सोनिया गाँधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर दिया संदेश
सोनिया गाँधी ने कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में सोनिया गाँधी ने आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि भले ही माहौल अभी हमारे पक्ष में है, लेकिन हमें अति आत्मविश्वास न आते हुए एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। इसी के साथ सोनिया गाँधी ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि दावा किया जा रहा है कि वहां सब कुछ ठीक है। जबकि पिछले कुछ महीनों में वहां पर 11 बार आतंकी हमले हुए हैं। संसदीय दल की बैठक में सोनिया गाँधी ने बजट को लेकर कहा कि युवाओं और किसानों को बजट में नजरअंदाज किया गया है।
दरअसल आने वाले कुछ महीनों में महाराष्ट्र, झारखण्ड, बिहार और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में हरियाणा और महाराष्ट्र में काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। साथ ही बिहार और झारखण्ड में भी कांग्रेस ने उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन किया था। जिससे उम्मीद लगायी जा सकती है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इन राज्यों में वापिसी कर सकती है। लोकसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन से कांग्रेस पार्टी आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रही है। साथ ही अब पार्टी के शीर्ष नेता से सलाह भी मिल गयी है।
आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कहा
संसदीय दल की बैठक में सोनिया गाँधी ने आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर कहा, “कुछ ही महीनों में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हमें लोकसभा चुनाव में पैदा हुए मूमेंटम को बरकरार रखना है। हमें आत्मसंतुष्ट और अति आत्मविश्वासी नहीं बनना चाहिए। माहौल हमारे पक्ष में है, लेकिन हमें जीत की भावना के साथ एकजुट होकर काम करना होगा। मैं यह कहने का साहस रखती हूं कि अगर लोकसभा चुनाव में देखे गए रुझान को दर्शाते हुए अच्छा प्रदर्शन किया जाता है तो राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा।”
बजट को लेकर बोली सोनिया गाँधी
हालही में संसद में पेश हुए आम बजट को लेकर सोनिया गाँधी ने कहा, “किसानों और युवाओं की मांगों को इसमें नजरअंदाज किया गया है। कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आवंटन ने पूरा किए जाने वाले आवश्यक कार्यों के साथ न्याय नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और अन्य लोगों द्वारा बजट और इसकी तथाकथित उपलब्धियों के बारे में बात करने के बावजूद व्यापक निराशा है। केंद्र सरकार खास तौर पर इसके शीर्ष नेतृत्व के बीच भ्रम है, क्योंकि देशभर में करोड़ों परिवार बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से तबाह हो गए हैं।”

