच से सामने आया बड़ा फूड फ्रॉड

दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी के अनुसार, यह कार्रवाई मूल रूप से बाल श्रमिकों के बचाव अभियान के दौरान शुरू हुई। ओखला फेज-2 स्थित एक फैक्ट्री में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), FSSAI और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापा मारा।

जांच के दौरान फैक्ट्री में एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों की री-पैकेजिंग और नकली लेबलिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आया। इसके बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया।

कैसे बदलते थे एक्सपायरी डेट?

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशों और स्थानीय स्क्रैप बाजारों से एक्सपायर्ड या एक्सपायरी के करीब पहुंचे ब्रांडेड खाद्य उत्पाद बेहद कम कीमत पर खरीदते थे।

इनमें शामिल थे—

  • चॉकलेट
  • बिस्किट
  • मैगी
  • बेबी फूड
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स
  • अन्य पैकेज्ड फूड

फैक्ट्री में पहुंचने के बाद इन उत्पादों पर लगी पुरानी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को केमिकल थिनर से मिटाया जाता था।

इसके बाद आधुनिक प्रिंटिंग मशीनों से नई एक्सपायरी डेट, बैच नंबर, MRP स्टिकर, बारकोड और अन्य जानकारी प्रिंट कर पैकेजिंग को नया रूप दिया जाता था।

देशभर में की जाती थी सप्लाई

जांच एजेंसियों के अनुसार तैयार किए गए उत्पादों को असली और ताजा बताकर—

  • थोक बाजार
  • रिटेल दुकानों
  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म
  • विभिन्न राज्यों

में सप्लाई किया जाता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन उत्पादों की विदेशों तक भी सप्लाई की जा रही थी।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

पुलिस ने जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं—

  • दार्शन सिंह सचदेवा (70) – कंपनी मालिक
  • नीतेश भारद्वाज – मैनेजर
  • नरेंद्र कुमार – अकाउंटेंट
  • कपिल – मशीन ऑपरेटर
  • लकी ओझा – वेयरहाउस कीपर
  • प्रेम यादव – सुपरवाइजर
  • पवन कुमार यादव – सुपरवाइजर

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने एक्सपायरी डेट बदलकर खाद्य उत्पाद बेचने की बात स्वीकार की है। अब पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है एक्सपायर्ड फूड?

विशेषज्ञों के अनुसार एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

संभावित खतरे

  • फूड पॉइजनिंग
  • उल्टी और दस्त
  • पेट का संक्रमण
  • लिवर को नुकसान
  • बैक्टीरिया और फंगस का संक्रमण
  • बच्चों के विकास पर बुरा असर

विशेष रूप से बेबी फूड और डेयरी उत्पादों में यह जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

आरोपियों पर कौन-कौन सी कार्रवाई होगी?

इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS के लागू प्रावधानों सहित संबंधित कानूनी धाराएं) और FSSAI अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यदि जांच में बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाने या अन्य गंभीर अपराधों के प्रमाण मिलते हैं, तो आरोपियों पर और कड़ी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

उपभोक्ता कैसे रहें सुरक्षित?

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि खरीदारी करते समय हमेशा इन बातों का ध्यान रखें—

  • एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।
  • पैकेजिंग में किसी तरह की छेड़छाड़ दिखे तो उत्पाद न खरीदें।
  • अधिकृत दुकानों से ही सामान लें।
  • अत्यधिक सस्ते ऑफर से सावधान रहें।
  • बारकोड और पैकेजिंग की जांच करें।
  • संदिग्ध उत्पाद मिलने पर FSSAI में शिकायत दर्ज करें।

जांच अभी जारी

दिल्ली पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इस गिरोह से जुड़े और लोग भी सामने आ सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली लेबल वाले उत्पाद किन-किन राज्यों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंचे थे।

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