ट्विशा शर्मा केस अपडेट: सास गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में लगाया “मीडिया ट्रायल” का आरोप, सुरक्षा की मांग से आया नया मोड़
Twisha Sharma Case Latest Update 2026
भोपाल, 3 जून 2026 – मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। पूर्व मॉडल और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच के बीच उनकी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने अदालत में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मामले में “मीडिया ट्रायल” का आरोप लगाते हुए स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
सीबीआई की पांच दिन की कस्टडी पूरी होने के बाद गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस घटनाक्रम के बाद ट्विशा शर्मा केस एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है ट्विशा शर्मा केस?
ट्विशा शर्मा का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुआ था। शादी के लगभग पांच महीने बाद 12 मई 2026 को ट्विशा का शव कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था।
शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन ट्विशा के परिवार ने दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और हत्या के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और अंततः सीबीआई जांच के आदेश दिए गए।
कोर्ट में गिरिबाला सिंह का बड़ा बयान
भोपाल की अदालत में पेशी के दौरान गिरिबाला सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले को मीडिया ने एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने अदालत को बताया कि जांच से जुड़ी कई गतिविधियों की लाइव कवरेज की गई, जिससे परिवार पर अतिरिक्त दबाव बना। गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि मीडिया की मौजूदगी के कारण उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत ले जाते समय चोट भी लगी थी।
उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जांच को मीडिया प्रभाव से दूर रखा जाए।
क्राइम सीन रीक्रिएशन और सबूतों पर उठाए सवाल
गिरिबाला सिंह ने सीबीआई द्वारा किए गए क्राइम सीन रीक्रिएशन पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जांच प्रक्रिया के दौरान पर्याप्त गोपनीयता नहीं बरती गई, जिससे संवेदनशील जानकारियां सार्वजनिक हो गईं।
उन्होंने कुछ ऑडियो क्लिप्स और व्हाट्सएप चैट्स को कथित रूप से “फर्जी” बताते हुए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच की मांग की है।
इस बीच सीबीआई ने इस बार रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की और अदालत ने दोनों आरोपियों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ट्विशा के परिवार के आरोप क्या हैं?
ट्विशा शर्मा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का कहना है कि मानसिक दबाव और घरेलू उत्पीड़न के कारण ट्विशा को लगातार परेशान किया गया।
परिजनों ने दावा किया है कि मामले में कई महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं, जिनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग, चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। उनका आरोप है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित उत्पीड़न का परिणाम है।
जांच में सामने आए अहम पहलू
सीबीआई जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा रही है:
- क्राइम सीन का पुनर्निर्माण (Crime Scene Recreation)
- सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर डेटा की जांच
- कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल ट्रेल्स का विश्लेषण
- कथित ऑडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल साक्ष्य
- संभावित तीसरे व्यक्ति की भूमिका की जांच
जांच एजेंसी इन सभी तथ्यों को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक बहस
यह मामला केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस केस को लेकर तीखी बहस जारी है। महिला अधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है, जबकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने मीडिया ट्रायल से बचने की सलाह दी है।
सुप्रीम कोर्ट भी पहले मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर चिंता जता चुका है और सभी पक्षों को संयम बरतने की सलाह दे चुका है।
जांच के सामने अभी भी कई बड़े सवाल
जांच एजेंसियों के सामने अभी कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब आना बाकी हैं:
- क्या सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह प्रामाणिक है?
- डिजिटल साक्ष्यों में किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई है या नहीं?
- प्रेग्नेंसी और गर्भपात से जुड़े दावों की सच्चाई क्या है?
- क्या मामले में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी?
- मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य परिस्थिति का परिणाम?
इन सवालों के जवाब सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
निष्कर्ष
ट्विशा शर्मा केस अब केवल एक संदिग्ध मौत की जांच नहीं रह गया है, बल्कि यह दहेज प्रताड़ना, महिलाओं की सुरक्षा, मीडिया की भूमिका और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर सवालों को सामने ला रहा है।
गिरिबाला सिंह द्वारा अदालत में दिया गया बयान और सुरक्षा की मांग मामले में नया मोड़ लेकर आया है। वहीं ट्विशा का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। फिलहाल पूरे देश की नजर सीबीआई जांच और आने वाले न्यायिक फैसलों पर टिकी हुई है।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित करना उचित नहीं होगा।
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की जांच वर्तमान में सीबीआई कर रही है।
गिरिबाला सिंह ट्विशा शर्मा की सास और एक रिटायर्ड जज हैं। उन्होंने अदालत में मीडिया ट्रायल का आरोप लगाया है।
सीबीआई डिजिटल सबूत, सीसीटीवी फुटेज, ऑडियो रिकॉर्डिंग, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
परिवार ने दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और संदिग्ध मौत के आरोप लगाए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीबीआई जांच जारी है। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और मामले की अगली सुनवाई का इंतजार है।

