कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी आंदोलन: महंगाई, NEET विवाद और मीनाक्षी नटराजन मामले को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला
नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई, NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद, CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल और राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि ये केवल राजनीतिक मुद्दे नहीं बल्कि आम जनता, छात्रों और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े गंभीर प्रश्न हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि जून के अंतिम सप्ताह से देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक प्रदर्शन, रैलियां, धरने और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
महंगाई को लेकर कांग्रेस का सरकार पर निशाना
कांग्रेस का आरोप है कि बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि से घरेलू बजट पर असर पड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि खाद्य पदार्थों और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी लगातार महंगाई को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं। पार्टी का दावा है कि सरकार आर्थिक चुनौतियों से निपटने में विफल रही है।
NEET-UG 2026 विवाद पर छात्रों के साथ कांग्रेस
NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर सवालों ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।
भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए हैं। पार्टी ने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठे सवाल
कांग्रेस ने CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा है। कई छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा परिणामों तथा अंकन प्रणाली को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं।
पार्टी का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही समस्याएं प्रशासनिक विफलता को दर्शाती हैं। कांग्रेस ने छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए स्वतंत्र समीक्षा की मांग की है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने पर विवाद
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह फैसला लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला है।
पार्टी नेताओं ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है और मामले को न्यायिक स्तर पर भी चुनौती दी गई है। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाएगी।
तीन चरणों में चलेगा आंदोलन
कांग्रेस ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को तीन चरणों में बांटा है—
- जिला स्तर पर प्रदर्शन और ज्ञापन।
- राज्य मुख्यालयों में बड़े विरोध कार्यक्रम।
- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में व्यापक आंदोलन और मार्च।
पार्टी का दावा है कि इस अभियान में छात्र, किसान, महिलाएं, युवा और विभिन्न सामाजिक संगठन शामिल होंगे।
राजनीतिक प्रभाव क्या हो सकता है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और शिक्षा से जुड़े मुद्दे सीधे आम जनता को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कांग्रेस इन विषयों के माध्यम से केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए इन मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है।
आने वाले महीनों में यह आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति का महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है, खासकर तब जब NEET और मीनाक्षी नटराजन से जुड़े मामलों पर कानूनी प्रक्रियाएं जारी हैं।
निष्कर्ष
महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी आंदोलन आगामी राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि सरकार इन मुद्दों पर क्या कदम उठाती है और जनता इस अभियान को कितना समर्थन देती है।
जून 2026 के अंतिम सप्ताह से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू होने की संभावना है।
महंगाई, NEET-UG 2026 विवाद, CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया और मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने के मुद्दों पर।
उनके राज्यसभा नामांकन को खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस ने फैसले पर सवाल उठाए हैं।
परीक्षा प्रक्रिया और कथित पेपर लीक को लेकर देशभर में विवाद और जांच की मांग उठी है।
जिला स्तर, राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर सहित तीन चरणों में आंदोलन आयोजित किया जाएगा।

