क्या रालोद पश्चिमी यूपी में भीम आर्मी के साथ मिलकर लड़ सकती है लोकसभा चुनाव, जिससे बीजेपी को हो सकता है खतरा
रालोद प्रमुख जयंत चौधरी अपने पुरे दमखम से लोकसभा चुनाव की तैयारी में लगे हुए है। अभी हाल ही में भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आज़ाद द्वारा दिल्ली में किये गए धरना प्रदर्शन में जयंत चौधरी शामिल हुए। इस धरना प्रदर्शन में कई दिग्गज नेता भी पहुंचे थे। यहाँ पर जयंत चौधरी ने जाट-दलित-मुस्लिम गठजोड़ के संकेत भी दिए थे। अब आगे देखने की बात यह है कि क्या इन दोनों की जोड़ी लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए कितनी मुश्किल कड़ी कर सकती है। क्या जयंत चौधरी और चंद्र शेखर आज़ाद की जोड़ी इस लोकसभा चुनाव में कुछ गुल खिला पायेगी।
दरअसल भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आज़ाद पर देवबंद में हुए हमले के विरोध में दिल्ली के जंतरमंतर पर धरना हुआ था। जिसमे जयंत चौधरी भी पहुंचे थे, वहां पर जयंत चौधरी ने कहा कि जल्द ही चंद्र शेखर संसद में नजर आएंगे। जयंत चौधरी के इस वयान से बीजेपी की नजर फिर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर टिक गयी है। क्योंकि जहाँ जयंत चौधरी की पकड़ जाट समाज पर बहुत अच्छी है, वहीँ चंद्र शेखर की पकड़ दलित समाज में बहुत अच्छी है।
जयंत और चंद्र शेखर की जोड़ी के कारण बीजेपी के दो नेता केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और यूपी के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल की साख दांव पर है। ये दोनों नेता मुजफ्फरनगर और शामली से आते हैं। क्योकि इन दोनों सीटों पर इस बार जाट-दलित-मुस्लिम गठजोड़ के संकेत सपा गठबंधन की ओर दे रहे हैं। क्योकि सहारनपुर समेत वेस्ट यूपी में दलित समाज का काफी वोट प्रभाव रहा है और इसके लिए आर्मी चीफ चंद्र शेखर वोट साधने में लगे हुए हैं।
अभी हाल ही में खतौली में हुए उपचुनाव में जयंत चौधरी ने सपा और आजाद समाज पार्टी के साथ मिल कर जीत हासिल की। जयंत चौधरी ने इस सीट को बीजेपी से उसके दिग्गज नेताओं के डेरा डालने के बाद भी जीत लिया था।

