April 19, 2026

News Critic

Latest News In Hindi

महिला आरक्षण विधेयक पर सियासी घमासान, पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति में तेज बहस जारी है। इसी मुद्दे पर हुई एक कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने विपक्ष के रुख पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस बिल का पास न हो पाना सरकार की हार नहीं है, बल्कि यह उन महिलाओं के अधिकारों का विरोध है, जिन्हें इस कानून से लाभ मिल सकता था। उनके अनुसार, यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा एक अहम विषय है।

विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन न करना विपक्ष की एक बड़ी गलती है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि इस तरह का रवैया यह दर्शाता है कि विपक्ष महिलाओं को उनका हक देने के पक्ष में नहीं है। उनका मानना है कि इस मुद्दे पर विपक्ष का रुख भविष्य में उसके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जनता इस बात को समझ रही है कि कौन महिला सशक्तिकरण के साथ खड़ा है और कौन इसके खिलाफ। उन्होंने पार्टी के नेताओं को निर्देश दिया कि वे इस संदेश को देश के हर कोने तक पहुंचाएं, ताकि लोगों को सही स्थिति की जानकारी मिल सके।

मौजूदा सीटों पर आरक्षण के प्रस्ताव से इंकार

सूत्रों के मुताबिक, सरकार फिलहाल लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर सीधे आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। विपक्ष और कुछ अन्य दलों द्वारा इस तरह की मांग उठाई गई थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया। सरकार का मानना है कि यह मांग अधिकतर राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है और इसका व्यावहारिक समाधान अलग तरीके से किया जाना चाहिए।

इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर यह आरोप भी लगाया कि वे वास्तविक समाधान के बजाय केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए गंभीर है और इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछले वर्षों में क्यों नहीं हुआ प्रयास?”

प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों से यह सवाल भी पूछा कि यदि वे वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में थे, तो पिछले कई दशकों में उन्होंने इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि यह सवाल विपक्ष की नीयत पर संदेह पैदा करता है।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष अब अपने फैसले को सही ठहराने की कोशिश कर रहा है, जिससे यह साफ होता है कि वह खुद अपने रुख को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। उन्होंने इसे “बचाव की राजनीति” करार देते हुए कहा कि जनता ऐसे व्यवहार को अच्छी तरह समझती है।

प्रधानमंत्री ने अंत में यह भी चेतावनी दी कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करने का राजनीतिक असर विपक्ष को आने वाले समय में झेलना पड़ सकता है। उनके अनुसार, यह मुद्दा केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चुनावी राजनीति में भी इसका असर दिखाई देगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *