Headlines

रायपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: ऑक्सीजन सिलेंडर विस्फोट में 3 मजदूरों की मौत, 200 मीटर दूर मिले शव के अवशेष

रायपुर में फैक्ट्री के भीतर ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की दुर्घटना बयां करता न्यूज़ थंबनेल, जिसमें धमाके से टूटे सिलेंडर के टुकड़े, घायलों की मदद करते लोग और आपातकालीन एंबुलेंस की तस्वीर शामिल है। (News Critic)
Spread the love

रायपुर फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हुआ। बेंद्री रोड स्थित 3डी इनोवेशन फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर में हुए भीषण विस्फोट के कारण तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाका इतना तेज था कि मृतकों के शवों के अवशेष करीब 200 मीटर दूर तक बिखर गए।

घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

हादसा कैसे हुआ?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार शाम करीब 7 बजे ब्लास्ट फर्नेस के पास हुआ। बताया जा रहा है कि वहां रखा ऑक्सीजन सिलेंडर अचानक फट गया, जिससे तेज धमाका हुआ और आसपास आग फैल गई।

धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को कई घंटों तक मशक्कत करनी पड़ी।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान इस प्रकार हुई है—

  • अरुण पांडे – निवासी जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
  • कोमल सिंह – निवासी डिंडोरी, मध्य प्रदेश
  • लाल सिंह – निवासी डिंडोरी, मध्य प्रदेश

दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। एक घायल मजदूर का इलाज अस्पताल में जारी है।

शवों के अवशेष 200 मीटर दूर तक मिले

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मृतकों के शरीर के अवशेष फैक्ट्री परिसर से लगभग 200 मीटर दूर तक बिखर गए। मौके का दृश्य बेहद भयावह था, जिसे देखकर राहत और बचाव दल भी स्तब्ध रह गया।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका

प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा पुराने सिलेंडर, गैस रिसाव, तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण हुआ।

प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य

हादसे के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। घायल कर्मचारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतकों के परिजनों को सूचना दी गई।

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की घोषणा की है।

औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑक्सीजन सिलेंडर जैसे उच्च दबाव वाले उपकरणों को ब्लास्ट फर्नेस या अत्यधिक गर्म स्थानों के पास रखना बेहद खतरनाक हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार उद्योगों में नियमित सेफ्टी ऑडिट, गैस सिलेंडरों की जांच, कर्मचारियों का सुरक्षा प्रशिक्षण और आपातकालीन व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू होनी चाहिए।

आगे क्या होगा?

पुलिस फैक्ट्री मालिक और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। यदि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *