विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा: पिघले स्टील के विस्फोट से 8 श्रमिकों की मौत, कई गंभीर रूप से घायल
विशाखापट्टनम, 9 जून 2026। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के प्रतिष्ठित विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में सोमवार शाम एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया। स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS-1) के कंटीन्यूअस कास्टिंग सेक्शन में पिघले हुए स्टील से भरे एक लेडल में हुए विस्फोट के बाद भीषण आग लग गई। इस हादसे में 8 श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4:40 बजे स्टील उत्पादन प्रक्रिया के दौरान लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले मोल्टन स्टील को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा रहा था। इसी दौरान लेडल में अचानक तकनीकी खराबी या विस्फोट हुआ, जिससे सैकड़ों टन गर्म धातु नीचे कार्य कर रहे कर्मचारियों पर फैल गई।
घटना के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में आग और धुएं का गुबार छा गया। हादसा इतना भयावह था कि कई श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।
आग की लपटों में घिरे श्रमिक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट के बाद कुछ ही सेकंड में पूरा कार्यक्षेत्र आग की चपेट में आ गया। प्लांट की फायर ब्रिगेड और आपातकालीन बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया, लेकिन अत्यधिक तापमान और पिघले स्टील के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
कुछ मृतकों के शव बुरी तरह झुलस गए, जिसके चलते उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच की आवश्यकता पड़ सकती है।
मृतकों और घायलों की स्थिति
प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों में नियमित कर्मचारियों के साथ कुछ संविदा श्रमिक भी शामिल हैं। हादसे में घायल हुए कई कर्मचारियों को गंभीर जलन की चोटें आई हैं और उनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है। कुछ घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
हादसे की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और घायलों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।
वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने भी घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को राहत और उपचार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
उच्च स्तरीय जांच के आदेश
केंद्रीय इस्पात मंत्रालय और राज्य प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, रखरखाव में कमी या किसी मानवीय त्रुटि के कारण हुई।
प्रारंभिक जांच में लेडल सिस्टम और सुरक्षा उपकरणों की स्थिति की विशेष रूप से जांच की जा रही है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में यह पहली बड़ी दुर्घटना नहीं है। इससे पहले भी प्लांट की विभिन्न इकाइयों में कई गंभीर हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2012 में ऑक्सीजन प्लांट में हुए विस्फोट में कई लोगों की जान गई थी। मौजूदा हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
श्रमिक संगठनों और कर्मचारी यूनियनों ने आरोप लगाया है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों के पालन और मशीनों के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नियमित सुरक्षा ऑडिट और आधुनिक तकनीक का उपयोग ऐसे हादसों को रोक सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च तापमान वाले स्टील संयंत्रों में लेडल, क्रेन और मोल्टन मेटल हैंडलिंग सिस्टम की समय-समय पर जांच अनिवार्य होनी चाहिए।
विशाखापट्टनम स्टील प्लांट का महत्व
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड द्वारा संचालित विशाखापट्टनम स्टील प्लांट देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों में शामिल है। यह हजारों लोगों को रोजगार देने के साथ-साथ भारत के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इस तरह की घटना न केवल मानवीय क्षति है बल्कि औद्योगिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
निष्कर्ष
विशाखापट्टनम स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा देश के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका है। 8 श्रमिकों की मौत ने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे हादसे के वास्तविक कारण सामने आएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
यह हादसा 9 जून 2026 को शाम करीब 4:40 बजे स्टील मेल्टिंग शॉप-1 में हुआ।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्घटना में 8 श्रमिकों की मौत हुई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में लेडल सिस्टम में तकनीकी खराबी या विस्फोट को संभावित कारण माना जा रहा है। अंतिम कारण जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।
घायल श्रमिकों को विशाखापट्टनम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
केंद्र और राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने तथा घायलों के उपचार की व्यवस्था करने की घोषणा की है।

