उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर: उत्तरकाशी-टिहरी में लैंडस्लाइड, मकान ढहा, 7 जिलों में स्कूल बंद
उत्तराखंड में मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की कई घटनाएं सामने आई हैं। टिहरी के कद्दूखाल क्षेत्र में एक पुराना मकान ढह गया, जबकि उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बाद प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया है।
टिहरी के कद्दूखाल में लैंडस्लाइड से मकान ढहा
बड़ा हादसा टला
टिहरी गढ़वाल के कद्दूखाल क्षेत्र में बुधवार शाम भारी बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ। चंबा-मसूरी मार्ग (NH-707A) के किनारे स्थित एक पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रशासन के अनुसार, खतरे की आशंका को देखते हुए पहले ही आसपास के दो रेस्टोरेंट, अस्थायी शेल्टर और सड़क किनारे बने ढांचों को खाली करा लिया गया था। इसी कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने उठाए निर्माण कार्यों पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में होटल निर्माण के लिए हो रही अनियंत्रित खुदाई से मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिससे भूस्खलन की संभावना बढ़ गई। हालांकि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और हाईवे से मलबा हटाने का अभियान चलाया।
उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर मलबा गिरा
उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के कारण स्यानाचट्टी और नालूपानी क्षेत्र के पास पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आईं। इससे यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।
चारधाम यात्रा पर निकले यात्रियों को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के चलते 7 जिलों में स्कूल बंद
मौसम विभाग द्वारा भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करने के बाद कई जिलों में एहतियातन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए।
प्रभावित प्रमुख जिले:
- देहरादून
- नैनीताल
- उधम सिंह नगर
- पौड़ी गढ़वाल
- अल्मोड़ा
- चंपावत
- अन्य प्रभावित जिले
इन जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
70 से ज्यादा सड़कें बंद, प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड में 70 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और जिला प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। हाईवे से मलबा हटाने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं।
विशेषज्ञों ने बताई लैंडस्लाइड की बड़ी वजह
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में अनियोजित निर्माण, जंगलों की कटाई और पहाड़ियों की अनियंत्रित खुदाई भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।
विशेषज्ञों ने संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों पर सख्त निगरानी और वैज्ञानिक भू-उपयोग नीति लागू करने की आवश्यकता बताई है।
मौसम विभाग की सलाह
अगले 48 घंटों तक कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि—
- नदी और नालों के किनारे जाने से बचें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें।
- यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें।
- प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- कच्चे और जर्जर मकानों में विशेष सावधानी बरतें।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। राहत की बात यह रही कि टिहरी में मकान गिरने की घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

