Headlines

ऋषभ पंत ने रचा इतिहास: विदेशी टेस्ट में धोनी को पछाड़ बने भारत के नंबर-1 विकेटकीपर

टेस्ट मैच की सफेद जर्सी में बल्लेबाज़ी करते ऋषभ पंत का न्यूज़ ग्राफ़िक, जिसमें विदेशी टेस्ट में धोनी को पछाड़कर नंबर-1 विकेटकीपर बनने की जानकारी है - News Critic

ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने विदेशी मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट में एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया।

पंत अब विदेशी या तटस्थ मैदानों पर सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर बन गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 63 रन की शानदार पारी के दौरान हासिल की।

ऋषभ पंत रिकॉर्ड ने बनाया नया इतिहास

ऋषभ पंत ने कोलंबो टेस्ट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एमएस धोनी का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। विदेशी या तटस्थ मैदानों पर टेस्ट में भारतीय विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अब पंत के नाम है।

पंत ने इस मामले में धोनी को पीछे छोड़ा। धोनी ने विदेशी और तटस्थ मैदानों पर कुल 2496 टेस्ट रन बनाए थे।

पंत ने 2500 रन का आंकड़ा पार करते ही नया रिकॉर्ड बना दिया। इस तरह वह इस उपलब्धि तक पहुंचने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए।

कोलंबो टेस्ट में 63 रन की पारी

पंत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 63 रन की पारी खेली। उनकी पारी उस समय आई, जब टीम को मध्यक्रम में मजबूती की जरूरत थी।

खास बात यह रही कि पंत पहले दिन हाथ में चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए थे। इसके बावजूद उन्होंने अगले दिन वापसी की और अर्धशतक लगाया।

पंत ने ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर 112 रन की अहम साझेदारी भी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूती दी।

धोनी के 2496 रन का रिकॉर्ड टूटा

एमएस धोनी ने अपने टेस्ट करियर में कई यादगार रिकॉर्ड बनाए। विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में विदेशी मैदानों पर उनका प्रदर्शन भी शानदार रहा।

धोनी ने विदेशी या तटस्थ मैदानों पर टेस्ट में 2496 रन बनाए थे। लंबे समय तक कोई भारतीय विकेटकीपर इस आंकड़े को पार नहीं कर पाया था।

अब पंत ने यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनके आंकड़े यह भी बताते हैं कि विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा है।

पंत का औसत भी बेहतर

विदेशी टेस्ट में रन बनाने के मामले में पंत ने धोनी को पीछे छोड़ा ही है। औसत के मामले में भी वह आगे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पंत ने विदेशी मैदानों पर करीब 42 के औसत से रन बनाए हैं। वहीं, धोनी का औसत 32.84 रहा था।

यह आंकड़ा पंत की बल्लेबाजी की निरंतरता को दिखाता है। खासकर विदेशी परिस्थितियों में उन्होंने कई बार टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं।

पंत ने चोट के बावजूद दिखाया दम

कोलंबो टेस्ट में पंत के लिए शुरुआत आसान नहीं थी। पहले दिन हाथ में चोट लगने के बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा।

इसके बाद उनके मैदान पर लौटने को लेकर सवाल थे। हालांकि, पंत ने अगले दिन बल्लेबाजी के लिए वापसी की।

उन्होंने 63 रन बनाकर टीम को अहम योगदान दिया। इसी पारी के दौरान उन्होंने धोनी का विदेशी टेस्ट रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि पंत ने चोट के बावजूद आक्रामक अंदाज नहीं छोड़ा। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर साबित किया कि वह मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

भारतीय विकेटकीपरों में सबसे आगे निकले

विदेशी टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपरों की सूची में पंत अब पहले स्थान पर पहुंच गए हैं।

उनके बाद एमएस धोनी का नाम आता है। वहीं, फारुख इंजीनियर और सैयद किरमानी जैसे दिग्गज भी इस सूची में शामिल हैं।

भारतीय विकेटकीपरों में विदेशी मैदानों पर सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने की सूची इस प्रकार है:

  • ऋषभ पंत – 2500 से ज्यादा रन
  • एमएस धोनी – 2496 रन
  • फारुख इंजीनियर – 1209 रन
  • सैयद किरमानी – 1109 रन

पंत की यह उपलब्धि भारतीय टेस्ट क्रिकेट में उनकी खास जगह को दिखाती है।

पंत के टेस्ट करियर पर एक नजर

ऋषभ पंत ने कम समय में टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग में भी खुद को मजबूत किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, पंत ने अब तक 52 टेस्ट मैचों में 3725 रन बनाए हैं। उनके नाम आठ टेस्ट शतक और 21 अर्धशतक हैं।

दूसरी ओर, एमएस धोनी ने अपने टेस्ट करियर में 90 मैच खेले और 4876 रन बनाए। उनके नाम छह शतक और 33 अर्धशतक थे।

पंत अभी धोनी के कुल टेस्ट रन से काफी पीछे हैं। लेकिन विदेशी मैदानों पर भारतीय विकेटकीपर के रूप में उन्होंने धोनी का रिकॉर्ड जरूर अपने नाम कर लिया है।

पंत पहले भी तोड़ चुके हैं धोनी के रिकॉर्ड

यह पहली बार नहीं है जब पंत ने धोनी का रिकॉर्ड तोड़ा है। इससे पहले भी वह टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर धोनी से आगे निकल चुके हैं।

पंत ने 2025 में टेस्ट शतकों के मामले में धोनी को पीछे छोड़ा था। धोनी ने टेस्ट में छह शतक लगाए थे, जबकि पंत ने सातवां शतक लगाकर नया भारतीय रिकॉर्ड बनाया था।

अब पंत के नाम टेस्ट में आठ शतक हो चुके हैं। इससे उनकी उपलब्धियों की सूची और लंबी हो गई है।

पंत का आक्रामक अंदाज बना पहचान

पंत की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा आकर्षण उनका आक्रामक अंदाज है। वह दबाव में भी बड़े शॉट खेलने से पीछे नहीं हटते।

टेस्ट क्रिकेट में उनका यह तरीका कई बार भारत के लिए फायदेमंद रहा है। विदेशी मैदानों पर भी उन्होंने मैच का रुख बदलने वाली पारियां खेली हैं।

इसी वजह से उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में गिना जाता है।

विदेशी मैदानों पर पंत का प्रदर्शन क्यों खास?

विदेशी पिचों पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं होता। तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिल सकती है और परिस्थितियां भी जल्दी बदलती हैं।

इसके बावजूद पंत ने विदेशी दौरों पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब श्रीलंका में उनकी पारियों ने उनकी क्षमता को दिखाया है।

धोनी का रिकॉर्ड तोड़ना इसी निरंतरता का नतीजा है। यह उपलब्धि बताती है कि पंत ने विदेशी परिस्थितियों में खुद को सफल विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है।

पंत और जुरेल की साझेदारी भी रही अहम

कोलंबो टेस्ट में पंत ने ध्रुव जुरेल के साथ 112 रन की साझेदारी की। दोनों ने भारतीय पारी को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

जुरेल भी इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। पंत के साथ उनकी साझेदारी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया।

पंत के लिए यह साझेदारी व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही।

आगे पंत के सामने कई रिकॉर्ड

ऋषभ पंत अभी 28 साल के हैं और उनका टेस्ट करियर आगे काफी लंबा हो सकता है। ऐसे में उनके सामने कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है।

धोनी के कुल 4876 टेस्ट रन से पंत अभी पीछे हैं। हालांकि, मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए वह आने वाले वर्षों में इस आंकड़े के करीब पहुंच सकते हैं।

इसके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पंत कई बड़े रिकॉर्ड की दौड़ में हैं।

पंत की उपलब्धियां

ऋषभ पंत के नाम अब कई खास उपलब्धियां दर्ज हो चुकी हैं:

  • विदेशी टेस्ट में 2500 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर।
  • विदेशी टेस्ट में एमएस धोनी का 2496 रन का रिकॉर्ड तोड़ा।
  • टेस्ट में भारत के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज।
  • टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज।
  • चोट के बावजूद कोलंबो टेस्ट में 63 रन की अहम पारी खेली।

निष्कर्ष

ऋषभ पंत रिकॉर्ड की सूची में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उन्होंने कोलंबो टेस्ट में एमएस धोनी को पीछे छोड़ते हुए विदेशी और तटस्थ मैदानों पर सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय विकेटकीपर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

पंत ने यह उपलब्धि चोट के बीच हासिल की। उनकी 63 रन की पारी और ध्रुव जुरेल के साथ 112 रन की साझेदारी ने भी टीम के लिए अहम योगदान दिया।

धोनी भारतीय क्रिकेट के महान विकेटकीपर बल्लेबाज रहे हैं। अब पंत लगातार उनके कई रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं। विदेशी टेस्ट में यह नया रिकॉर्ड उनके टेस्ट करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *