ट्विशा शर्मा मौत केस: CBI ने भोपाल में क्राइम सीन रीक्रिएट किया, पति समर्थ और सास गिरिबाला से पूछताछ तेज
भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को कटारा हिल्स स्थित पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया। इस दौरान मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को भी घटनास्थल पर लाया गया। जांच एजेंसी ने लगभग 80 किलोग्राम वजन वाली डमी का इस्तेमाल करते हुए उस रात की घटनाओं को दोबारा दोहराया, जब 12 मई 2026 को ट्विशा शर्मा मृत अवस्था में मिली थीं।
CBI अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी मौजूद रही। जांचकर्ताओं ने यह समझने का प्रयास किया कि कथित तौर पर फंदे से लटकी ट्विशा के शव को कैसे नीचे उतारा गया और क्या आरोपियों के बयान घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाते हैं। इस प्रक्रिया को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
80 किलो की डमी से हुआ घटनाक्रम का परीक्षण
सूत्रों के अनुसार, CBI ने ट्विशा शर्मा के वजन के बराबर एक विशेष डमी तैयार करवाई थी। इस डमी की मदद से यह जांचा गया कि जिस तरीके का दावा आरोपी कर रहे हैं, वह व्यवहारिक रूप से संभव था या नहीं। समर्थ सिंह से पूछा गया कि उन्होंने कथित रूप से ट्विशा के शव को कैसे नीचे उतारा, जबकि गिरिबाला सिंह से फंदे की गांठ खोलने की प्रक्रिया दोहराने को कहा गया।
जांच एजेंसी का उद्देश्य आरोपियों के बयानों, फॉरेंसिक साक्ष्यों और घटनास्थल की वास्तविक परिस्थितियों के बीच सामंजस्य स्थापित करना है। यदि किसी प्रकार का विरोधाभास सामने आता है, तो यह केस की दिशा बदल सकता है।
क्या है पूरा मामला?
नोएडा की रहने वाली मॉडल और उभरती अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद 12 मई 2026 को ट्विशा का शव उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने दहेज प्रताड़ना और हत्या की आशंका जताई।
मामले ने जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया। परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और बढ़ते जनदबाव के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया, जिसके बाद जांच CBI को सौंप दी गई।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
ट्विशा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि दहेज की मांग लगातार की जा रही थी और ट्विशा पर कई तरह का दबाव बनाया जा रहा था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज गायब कर दी गई और महत्वपूर्ण सबूतों से छेड़छाड़ की गई। परिवार का कहना है कि शव पर मिले चोट के निशान आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े करते हैं।
आरोपियों का क्या कहना है?
दूसरी ओर, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि ट्विशा मानसिक तनाव से गुजर रही थीं और उनकी व्यक्तिगत परेशानियां थीं। हालांकि CBI इन दावों की भी जांच कर रही है और मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा तथा अन्य साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
जांच में उठ रहे अहम सवाल
CBI की जांच फिलहाल कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रही है:
- क्या घटनास्थल पर मौजूद सबूत आरोपियों के बयान से मेल खाते हैं?
- CCTV फुटेज आखिर गायब क्यों हैं?
- शव पर मिले चोट के निशान किस ओर संकेत करते हैं?
- क्या दहेज प्रताड़ना के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत मौजूद हैं?
- क्या घटनास्थल पर किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी?
- डिजिटल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स क्या कहानी बयान करते हैं?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच की दिशा तय कर सकते हैं।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
CBI द्वारा पूछताछ और क्राइम सीन रीक्रिएशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विशेष CBI अदालत ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी अब डिजिटल फॉरेंसिक, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों पर फोकस कर रही है।
देशभर में उठ रही न्याय की मांग
ट्विशा शर्मा मौत केस ने दहेज प्रथा, महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दों पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है। भोपाल, दिल्ली और अन्य शहरों में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी #JusticeForTwisha लगातार ट्रेंड कर रहा है।
महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
आगे क्या?
CBI अब क्राइम सीन रीक्रिएशन से मिले निष्कर्षों, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का मिलान करेगी। यदि जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है तो आरोपों में बदलाव या नए आरोप भी जोड़े जा सकते हैं।
पूरे देश की नजरें अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच पर टिकी हुई हैं। ट्विशा शर्मा के परिवार को उम्मीद है कि जांच एजेंसी जल्द ही सच्चाई सामने लाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी।
निष्कर्ष
ट्विशा शर्मा मौत केस सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह दहेज उत्पीड़न, महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाता है। CBI की जांच से अब सच्चाई सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है। क्राइम सीन रीक्रिएशन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पूछे जाने वाले प्रश्न
ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली मॉडल और उभरती अभिनेत्री थीं, जिनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी।
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं।
घटनाक्रम की सच्चाई और आरोपियों के बयानों की पुष्टि करने के लिए CBI ने क्राइम सीन रीक्रिएट किया।
पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह जांच के मुख्य आरोपी हैं।
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और CBI जांच जारी है।

