Headlines

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से भारी तबाही, IAF ने शुरू किया सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन

न्यूज़ क्रिटिक (News Critic): अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से आई बाढ़ और तबाही के दृश्यों के साथ भारतीय वायुसेना (IAF) के रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देता हुआ न्यूज़ ग्राफिक।
Spread the love

ईटानगर, 25 जून 2026: अरुणाचल प्रदेश में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। सबसे ज्यादा प्रभावित केयी पन्योर जिला है, जहां पौसा गांव, नेफको कॉलोनी, पितापूल और याजली क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई।

अब तक एक महिला की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना (IAF), SDRF और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही

24 जून की रात भारी बारिश के बाद केयी पन्योर जिले में अचानक पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया। नेफको परियोजना क्षेत्र में तेज बहाव घरों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को बहाकर ले गया।

प्रशासन के अनुसार:

  • याजली सर्कल में कम से कम 15 आवासीय क्वार्टर क्षतिग्रस्त हुए।
  • पूरे जिले में 50 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा।
  • लगभग 17 लोग घायल हुए हैं।
  • कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

शिक्षिका निर्मला गुप्ता का शव बरामद

नेफको स्थित विवेकानंद केंद्रीय विद्यालय की 35 वर्षीय शिक्षिका निर्मला गुप्ता का शव बाढ़ के पानी से बरामद किया गया। बचाव दल ने कई घंटों की खोज के बाद उनका शव खोज निकाला।

वहीं, चार अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त, कई गांवों का संपर्क टूटा

भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। केयी पन्योर और आसपास के जिलों में यातायात पूरी तरह प्रभावित है।

क्षति का दायरा:

  • सड़कें ध्वस्त
  • पुल क्षतिग्रस्त
  • बिजली लाइनें टूटीं
  • पानी की पाइपलाइनें बह गईं
  • कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क कट गया

IAF का त्वरित रेस्क्यू अभियान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश सरकार ने भारतीय वायुसेना से मदद मांगी। ईस्टर्न एयर कमांड, शिलांग के समन्वय से IAF के हेलीकॉप्टर पितापूल और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री और SDRF कर्मियों को पहुंचा रहे हैं।

IAF ऑपरेशन की मुख्य बातें

राहत अभियान

SDRF टीमों का एयरलिफ्ट

रबर बोट और उपकरण पहुंचाए

खाद्य सामग्री और दवाइयां भेजीं

घायलों को अस्पताल पहुंचाया

डिप्टी कमिश्नर स्वेता नागोरकोटी ने बताया कि तेज बहाव के कारण नावों से बचाव मुश्किल था, इसलिए हवाई सहायता आवश्यक हो गई।

किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर?

क्षेत्रस्थिति
केयी पन्योर जिलासबसे अधिक प्रभावित
पौसा गांवबाढ़ से भारी नुकसान
नेफको कॉलोनीघर और वाहन बह गए
याजलीकई आवासीय क्वार्टर क्षतिग्रस्त
पितापूलरेस्क्यू ऑपरेशन जारी
लोअर सुबनसिरीभूस्खलन की घटनाएं
पापुम पारेजलभराव और सड़क अवरोध

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है। इससे बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है।

बार-बार क्यों आती है अरुणाचल में बाढ़?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • हिमालयी भौगोलिक संरचना
  • अत्यधिक वर्षा
  • जलवायु परिवर्तन
  • अनियोजित निर्माण
  • जंगलों की कटाई

इन कारणों से बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

प्रशासन की अपील

  • नदियों और नालों से दूर रहें
  • अनावश्यक यात्रा न करें
  • सरकारी निर्देशों का पालन करें
  • सुरक्षित स्थानों पर बने रहें

निष्कर्ष

अरुणाचल प्रदेश बाढ़ 2026 ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है। IAF के हेलीकॉप्टरों की त्वरित कार्रवाई से कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, लेकिन लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां मिलकर राहत कार्य चला रही हैं और उम्मीद है कि मौसम सुधरने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी।

1. अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ कब आई?

24 जून 2026 की रात भारी बारिश के बाद केयी पन्योर जिले में अचानक बाढ़ आई।

2. बाढ़ में कितने लोग प्रभावित हुए?

हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि एक महिला की मौत और चार लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है।

3. IAF क्या मदद कर रही है?

IAF हेलीकॉप्टरों के जरिए SDRF टीमों, राहत सामग्री और घायलों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

4. सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र कौन सा है?

केयी पन्योर जिला सबसे अधिक प्रभावित है।

5. क्या अगले दिनों में और बारिश होगी?

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *