महाराष्ट्र में हनी ट्रैप विवाद गहराया, विपक्ष ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, विधानसभा से किया वॉकआउट
महाराष्ट्र में सामने आए हनी ट्रैप मामलों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार, खासकर देवेंद्र फडणवीस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार इन मामलों की जांच में टालमटोल कर रही है और संवेदनशील विषय पर गंभीरता नहीं दिखा रही। इसी नाराजगी के चलते गुरुवार को विधानसभा सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने सबसे पहले उठाया मुद्दा
इस पूरे विवाद की शुरुआत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले द्वारा हनी ट्रैप मामले को सदन में उठाने से हुई। उन्होंने दावा किया कि राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारी, सिविल सेवा के अधिकारी और कुछ पूर्व मंत्री इस गम्भीर प्रकरण में शामिल हैं। उनके अनुसार, कुल 72 प्रथम श्रेणी के अधिकारी इस मामले की चपेट में हैं।
पटोले ने सरकार से मांग की थी कि इन मामलों की सुनियोजित जांच करवाई जाए और जो भी लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विधानसभा अध्यक्ष ने दिया कार्रवाई का निर्देश
कांग्रेस नेता द्वारा उठाए गए सवालों को देखते हुए महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाए और सदन को पूरी जानकारी दी जाए।
गुरुवार को एक बार फिर इस विषय को सदन में उठाया गया। इस बार एनसीपी नेता जयंत पाटील और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के विधायक भास्कर जाधव ने भी नाना पटोले का समर्थन करते हुए इस मुद्दे की निर्भीक जांच की मांग की।
अध्यक्ष नार्वेकर ने साफ तौर पर सरकार को कहा कि शुक्रवार, 18 जुलाई को विधानसभा सत्र के समापन से पहले इस विषय पर कार्रवाई और स्थिति रिपोर्ट सदन के सामने रखी जाए।
सरकार की ओर से एकनाथ शिंदे ने दिया आश्वासन
सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सदन में बयान देते हुए कहा कि हनी ट्रैप जैसे गंभीर मामलों को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और वह जरूरी कार्रवाई जरूर करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर उचित कदम उठाए जाएंगे और सदन को समय रहते जानकारी भी दी जाएगी।
हालांकि, विपक्ष इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुआ और उनका कहना है कि यह केवल तथ्यों को छुपाने की कोशिश है।
विपक्ष का आरोप – सरकार कर रही है लापरवाही
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले में ढीलापन दिखा रही है। उनका कहना है कि जिन मामलों में बड़े अधिकारी शामिल हैं, उन्हें जानबूझकर बचाने की कोशिश की जा रही है और इससे जनता का विश्वास प्रशासन से उठता जा रहा है।
इसी कारण कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (उद्धव गुट) के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर विरोध जताया।
सरकार ने बताया आरोप निराधार
उधर, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने नाना पटोले के आरोपों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता केवल मीडिया में चल रही अफवाहों और रिपोर्ट्स के आधार पर बिना किसी ठोस प्रमाण के सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
योगेश कदम ने यह भी कहा कि अगर किसी के पास पुख्ता सबूत हैं तो वह उसे सामने लाए और सरकार जांच कराने से नहीं हिचकेगी। लेकिन बिना साक्ष्य के इस तरह के बयान देना सिर्फ राजनीतिक स्टंट है।
विपक्ष और सरकार आमने–सामने
महाराष्ट्र में हनी ट्रैप मामलों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज होता जा रहा है। विपक्ष इसे जनहित और नैतिकता का सवाल बता रहा है, वहीं सरकार इसे साजिश और छवि खराब करने की कोशिश कह रही है।
