दिल्ली-NCR में मानसून की बारिश से मिली राहत, IMD का येलो अलर्ट; पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन से 9 लोगों की मौत
नई दिल्ली। लंबे इंतजार के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मानसून की सक्रियता दिखाई देने लगी है। हल्की से मध्यम बारिश, ठंडी हवाओं और घने बादलों ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों और दिनों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है।
दूसरी ओर, लगातार हो रही भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई पहाड़ी राज्यों में तबाही मचा दी है। भूस्खलन, बाढ़ और सड़क हादसों में अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल और लापता बताए जा रहे हैं।
दिल्ली-NCR में बदला मौसम, गर्मी से मिली राहत
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मंगलवार और बुधवार से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं ने तापमान का असर कम कर दिया, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली।
सफदरजंग, पालम और लोधी रोड जैसे मौसम केंद्रों पर हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण मौसम पहले की तुलना में काफी सुहावना महसूस हुआ।
IMD ने जारी किया येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
येलो अलर्ट का मतलब क्या है?
- गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना
- 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
- बिजली गिरने का खतरा
- खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह
- मौसम में अचानक बदलाव की संभावना
दिल्ली में मानसून की एंट्री में क्यों हुई देरी?
आमतौर पर दिल्ली में दक्षिण-पश्चिम मानसून जून के अंतिम सप्ताह तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी रही। जून महीने में सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई, जिससे राजधानी में भीषण गर्मी और उमस बनी रही।
मौसम विभाग का कहना है कि अब मानसून तेजी से उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है और 3 से 4 जुलाई तक पूरे दिल्ली-NCR में पूरी तरह सक्रिय हो सकता है।
उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक होगी अच्छी बारिश
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है।
हालांकि पूरे मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसत से कम वर्षा होने का अनुमान जताया गया है, लेकिन शुरुआती बारिश खेती और जलाशयों के लिए राहतभरी मानी जा रही है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश बनी आफत
जहां दिल्ली-NCR में बारिश राहत लेकर आई है, वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यही बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी घटनाएं सामने आई हैं। विभिन्न हादसों में अब तक कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
हिमाचल प्रदेश
- मंडी
- कुल्लू
- शिमला
- कांगड़ा
इन जिलों में कई सड़कें बंद हो गई हैं और पहाड़ों से मलबा गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
उत्तराखंड
- टिहरी
- चमोली
- देहरादून
इन क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं। कई पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।
राहत और बचाव कार्य जारी
भारी बारिश के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से फिलहाल पहाड़ी क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
अन्य राज्यों में भी बारिश का असर
उत्तर प्रदेश
लखनऊ, मेरठ, आगरा और कानपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान
पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में मानसून सक्रिय होने लगा है और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
बिहार
पटना, गया और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
केरल और पूर्वोत्तर
इन राज्यों में पहले से ही भारी बारिश जारी है, जिसके चलते भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बारिश का असर: AQI में सुधार, लेकिन जलभराव की परेशानी
दिल्ली-NCR में हुई बारिश से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार दर्ज किया गया है। कई इलाकों में हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में पहुंच गई है।
हालांकि कई जगहों पर जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं। नगर निगम और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
किसानों के लिए राहत की खबर
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआती बारिश धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी। हालांकि जरूरत से ज्यादा बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
IMD की जरूरी सलाह
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान में न जाएं।
- बिजली गिरने की आशंका होने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय मौसम अपडेट जरूर देखें।
- प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष
दिल्ली-NCR में मानसून की दस्तक ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी है, वहीं पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश चिंता का कारण बन गई है। आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश तेज होने की संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

