ममता बनर्जी का BJP पर बड़ा हमला, अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमले का आरोप
कोलकाता, 2 जून 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सुनियोजित तरीके से जानलेवा हमला करवाया गया। ममता बनर्जी ने इस घटना को “हत्या की साजिश” करार देते हुए BJP पर सत्ता का दुरुपयोग करने और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
घटना के विरोध में TMC ने कोलकाता में बड़े धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि यह हमला केवल अभिषेक बनर्जी पर नहीं, बल्कि पूरे तृणमूल कांग्रेस संगठन पर हमला है। ममता बनर्जी स्वयं इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी।
अभिषेक बनर्जी पर हमला कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार, 30 मई 2026 को अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में पहुंचे थे। वे पोस्ट-पोल हिंसा में मारे गए एक TMC कार्यकर्ता संजू कर्मकार के परिवार से मुलाकात करने गए थे। इसी दौरान कथित रूप से कुछ लोगों ने उनके काफिले को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी पर पत्थर, अंडे, जूते और अन्य वस्तुएं फेंकी गईं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना पड़ा। धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच उनके कपड़े भी फट गए। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि हमला अचानक नहीं था, बल्कि पहले से तैयार की गई साजिश का हिस्सा था।
उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना होता तो उन्हें गंभीर चोट लग सकती थी। उन्होंने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां उन्हें पर्याप्त सुरक्षा देने में विफल रहीं।
ममता बनर्जी ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति की जा रही है और विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश हो रही है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी और TMC सांसद कल्याण बनर्जी को जान से मारने की कोशिश की गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ अस्पतालों पर दबाव बनाया गया ताकि अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए भर्ती न किया जाए। ममता ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि BJP सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। ममता बनर्जी का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कोलकाता में TMC का बड़ा धरना
अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में TMC ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने कोलकाता में बड़े धरने का ऐलान किया है, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
TMC नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन लोकतंत्र और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि यदि प्रशासन प्रदर्शन की अनुमति नहीं देता है, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। ममता बनर्जी पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है।
BJP ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर BJP ने TMC के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ विरोध जनता के गुस्से का परिणाम था और इसे राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
BJP का दावा है कि राज्य में लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान TMC कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए कथित अत्याचारों के खिलाफ लोगों में नाराजगी है। पार्टी प्रवक्ताओं ने यह भी कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।
कुछ BJP नेताओं ने यह संभावना भी जताई कि घटना के पीछे TMC की अंदरूनी राजनीति या असंतुष्ट कार्यकर्ताओं की भूमिका हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव 2026 के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल पहले से अधिक तनावपूर्ण हो गया है। सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और टकराव लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी सांसद स्तर के नेता पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। इस घटना ने कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
साथ ही, अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। उन्हें TMC का दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता है और भविष्य में पार्टी की राजनीति में उनकी अहम भूमिका देखी जाती है।
विपक्षी दलों ने भी जताई चिंता
कई विपक्षी दलों के नेताओं ने भी घटना की निंदा की है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होने की बात कही है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि राजनीतिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए, न कि हिंसा के जरिए।
आगे क्या होगा?
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक रूप से भी यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा में रहने वाला है।
कोलकाता में प्रस्तावित धरना और TMC की आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं BJP भी इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। ऐसे में पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में और अधिक गर्माहट देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
अभिषेक बनर्जी पर हमला पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि BJP इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रही है। जांच के निष्कर्ष और राजनीतिक घटनाक्रम यह तय करेंगे कि यह मामला आगे किस दिशा में जाता है। फिलहाल पूरे देश की नजरें पश्चिम बंगाल के इस नए राजनीतिक विवाद पर टिकी हुई हैं।
30 मई 2026 को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में कथित हमला हुआ।
ममता बनर्जी ने BJP पर अभिषेक बनर्जी पर जानलेवा हमला करवाने का आरोप लगाया है।
TMC ने कोलकाता में बड़े धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है।
BJP ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह जनता के गुस्से की प्रतिक्रिया थी।
स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है।

