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दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ 48 घंटे बाद ZEE5 से हटाई गई, जानिए पूरा विवाद और फिल्म की कहानी

News Critic ग्राफ़िक: दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने का पोस्टर, जिस पर 'REMOVED' का लाल स्टैम्प लगा है और दिलजीत दोसांझ गंभीर मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं।
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नई दिल्ली

लंबे इंतजार और कई विवादों के बाद आखिरकार दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम पंजाब 95) 3 जुलाई 2026 को ZEE5 पर रिलीज हुई। हालांकि, रिलीज के महज 48 घंटे बाद ही फिल्म को भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों के चलते फिल्म को अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।

फिल्म हटने के बाद सोशल मीडिया पर #Satluj और #Panjab95 तेजी से ट्रेंड करने लगे। इस फैसले ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सेंसरशिप और ऐतिहासिक फिल्मों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

क्यों हटाई गई ‘सतलुज’ फिल्म?

ZEE5 ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि फिल्म को दर्शकों का शानदार समर्थन मिला, लेकिन “वर्तमान परिस्थितियों” को देखते हुए इसे भारत में अस्थायी रूप से हटाया जा रहा है।

प्लेटफॉर्म ने यह भी भरोसा दिलाया कि सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए फिल्म को जल्द दोबारा उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, फिल्म अभी भी भारत के बाहर ZEE5 Global पर उपलब्ध है।

क्या है फिल्म ‘सतलुज’ की कहानी?

‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म है।

किस पर आधारित है फिल्म?

फिल्म 1980 और 1990 के दशक के पंजाब की घटनाओं को दिखाती है। इसमें उन कथित गुप्त अंतिम संस्कारों (Secret Cremations) का जिक्र है, जिनका खुलासा जसवंत सिंह खालरा ने किया था। उनके दावों ने पूरे देश में मानवाधिकारों को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी थी।

फिल्म का उद्देश्य उस दौर की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को सिनेमाई रूप में प्रस्तुत करना है।

फिल्म को लेकर तीन साल तक चला विवाद

फिल्म को वर्ष 2022 में सेंसर बोर्ड के पास भेजा गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्टिफिकेशन प्रक्रिया करीब तीन साल तक लंबित रही।

बताया गया कि फिल्म में बड़ी संख्या में बदलाव और कट लगाने की सलाह दी गई थी। इसके बाद निर्माताओं ने थिएटर रिलीज के बजाय OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज का फैसला किया और फिल्म का नाम ‘पंजाब 95’ से बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया।

दिलजीत दोसांझ का भावुक बयान

फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर भावुक प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने जसवंत सिंह खालरा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि “मैं अंधेरे को चुनौती देता हूं।”

दिलजीत ने यह भी कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को हटाया जा सकता है। उन्होंने दर्शकों से फिल्म देखने और इसकी कहानी नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील भी की।

कलाकार और निर्देशक

फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालरा की भूमिका निभाई है।

अन्य प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं—

  • अर्जुन रामपाल
  • सुविंदर विक्की
  • गीतिका विद्या ओहल्यान

फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है, जबकि इसके निर्माता रॉनी स्क्रूवाला हैं।

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस

फिल्म हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सेंसरशिप से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि संवेदनशील ऐतिहासिक विषयों को बेहद संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

फिल्म समीक्षकों ने भी दिलजीत दोसांझ के अभिनय की जमकर सराहना की है और इसे उनके करियर की सबसे प्रभावशाली प्रस्तुतियों में से एक बताया है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल ZEE5 ने स्पष्ट किया है कि फिल्म को भारत में दोबारा उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, इसकी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

यदि कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं, तो दर्शकों को भविष्य में यह फिल्म फिर से देखने का अवसर मिल सकता है।

निष्कर्ष

‘सतलुज’ केवल एक फिल्म नहीं बल्कि इतिहास, मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी बहस का केंद्र बन चुकी है। रिलीज के महज 48 घंटे बाद फिल्म का हटना भारतीय OTT प्लेटफॉर्म, सेंसरशिप और संवेदनशील विषयों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि ZEE5 इसे भारत में दोबारा कब उपलब्ध कराता है।

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