ट्रम्प का शांति समझौते का दावा, ईरान बोला- कोई तारीख तय नहीं; होर्मुज में नए नियम लागू होंगे
अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बढ़ी हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण शांति समझौता जल्द ही हस्ताक्षरित हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि यह समझौता रविवार को साइन किया जा सकता है और इसके तुरंत बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), को पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
हालांकि, ईरान ने ट्रम्प के इस दावे पर सावधानी बरतते हुए कहा है कि अभी तक किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर की कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन अंतिम निर्णय और समयसीमा पर अभी सहमति बनना बाकी है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बना हुआ है। इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य भी वैश्विक चिंता का केंद्र बना रहा, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है।
मध्यस्थ देशों की मदद से दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है। पाकिस्तान सहित कई देशों ने संकेत दिए हैं कि समझौते का मसौदा लगभग तैयार है और दोनों पक्ष अंतिम चरण की बातचीत में जुटे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और इसे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। दुनिया के कुल समुद्री तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
यदि यह मार्ग बाधित होता है तो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है। इसी वजह से दुनिया भर की नजरें इस समझौते पर टिकी हुई हैं।
होर्मुज में लागू होंगे नए नियम
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नए नियम लागू किए जा सकते हैं। इनमें सुरक्षा निगरानी, नौवहन प्रबंधन, समुद्री मार्गों की सफाई (de-mining) तथा सेवा शुल्क से जुड़े प्रावधान शामिल हो सकते हैं। हालांकि इन नियमों की अंतिम रूपरेखा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
परमाणु कार्यक्रम पर भी होगी चर्चा
ट्रम्प ने दावा किया है कि प्रस्तावित समझौते का एक प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। हालांकि ईरान ने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कोई अंतिम प्रतिबद्धता नहीं जताई है। सूत्रों के अनुसार, परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर अलग चरण में विस्तृत बातचीत की जाएगी।
वैश्विक बाजारों की नजर
ऊर्जा बाजार, तेल कंपनियां और अंतरराष्ट्रीय निवेशक इस संभावित समझौते पर नजर बनाए हुए हैं। यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता सफल होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुल जाता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में स्थिरता आ सकती है और बाजारों में राहत देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन दोनों देशों के बयानों में अभी भी अंतर दिखाई दे रहा है। जहां ट्रम्प समझौते को जल्द साइन होने की बात कह रहे हैं, वहीं ईरान का कहना है कि अभी कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन इस समझौते और मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

