कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सामने चुनौतियों का भंडार, मत्रिमंडल गठन और चुनावी वादों को पूरा करने की चुनौती
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने जा रहे सिद्धारमैया के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी हो गयी हैं। जिसमे सबसे पहले मंत्रिमंडल का गठन और फिर चुनावों के दौरान किये गए पांच गारंटी वादों को पूरा करने की चुनौती सामने है। सिद्धारमैया को पार्टी सहयोगी और उपमुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार को भी साथ लेकर चलना है।
शपथ लेने के बाद सिद्धारमैया के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती है वह है मंत्रिमंडल का गठन। कर्नाटक मंत्रिमंडल में अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में कई विधायक मंत्री बनने के इच्छुक हैं जो आस लगा कर बैठे हैं। ऐसे समय पर सिद्धारमैया के सामने यह चुनौती होगी कि वह ऐसे मंत्रीमंडल का गठन करे। जिसमे सभी समुदाय, क्षेत्र और गुटों के अलावा नए व पुरानी पीढ़ी के विधायकों को साधा जा सके। यह कार्य सिद्धारमैया के लिए बहुत ही कठिन कार्य होगा।
सिद्धारमैया के सामने दूसरी चुनौती है सभी समुदाय के लोगों को साथ लेकर चलना। पार्टी के अनुसार विधानसभा चुनाव में सभी समुदायों ने बड़े पैमाने पर पार्टी का समर्थन किया। ऐसे में सभी की अपनी अपनी इच्छाएं होंगी और सिद्धारमैया को सभी को साथ में लेकर चलना होगा। कोंग्रस पार्टी में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री पद के लिए कई दावेदार थे। लेकिन कोंग्रस के केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया कि डीके शिवकुमार ही उपमुख्यमंत्री होंगे। जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नाराज भी हैं।
जी परमेश्वर की चेतावनी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को चेतावनी दी है कि उपमुख्यमंत्री का पद किसी दलित को मिलना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो उनकी प्रतिकूल प्रतिक्रिया होगी, जिससे से पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने संवादाताओं से कहा कि वह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ही पदों के लिए आकांक्षी था। लेकिन हमें पार्टी के आलाकमानों के फैसले का पालन करना है। इसलिए अब यह देखना है कि पार्टी आगे क्या फैसला लेती है। अभी उन्होंने दो के लिए घोषणा की है। अभी यह देखना और इंतज़ार करना होगा कि वे मंत्रिमंडल का विस्तार कैसे करेंगे।
लिंगायत के 39 विधायक, वोक्कालिगा के 21 विधायक, अनुसूचित जाति के 22, अनुसूचित जनजाति के 15, मुस्लिम के 9 और कुरुबा के 8 विधायक समेत अन्य विधायक भी कर्नाटक के मंत्रिमंडल में प्रमुख भूमिका की मांग कर रहे हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने शानदार जीत हासिल की। और 224 विधानसभा सीटों में से 135 सीटों पर जीत हासिल की।

