किश्तवाड़ में दो जगह बादल फटने की घटनाएं, प्रशासन अलर्ट मोड पर
गाहन सार्थल और माछीपाल क्षेत्रों में बादल फटने से मची अफरा-तफरी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मंगलवार को बादल फटने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। पहली घटना सार्थल क्षेत्र के गाहन इलाके में हुई, जबकि दूसरी घटना माछीपाल क्षेत्र में दर्ज की गई। इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी शुरू कर दी गई। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी व्यक्ति के घायल होने, मौत होने या बड़े पैमाने पर संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
बादल फटने की खबर मिलते ही प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गईं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति का समय रहते सामना किया जा सके।
कई सड़कें क्षतिग्रस्त, मरम्मत कार्य शुरू
किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त (डीसी) पंकज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि बादल फटने के कारण इलाके की तीन से चार सड़कें प्रभावित हुई हैं। हालांकि, सड़कों को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है और प्रशासन ने तत्काल मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावित मार्गों पर मशीनें और कर्मचारी तैनात किए गए हैं ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके।
कुछ स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से सड़कें अवरुद्ध हो गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि रास्तों को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे फिलहाल झील और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
प्राकृतिक आपदाओं की संभावना को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी जानकारी
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की दो घटनाओं की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार दोनों स्थानों पर किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मंत्री ने बताया कि अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) पवन कोटवाल ने भी पुष्टि की है कि अब तक किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। साथ ही जिला रेड क्रॉस, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। ये टीमें मौके पर पहुंचकर हालात का आकलन कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं सहायता कार्य शुरू करने के लिए तैयार हैं।
प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। इसलिए प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

