ट्रंप का बड़ा टैरिफ फैसला: कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर शुल्क में राहत, अमेरिकी उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
कृषि मशीनरी पर टैरिफ में कटौती का ऐलान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृषि और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े उपकरणों पर लगने वाले आयात शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। इस फैसले के तहत कुछ विशेष श्रेणियों की मशीनों और उपकरणों पर टैरिफ दर में 10 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इसके बाद इन उत्पादों पर लागू शुल्क 25 प्रतिशत से घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगा। यह नई व्यवस्था अगले वर्ष के अंत तक लागू होगी और इसकी प्रभावशीलता वर्ष 2027 तक जारी रहेगी।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, कृषि क्षेत्र में उपयोग होने वाली कई प्रमुख मशीनों को इस राहत का लाभ मिलेगा। इनमें कंबाइन हार्वेस्टर, फसल कटाई से जुड़े उपकरण और अन्य आधुनिक कृषि मशीनें शामिल हैं। सरकार का मानना है कि टैरिफ कम होने से किसानों और कृषि उत्पादकों के लिए मशीनरी खरीदने की लागत घटेगी। इससे कृषि क्षेत्र में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन क्षमता में सुधार आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। शुल्क में कमी से मशीनरी आयात करना पहले की तुलना में सस्ता हो सकता है, जिससे किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक मशीनों को भी मिलेगा लाभ
टैरिफ में राहत केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार ने औद्योगिक उपकरणों की कई श्रेणियों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया है। इसके तहत बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और अन्य मोबाइल औद्योगिक मशीनरी पर भी कम शुल्क लागू होगा, बशर्ते ये उपकरण उन देशों से आयात किए जाएं जो अमेरिका के व्यापार समझौतों के अंतर्गत आते हैं।
नई नीति के अनुसार, ऐसे उपकरणों को 15 प्रतिशत की कम टैरिफ दर का लाभ मिलेगा। इससे निर्माण, परिवहन और भारी उद्योगों से जुड़े व्यवसायों की लागत कम हो सकती है। उद्योग जगत का मानना है कि इससे मशीनरी की उपलब्धता बढ़ेगी और कई क्षेत्रों में उत्पादन गतिविधियों को गति मिलेगी।
सरकार का कहना है कि यह फैसला अमेरिकी उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी संभावना जताई जा रही है।
घरेलू स्टील और एल्यूमीनियम को बढ़ावा देने की रणनीति
अमेरिकी प्रशासन ने घरेलू धातु उद्योग को मजबूत करने के लिए एक अतिरिक्त प्रोत्साहन योजना भी पेश की है। इसके तहत विदेशी निर्माता आयातित पूंजीगत उपकरणों पर केवल 10 प्रतिशत टैरिफ का लाभ उठा सकेंगे, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित उपकरणों में वजन के आधार पर कम से कम 85 प्रतिशत स्टील या एल्यूमीनियम अमेरिका में निर्मित होना चाहिए। स्टील को अमेरिका में ही पिघलाकर और ढालकर तैयार किया जाना आवश्यक होगा, जबकि एल्यूमीनियम का उत्पादन और प्रसंस्करण भी घरेलू स्तर पर होना चाहिए।
व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने स्टील, एल्यूमीनियम और तांबे जैसे महत्वपूर्ण धातु उत्पादों पर टैरिफ नीति का उपयोग राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए किया है। प्रशासन का मानना है कि सस्ते विदेशी आयात से अमेरिकी उद्योगों, व्यवसायों और स्थानीय समुदायों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए यह नीति घरेलू उत्पादन को मजबूत करने और महत्वपूर्ण उद्योगों की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की गई है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन देने के साथ-साथ घरेलू धातु उद्योग में निवेश बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले वर्षों में इसके आर्थिक प्रभावों पर वैश्विक व्यापार जगत की नजर बनी रहेगी।

