May 15, 2026

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तमिलनाडु में बड़ा फैसला: मुख्यमंत्री विजय ने 717 सरकारी शराब दुकानें बंद करने के दिए आदेश

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पद संभालने के तुरंत बाद एक बड़ा और चर्चित फैसला लिया है। राज्य सरकार ने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन यानी टीएएसएमएसी के तहत चल रही 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का आदेश जारी किया है। यह वे दुकानें हैं जो मंदिर, मस्जिद, चर्च, स्कूल, कॉलेज और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों के 500 मीटर के दायरे में मौजूद हैं। सरकार ने संबंधित विभाग को अगले दो सप्ताह के भीतर इन दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले के बाद पूरे राज्य में इसकी चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ लोग इसे सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने बड़े स्तर पर दुकानें बंद होने से राज्य सरकार की कमाई पर कितना असर पड़ेगा।

किन इलाकों की दुकानें होंगी बंद?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में इस समय टीएएसएमएसी की लगभग 4,765 शराब दुकानें संचालित हो रही हैं। नई नीति के तहत इनमें से 717 दुकानों को बंद किया जाएगा। सरकार ने जिन दुकानों को हटाने का फैसला किया है, उनमें धार्मिक स्थलों के पास स्थित 276 दुकानें शामिल हैं। इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों के आसपास मौजूद 186 दुकानों को भी बंद किया जाएगा। वहीं बस स्टैंड और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों के पास की 255 दुकानों पर भी ताला लगाया जाएगा।

मुख्यमंत्री विजय ने कहा है कि राज्य में युवाओं को नशे की लत से बचाने और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है। उनका मानना है कि शिक्षा और धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकानें होने से समाज पर गलत असर पड़ता है। सरकार का कहना है कि संवेदनशील इलाकों से शराब दुकानों को हटाकर सामाजिक माहौल बेहतर बनाया जा सकता है।

राज्य प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द इन दुकानों की पहचान कर कार्रवाई पूरी की जाए। कई सामाजिक संगठनों और महिला समूहों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे जनहित में उठाया गया कदम बताया है।

शराब बिक्री से सरकार को होती है भारी कमाई

तमिलनाडु देश के उन राज्यों में शामिल है जहां शराब की बिक्री सरकार की सबसे बड़ी आय का स्रोत मानी जाती है। टीएएसएमएसी के जरिए राज्य सरकार हर साल हजारों करोड़ रुपये कमाती है। सरकारी नीति दस्तावेजों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में शराब बिक्री से तमिलनाडु सरकार को करीब 48,344 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इसमें लगभग 37,324 करोड़ रुपये वैट और सेल्स टैक्स के रूप में मिले, जबकि करीब 11,020 करोड़ रुपये एक्साइज ड्यूटी से आए। पिछले कुछ वर्षों में शराब से होने वाली कमाई लगातार बढ़ती रही है। साल 2021-22 में यह आय लगभग 36 हजार करोड़ रुपये थी, जो 2022-23 में बढ़कर 44 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई। वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा करीब 45,855 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

राज्य की आर्थिक व्यवस्था में शराब बिक्री का बड़ा योगदान माना जाता है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में दुकानों के बंद होने से सरकार की आमदनी पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

717 दुकानें बंद होने से कितना होगा असर?

अगर कुल दुकानों की संख्या के हिसाब से देखा जाए तो बंद की जा रही 717 दुकानें राज्य की कुल शराब दुकानों का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा हैं। इसलिए माना जा रहा है कि शराब बिक्री से होने वाली आय में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि सरकार ने अभी तक संभावित आर्थिक नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास से शराब दुकानों को हटाने से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे युवाओं और छात्रों पर अच्छा प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली कई सामाजिक समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि कुछ आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार को राजस्व में होने वाली कमी की भरपाई के लिए दूसरे आय स्रोतों पर ध्यान देना होगा। आने वाले समय में यह फैसला सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर कितना प्रभाव डालता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

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