भोपाल कटारा हिल्स मर्डर केस: समलैंगिक संबंध बनाने के विरोध पर युवक की हत्या, IMEI ट्रैकिंग से आरोपी गिरफ्तार
भोपाल | 27 जून 2026
राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में करीब एक महीने पहले मिले युवक के संदिग्ध शव की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। तकनीकी जांच और मोबाइल IMEI ट्रैकिंग की मदद से भोपाल पुलिस ने आरोपी अजय सिंह मेवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक द्वारा जबरन समलैंगिक संबंध बनाने का विरोध करने पर आरोपी ने पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
यह मामला तकनीकी साक्ष्यों के दम पर सुलझाए गए भोपाल पुलिस के महत्वपूर्ण ब्लाइंड मर्डर मामलों में शामिल हो गया है।
झागरिया हाईवे के पास मिला था युवक का शव
29 मई 2026 को कटारा हिल्स थाना पुलिस को झागरिया हाईवे स्थित इकोलॉजिकल पार्क के समीप पुलिया के नीचे एक युवक का शव मिला था। शव कई दिन पुराना होने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बाद में मृतक की पहचान मंडीदीप निवासी 38 वर्षीय राजेश राय के रूप में हुई, जो एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत थे
मोबाइल फोन बना सबसे बड़ा सबूत
घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने IMEI नंबर के जरिए मोबाइल की तकनीकी ट्रैकिंग शुरू की।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मोबाइल लोकेशन की जांच में पता चला कि फोन किसी अन्य व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है। पूछताछ में उस व्यक्ति ने बताया कि उसने मोबाइल अजय सिंह मेवाड़ा से खरीदा था।
यहीं से पुलिस की जांच सही दिशा में पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात वह न्यू मार्केट और वीआईपी रोड क्षेत्र में घूम रहा था। बाद में रास्ते में उसकी मुलाकात नशे की हालत में राजेश राय से हुई।
पहले उसने राजेश को खाना खिलाया और फिर सुनसान स्थान पर ले गया। वहां उसने कथित तौर पर जबरन यौन संबंध बनाने की कोशिश की।
राजेश द्वारा विरोध किए जाने पर दोनों के बीच विवाद हुआ और आरोपी ने पत्थर से सिर पर कई वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी मृतक का मोबाइल लेकर फरार हो गया।
आरोपी का पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अजय सिंह मेवाड़ा पहले भी इसी प्रकार के अपराध में जेल जा चुका है।
फिलहाल पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।
तकनीकी जांच बनी सफलता की सबसे बड़ी वजह
कटारा हिल्स थाना पुलिस के अनुसार इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में सबसे अहम भूमिका मोबाइल IMEI ट्रैकिंग, CDR विश्लेषण और डिजिटल फॉरेंसिक जांच की रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक की मदद से ऐसे जटिल मामलों को भी कम समय में सुलझाया जा सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी की सराहना की, लेकिन सुनसान इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी उठाई।
पुलिस ने झागरिया हाईवे और इकोलॉजिकल पार्क क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस की जांच अभी जारी
आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस हत्या में आरोपी अकेला था या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
निष्कर्ष
भोपाल कटारा हिल्स मर्डर केस यह दिखाता है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल फॉरेंसिक जांच की मदद से कठिन से कठिन ब्लाइंड मर्डर केस का भी खुलासा किया जा सकता है। मोबाइल IMEI ट्रैकिंग इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई और आरोपी आखिरकार कानून की गिरफ्त में पहुंच गया।
29 मई 2026 को झागरिया हाईवे के पास युवक का शव मिला था।
मृतक की पहचान मंडीदीप निवासी 38 वर्षीय राजेश राय के रूप में हुई।
पुलिस ने अजय सिंह मेवाड़ा को गिरफ्तार किया है।
मृतक के मोबाइल के IMEI नंबर और CDR ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंचा गया।
पुलिस के अनुसार जबरन यौन संबंध बनाने की कथित कोशिश का विरोध करने पर हत्या की गई। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

