बेंगलुरु के रेसिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय छात्र की संदिग्ध मौत, PT टीचर पर हत्या का केस दर्ज
बेंगलुरु: रेसिडेंशियल स्कूल में छात्र की मौत से मचा हड़कंप
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के येलहंका के पास बागलुर स्थित स्टर्लिंग इंग्लिश रेसिडेंशियल स्कूल में 12 वर्षीय छात्र गुरु किरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। परिवार ने स्कूल के पीटी (शारीरिक प्रशिक्षण) शिक्षक नारायण पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बच्चे को लोहे की रॉड और छड़ी से पीटा गया, उसकी गर्दन मरोड़ी गई और बाद में उसे जबरन दौड़ने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 101 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 9 जुलाई 2026 की सुबह करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। स्कूल प्रशासन के अनुसार छात्र सुबह की जॉगिंग के दौरान अचानक गिर पड़ा और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, मृतक के पिता राघवेंद्र ने स्कूल के इस दावे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत सामान्य नहीं है। उनका कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी और उन्हें घटना की वास्तविक जानकारी नहीं दी गई।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि सहपाठियों ने उन्हें बताया कि गुरु किरण सुबह टॉयलेट जाने के बाद पीटी शिक्षक नारायण के गुस्से का शिकार बना।
परिवार के आरोप
- लोहे की रॉड और छड़ी से मारपीट की गई।
- गर्दन मरोड़ने का आरोप।
- दंड के रूप में स्कूल परिसर के चक्कर लगाने को मजबूर किया गया।
- दौड़ते समय छात्र अचानक गिर पड़ा।
- नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी परिवार ने कही।
मृतक की मां ने कहा कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ था और उसे किसी प्रकार की हृदय संबंधी बीमारी नहीं थी। उन्होंने स्कूल के स्वास्थ्य संबंधी दावे को खारिज कर दिया।
सहपाठियों ने क्या बताया?
परिजनों का दावा है कि कुछ छात्रों ने बताया कि संबंधित पीटी शिक्षक अक्सर छोटी-छोटी बातों पर छात्रों को छड़ी या डंडे से दंडित करता था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।
विरोध प्रदर्शन के बाद स्कूल में तनाव
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग स्कूल पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने स्कूल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ की कोशिश की।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और आरोपी शिक्षक को सुरक्षित हिरासत में लिया। कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस जांच में क्या-क्या हो रहा है?
बेंगलुरु पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
जांच के प्रमुख बिंदु
- पीटी शिक्षक नारायण से पूछताछ।
- स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की जांच।
- छात्रों और स्टाफ के बयान दर्ज।
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार।
- मेडिकल रिकॉर्ड की जांच।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल प्रशासन ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। प्रबंधन का कहना है कि छात्र दौड़ते समय अचानक गिर गया था और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। स्कूल ने यह भी दावा किया कि बच्चे को पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अभी तक आधिकारिक रूप से नहीं हुई है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
यह घटना एक बार फिर रेसिडेंशियल स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही और शारीरिक दंड जैसे मुद्दों को चर्चा में ले आई है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि—
- स्कूलों में शारीरिक दंड पर सख्ती से रोक लागू हो।
- सभी रेसिडेंशियल स्कूलों में प्रभावी सीसीटीवी निगरानी हो।
- शिक्षकों को नियमित व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाए।
- छात्र सुरक्षा का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
सोशल मीडिया पर न्याय की मांग
घटना के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForGuruKiran ट्रेंड करने लगा। बाल अधिकार संगठनों और अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल आरोपी शिक्षक से पूछताछ जारी है और पुलिस सभी संभावित साक्ष्य जुटा रही है।

