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उत्तराखंड बना देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य, 98.7% साक्षरता दर के साथ रचा नया इतिहास

: उत्तराखंड के देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनने पर News Critic का न्यूज़ इंफोग्राफिक पोस्टर, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तस्वीर, उत्तराखंड का नक्शा, पढ़ते हुए स्कूली बच्चे और साक्षरता के फायदों की सूची दिखाई दे रही है।
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देहरादून: उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। राज्य ने 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 95 प्रतिशत के मानक को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और ULLAS (Understanding Lifelong Learning for All in Society) अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह की मंजूरी के बाद उत्तराखंड को आधिकारिक तौर पर पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया।

पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा कैसे मिलता है?

केंद्र सरकार के अनुसार, यदि किसी राज्य में 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के 95 प्रतिशत या अधिक लोग साक्षर हों, तो उसे पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया जाता है।

साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि इसमें शामिल हैं—

  • पढ़ने और समझने की क्षमता
  • लिखने की योग्यता
  • गणना करने की क्षमता
  • डिजिटल साक्षरता
  • वित्तीय साक्षरता
  • जीवन कौशल

इसी व्यापक मानक पर उत्तराखंड ने 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल की।

उत्तराखंड ने कैसे हासिल की यह बड़ी सफलता?

ULLAS अभियान बना सबसे बड़ा आधार

राज्य सरकार ने ULLAS कार्यक्रम के तहत घर-घर सर्वे कराया और निरक्षर वयस्कों की पहचान की। इसके बाद स्वयंसेवकों, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी विभागों ने मिलकर व्यापक अभियान चलाया।

तकनीक का प्रभावी उपयोग

  • ULLAS ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा
  • डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल
  • फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)
  • निरंतर शिक्षा कार्यक्रम

इन प्रयासों ने दूरदराज के क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस

राज्य सरकार ने महिला साक्षरता को प्राथमिकता दी। पहाड़ी और दूरस्थ गांवों में विशेष शिविर, मोबाइल शिक्षण केंद्र और सामुदायिक शिक्षा कार्यक्रम चलाए गए।

दो वर्षों में दर्ज हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी

उत्तराखंड ने बेहद कम समय में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

  • 2023-24: लगभग 83.8% साक्षरता
  • 2025-26: 98.7% साक्षरता
  • 2011 जनगणना: लगभग 79.63% साक्षरता

सिर्फ दो वर्षों में लगभग 14.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी राज्य की शिक्षा व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

उत्तराखंड से पहले कौन-कौन से राज्य बने पूर्ण साक्षर?

उत्तराखंड से पहले देश के पांच राज्य पूर्ण साक्षर घोषित किए जा चुके हैं।

  • मिजोरम
  • गोवा
  • त्रिपुरा
  • हिमाचल प्रदेश
  • सिक्किम

वहीं लद्दाख देश का पहला पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश है।

मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के नागरिकों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और सरकारी तंत्र के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड की उपलब्धियां

राज्य में पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं।

प्रमुख उपलब्धियां

  • स्कूल ड्रॉपआउट दर में कमी
  • डिजिटल क्लासरूम का विस्तार
  • NEP 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन
  • वयस्क शिक्षा कार्यक्रमों का विस्तार
  • कौशल आधारित शिक्षा पर जोर

आगे की चुनौतियां

पूर्ण साक्षरता की घोषणा के बाद भी कई क्षेत्रों में निरंतर कार्य की आवश्यकता बनी हुई है।

प्रमुख चुनौतियां

  • डिजिटल डिवाइड कम करना
  • शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना
  • साक्षरता को रोजगार और कौशल से जोड़ना
  • शेष 1.3 प्रतिशत निरक्षर आबादी तक पहुंचना

क्यों खास है उत्तराखंड का मॉडल?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड का मॉडल अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है। सामुदायिक भागीदारी, तकनीक का उपयोग और सरकारी प्रतिबद्धता ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया।

निष्कर्ष

उत्तराखंड का देश का छठा पूर्ण साक्षर राज्य बनना केवल एक सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन में आए बदलाव का प्रतीक है। 98.7 प्रतिशत साक्षरता दर इस बात का प्रमाण है कि सही नीति, मजबूत इच्छाशक्ति और जनभागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव संभव हैं। अब राज्य का अगला लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास को हर नागरिक तक पहुंचाना होगा।

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