राम मंदिर चंदा विवाद: राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं पर FIR, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
राम मंदिर के चंदे को लेकर संसद परिसर में हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि सरकार आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय विपक्षी नेताओं पर कानूनी कार्रवाई करने में ज्यादा रुचि दिखा रही है। इस पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।
संसद में प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी समेत कई नेताओं पर दर्ज हुई FIR
वाराणसी में कुछ साधु-संतों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने राहुल गांधी, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। शिकायत संसद परिसर में किए गए एक सांकेतिक प्रदर्शन को लेकर दर्ज कराई गई है।
बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने मंदिर के पुजारी का वेश धारण किया था। उनके साथ अन्य विपक्षी सांसद भी मौजूद थे। प्रदर्शन में एक सांकेतिक दान पेटी का इस्तेमाल करते हुए राम मंदिर के लिए मिले चंदे के कथित दुरुपयोग का मुद्दा उठाया गया। विपक्ष का कहना था कि मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के उपयोग में पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हालांकि, इस प्रदर्शन पर आपत्ति जताते हुए शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस का पलटवार, पवन खेड़ा बोले- असली सवालों से ध्यान भटका रही सरकार
FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज कराने में व्यस्त है, जबकि राम मंदिर के चंदे से जुड़े आरोपों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
खेड़ा ने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसे मामलों को नजरअंदाज करने से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है।
इस विवाद के बाद दिल्ली में भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विपक्षी सांसदों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज सहित कई नेताओं ने आरोप लगाया कि संसद में किए गए प्रदर्शन से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। दिल्ली में भी पप्पू यादव के खिलाफ अलग से पुलिस शिकायत दर्ज की गई है। अब इस पूरे मामले की जांच अलग-अलग स्तर पर जारी है।
परिसीमन के मुद्दे पर भी कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने
राम मंदिर चंदा विवाद के साथ-साथ कांग्रेस ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा है। पवन खेड़ा ने राहुल गांधी के हालिया बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि जिन राज्यों की लोकसभा सीटों या राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है, उन्हें इस प्रस्ताव का विरोध करने का अधिकार है।
हाल ही में तमिलनाडु के दौरे के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का उद्देश्य कुछ राज्यों की राजनीतिक ताकत को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन वर्तमान प्रस्तावों के अनुसार लागू किया गया, तो तमिलनाडु जैसे राज्यों का प्रभाव कम हो सकता है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के जरिए लोगों के राजनीतिक अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, जो लोग बिना सवाल उठाए परिसीमन का समर्थन कर रहे हैं, वे उन राज्यों के हितों के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं जिन पर इसका असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, बीजेपी का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है। पार्टी का दावा है कि सरकार संविधान और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही आगे बढ़ रही है।
राम मंदिर चंदा विवाद और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इन दोनों मामलों पर देश की राजनीति में और अधिक बहस देखने को मिल सकती है।

