बिजनौर में सीएम योगी ने वितरित किए भूमिधरी अधिकार पत्र, गौ संरक्षण और कानून-व्यवस्था पर भी रखे विचार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में आयोजित एक कार्यक्रम में पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों और पूर्व सैनिकों तथा लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर कुल 1,645 परिवारों को जमीन से संबंधित स्वामित्व अधिकार सौंपे गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि लंबे समय से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को अब न्याय मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1946 से 1948 के बीच पाकिस्तान में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और असुरक्षा के कारण बड़ी संख्या में हिंदू और सिख परिवारों को अपना घर, जमीन और पैतृक संपत्ति छोड़कर भारत आना पड़ा था। इन परिवारों ने वर्षों तक कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन परिवारों की चौथी पीढ़ी तक पहुंचते-पहुंचते सरकार ने उन्हें जमीन का कानूनी अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि धर्म और न्याय की सीख देने वाली रही है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति और समाज धर्म तथा नैतिक मूल्यों की रक्षा करता है, उसकी रक्षा भी वही मूल्य करते हैं। वहीं जो स्वार्थ के कारण इन मूल्यों को नुकसान पहुंचाता है, उसे भी उसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
गौ संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गौ संरक्षण के विषय पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को विशेष सम्मान प्राप्त है और उसे माता के रूप में देखा जाता है। उनके अनुसार, यह भावना भारतीय परंपरा और सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में गो-हत्या को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके विरुद्ध कड़े कानून लागू हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गौ संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है और इस दिशा में कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।
अपने भाषण में उन्होंने गंगा नदी और गौ माता दोनों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में दोनों को अत्यंत सम्मानजनक स्थान प्राप्त है। उन्होंने लोगों से देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण का आह्वान किया। मुख्यमंत्री का कहना था कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध परंपराओं और मूल्यों से जुड़ी हुई है, इसलिए उनका सम्मान करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय की स्थिति का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इस विषय पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता है।
कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और अराजकता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी प्रकार की हिंसा, सामाजिक अशांति या कानून तोड़ने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें और विकास कार्य बिना किसी बाधा के आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री ने देश की सुरक्षा और सैनिकों के सम्मान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में सभी नागरिकों को एकजुट रहना चाहिए और सेना के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखनी चाहिए।
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में अनेक विकास कार्यक्रम चलाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और सभी क्षेत्रों में समान अवसर उपलब्ध कराना है।

