पूर्व टीएमसी विधायक खोकन दास प्रयागराज से गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल पुलिस ने की कार्रवाई
पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित नेता और पूर्व विधायक खोकन दास को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस की सहायता से यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
खोकन दास तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता रहे हैं और पश्चिम बंगाल की वर्धमान दक्षिण विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पश्चिम बंगाल ले जाया जाएगा।
प्रयागराज में छिपे होने की मिली थी सूचना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस को जानकारी मिली थी कि खोकन दास उत्तर प्रदेश के प्रयागराज क्षेत्र में मौजूद हैं। इस सूचना के आधार पर बंगाल पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंची और स्थानीय हंडिया थाना पुलिस के साथ मिलकर उनकी तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पता चला कि वह हंडिया क्षेत्र के आसपास हैं। इसके बाद पुलिस ने हांडिया टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तारी शनिवार को की गई। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और पुलिस ने पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की। इसके बाद उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में रखा गया।
कई गंभीर मामलों में दर्ज हैं आरोप
पश्चिम बंगाल पुलिस ने खोकन दास के खिलाफ जबरन वसूली, धमकी देने और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले दर्ज किए हैं। इन्हीं मामलों की जांच के सिलसिले में उनकी तलाश की जा रही थी।
हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से मामले के सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायतों की जांच जारी है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो जांच में मददगार साबित होंगी।
खोकन दास का नाम लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय नेताओं में गिना जाता रहा है। वह पार्टी संगठन में भी विभिन्न जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और अपने क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माने जाते रहे हैं।
विधायक से हार तक का राजनीतिक सफर
खोकन दास ने वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वर्धमान दक्षिण सीट से जीत दर्ज की थी और विधायक बने थे। उस समय उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और वह अपनी सीट बचाने में सफल नहीं हो सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद की राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। इसलिए इस मामले को केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब पश्चिम बंगाल पुलिस उन्हें अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल करने का प्रयास करेगी। इसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ और जांच के लिए कोलकाता ले जाया जाएगा।
खोकन दास की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में नए सिरे से बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगे चलकर राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

