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नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम को लागू करने को लेकर महाराष्ट्र में बबाल

महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रिय शिक्षा नीति के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से राज्य बोर्ड के स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम का लागू करने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य सभी शैक्षणिक संस्थानों में एकरूपता और मानकीकरण लाना है। महाराष्ट्र सरकार की इस घोषणा से महाराष्ट्र की सियासत में घमासान मच गया है। कांग्रेस पार्टी ने सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि शिवाजी के शौर्य को बताने के लिए मुगलों के बारे में बताना पडे़गा।

सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस नेता नितिन राउत ने कहा, “हमें महाराष्ट्र में नेशनल एजुकेशन पॉलिसी मंजूर नहीं है। सरकार एनईपी के जरिए इतिहास को बदलने और छिपाने की कोशिश कर रही है। शिवाजी के शौर्य को बताने के लिए मुगलों के बारे में बताना पडे़गा।”

वहीं बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने कहा, “हम मुगलों का इतिहास नहीं पढ़ाएंगे, मुस्लिम सुल्तान, शहंशाह का इतिहास पढ़ाने की जरूरत नहीं है। हम महाराष्ट्र के बच्चों को भारत का इतिहास पढ़ाएंगे।”

सरकार की घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम को महाराष्ट्र में लागू किया जायेगा। शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से इस नए पाठ्यक्रम को कक्षा 3 से 12वीं तक फेज वाइज लागू किया जाएगा।  फिलहाल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम को आंशिक रूप से लागू करने का फैसला लिया गया है, संपूर्ण पाठ्यक्रम को लागू करने के संदर्भ में विचार-विमर्श चल रहा है, जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

राज्य शिक्षा मंत्री ने की घोषणा

महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने घोषणा करते हुए कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से राज्यभर के सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पैटर्न लागू किया जाएगा। सरकार ने राज्य में छात्रों की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। उन्होंने ये ऐलान संचालन समिति द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के संबंध में राज्य पाठ्यक्रम रूपरेखा को मंजूरी देने के बाद किया है।

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