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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अपडेट: अब सिर्फ 4 LPG सिलेंडरों पर मिलेगी सब्सिडी, जानिए गरीब परिवारों पर क्या होगा असर

पीएम उज्ज्वला योजना में बदलाव का ग्राफिक: सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की संख्या 9 से घटाकर 4 की गई।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली LPG सब्सिडी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या को घटाकर 9 से सिर्फ 4 कर दिया है। नया नियम 8 जून 2026 से लागू हो चुका है। अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में केवल पहले चार 14.2 किलोग्राम LPG सिलेंडरों पर ही ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी, जबकि इसके बाद खरीदे जाने वाले सभी सिलेंडरों के लिए पूरी बाजार कीमत चुकानी होगी।

इस फैसले का असर देशभर के करीब 10.5 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थी परिवारों पर पड़ सकता है, खासकर उन परिवारों पर जिनकी सालाना गैस खपत अधिक है।

क्या बदला है उज्ज्वला योजना में?

सरकार के नए फैसले के अनुसार:

  • साल में केवल 4 LPG सिलेंडरों पर ही ₹300 प्रति सिलेंडर सब्सिडी मिलेगी।
  • अतिरिक्त सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदने होंगे।
  • सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।
  • चार सिलेंडरों पर कुल सालाना सब्सिडी ₹1200 होगी।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि उज्ज्वला योजना के अधिकांश लाभार्थी परिवार औसतन साल में लगभग 4 सिलेंडरों का ही उपयोग करते हैं। इसी आंकड़े को आधार बनाकर सब्सिडी को वास्तविक खपत के अनुरूप किया गया है।

सरकार के अनुसार इस फैसले के पीछे प्रमुख कारण हैं:

1. वास्तविक खपत के अनुसार सब्सिडी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अधिकांश लाभार्थी चार सिलेंडरों से ज्यादा उपयोग नहीं करते। इसलिए अतिरिक्त सब्सिडी की आवश्यकता कम महसूस की गई।

2. सब्सिडी के दुरुपयोग पर रोक

कुछ मामलों में घरेलू LPG सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग और डायवर्जन की शिकायतें सामने आई थीं। नई व्यवस्था से ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

3. बढ़ती अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतें

वैश्विक बाजार में LPG की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और आयात लागत बढ़ने से सरकार पर सब्सिडी का दबाव बढ़ रहा था।

4. सरकारी खर्च में कमी

सरकार का मानना है कि इस कदम से सब्सिडी पर होने वाला खर्च कम होगा और बचाए गए संसाधनों का उपयोग अन्य कल्याणकारी योजनाओं में किया जा सकेगा।

उज्ज्वला योजना की शुरुआत से अब तक का सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2016 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था।

समय के साथ सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में बदलाव हुआ:

  • शुरुआत में: 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर
  • बाद में: 9 सब्सिडी वाले सिलेंडर
  • अब: केवल 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर

आज देश में 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन सक्रिय हैं।

गरीब परिवारों पर क्या पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे परिवारों पर इस बदलाव का प्रभाव सीमित हो सकता है, लेकिन बड़े परिवारों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार साल में 6 से 8 सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। ऐसे परिवारों को अब अतिरिक्त सिलेंडर बाजार मूल्य पर खरीदने होंगे, जिससे घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है।

कुछ सामाजिक संगठनों का कहना है कि महंगाई के दौर में यह फैसला गरीब परिवारों की आर्थिक चुनौतियां बढ़ा सकता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रभाव

उज्ज्वला योजना ने ग्रामीण महिलाओं को लकड़ी और कोयले के धुएं से काफी हद तक राहत दिलाई है। विशेषज्ञों को आशंका है कि यदि LPG महंगी लगेगी तो कुछ परिवार दोबारा पारंपरिक ईंधनों का उपयोग शुरू कर सकते हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की राय

ऊर्जा और आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि सरकार को बड़े परिवारों और अधिक खपत वाले गरीब उपभोक्ताओं के लिए विशेष प्रावधानों पर विचार करना चाहिए।

विशेषज्ञों के सुझाव:

  • बड़े परिवारों को अतिरिक्त सब्सिडी दी जाए।
  • LPG कीमतों को स्थिर रखने के उपाय किए जाएं।
  • बायोगैस, सोलर कुकर और इंडक्शन कुकिंग को बढ़ावा दिया जाए।
  • सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ाई जाए।

आगे क्या?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी जारी रहेगी और योजना बंद नहीं की जा रही है। भविष्य में खपत और उपयोग के आंकड़ों के आधार पर इस व्यवस्था की समीक्षा भी की जा सकती है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने देश के करोड़ों गरीब परिवारों तक स्वच्छ रसोई ईंधन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 करने का फैसला सरकारी खर्च कम करने और वास्तविक खपत के आधार पर लिया गया है, लेकिन इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जिनकी गैस खपत अधिक है। आने वाले समय में इस फैसले का वास्तविक प्रभाव ग्रामीण परिवारों और उनके घरेलू बजट पर साफ दिखाई देगा।

1. PM उज्ज्वला योजना में नया बदलाव क्या है?

अब लाभार्थियों को साल में केवल 4 LPG सिलेंडरों पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी।

2. नया नियम कब से लागू हुआ है?

यह नियम 8 जून 2026 से प्रभावी हो चुका है।

3. क्या सब्सिडी की राशि कम हुई है?

नहीं, प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी पहले की तरह जारी रहेगी।

4. उज्ज्वला योजना के कितने लाभार्थी प्रभावित होंगे?

देशभर के लगभग 10.5 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थी परिवार इस बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं।

5. क्या भविष्य में सरकार इस फैसले की समीक्षा कर सकती है?

सरकार ने संकेत दिए हैं कि खपत के आंकड़ों और परिस्थितियों के आधार पर भविष्य में समीक्षा संभव है।

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