मानसून 2026 अपडेट: MP, राजस्थान और यूपी में भारी बारिश अलर्ट
नई दिल्ली: देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की प्रगति को लेकर नया अपडेट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में सामान्यतः 1 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके 4 जून के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है। साथ ही मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश, तेज आंधी और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है।
केरल में मानसून की एंट्री में देरी
IMD के अनुसार समुद्री परिस्थितियों और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण मानसून की गति धीमी हुई है। पहले मानसून के 1 जून तक केरल पहुंचने का अनुमान था, लेकिन अब यह 4 जून के आसपास पहुंच सकता है। श्रीलंका के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र और अन्य मौसम प्रणालियों ने मानसून की प्रगति को प्रभावित किया है।
2026 मानसून सीजन का संशोधित पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग ने जून से सितंबर तक के मानसून सीजन के लिए अपना पूर्वानुमान संशोधित किया है। पहले जहां 92% LPA (Long Period Average) वर्षा का अनुमान लगाया गया था, वहीं अब इसे घटाकर 90% कर दिया गया है।
प्रमुख अनुमान:
- देशभर में सामान्य से कम बारिश की संभावना।
- औसत 87 सेंटीमीटर वर्षा के मुकाबले 78-80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान।
- उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और कुछ दक्षिणी क्षेत्रों में कम वर्षा की आशंका।
- पूर्वोत्तर राज्यों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश की संभावना।
विशेषज्ञों का मानना है कि जून महीने में कई क्षेत्रों में बारिश की कमी कृषि, जल संग्रहण और बिजली उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
अल नीनो का असर बढ़ा सकता है चिंता
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा के अनुसार, इस वर्ष अल नीनो जैसी परिस्थितियां विकसित होने की संभावना है, जो मानसून को कमजोर कर सकती हैं। हालांकि बाद के महीनों में ला नीना की स्थिति बनने की संभावना भी बनी हुई है।
MP, राजस्थान और यूपी में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 3 से 5 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मध्य प्रदेश मौसम अपडेट
- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना।
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह।
राजस्थान मौसम अलर्ट
- जोधपुर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश और धूलभरी आंधी।
- 80 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना।
- कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश मौसम पूर्वानुमान
- लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना।
- दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों पर भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
तेज हवाएं और आंधी-तूफान की चेतावनी
IMD ने कई इलाकों में 50 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है। विभाग ने लोगों को बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है।
प्री-मानसून गतिविधियां हुईं तेज
31 मई तक के आंकड़ों के अनुसार तमिलनाडु, ओडिशा, बिहार, उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं राजस्थान, हरियाणा, झारखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं और तूफान की घटनाएं सामने आईं।
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश से जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं जलभराव, फसलों को नुकसान और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
सावधानियां:
- मौसम विभाग के अपडेट पर नियमित नजर रखें।
- बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदान में न जाएं।
- खेतों में जलभराव रोकने के उपाय करें।
- यात्रा के दौरान मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
कमजोर मानसून का कृषि पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर मानसून का असर खरीफ फसलों, सिंचाई और जलाशयों के जलस्तर पर पड़ सकता है। चावल, दालें और अन्य कृषि फसलें प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में जल संरक्षण, फसल बीमा और वैकल्पिक सिंचाई योजनाओं पर ध्यान देना जरूरी होगा।
निष्कर्ष
मानसून की धीमी प्रगति ने देश के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। एक ओर लोग गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कम और असमान बारिश की आशंका भी बनी हुई है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में होने वाली भारी बारिश राहत भी दे सकती है और चुनौतियां भी बढ़ा सकती है। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट और अपडेट पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।

