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वंदे मातरम् के 150 वर्ष: भोपाल में 1 सितंबर को 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रयास, 40+ वाद्य यंत्रों से प्रस्तुति

वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर भोपाल में 40 से अधिक वाद्य यंत्रों के साथ 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास का पोस्टर - न्यूज़ क्रिटिक

भोपाल में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 सितंबर 2026 को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। डीबी सिटी मॉल में होने वाले इस आयोजन में संगीत, सामूहिक गायन और कथक नृत्य के जरिए तीन विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।

इस आयोजन में एक कलाकार द्वारा 40 से अधिक वाद्य यंत्र बजाने, 200 से अधिक लोगों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन और 200 से अधिक कथक कलाकारों की एक साथ प्रस्तुति शामिल है। कार्यक्रम का समय शाम 4 बजे से 7 बजे तक बताया गया है।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर भोपाल में खास आयोजन

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए 7 नवंबर 2025 से 7 नवंबर 2026 तक वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव की घोषणा की है।

इसी क्रम में भोपाल में भी संगीत और भारतीय शास्त्रीय कला को केंद्र में रखकर विशेष आयोजन किया जा रहा है। विविधा अकादमी के अनुसार, 1 सितंबर को एक ही मंच पर तीन अलग-अलग विश्व रिकॉर्ड प्रयास किए जाएंगे।

आयोजन का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि भारतीय संगीत, सामूहिक गायन और कथक जैसी पारंपरिक कला विधाओं को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करना भी है।

1 सितंबर को होंगे तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रयास

आयोजकों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में तीन अलग-अलग श्रेणियों में रिकॉर्ड बनाने का प्रयास होगा। इनमें संगीत, गायन और नृत्य तीनों विधाओं को शामिल किया गया है।

तीनों प्रमुख प्रयास इस प्रकार हैं:

  • एक कलाकार द्वारा 40 से अधिक वाद्य यंत्रों की रिले प्रस्तुति
  • 200 से अधिक गायकों का ‘वंदे मातरम्’ सामूहिक गायन
  • 200 से अधिक कथक कलाकारों की एक साथ प्रस्तुति

इन प्रयासों को एक ही कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत करने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार रिकॉर्ड प्रयासों के लिए कलाकारों की रिहर्सल भी चल रही है।

एक कलाकार, 40 से अधिक वाद्य यंत्र

कार्यक्रम का सबसे अलग आकर्षण एक कलाकार की बहु-वाद्य प्रस्तुति होगी। संगीतकार अभय तिवारी 40 से अधिक वाद्य यंत्रों को एक के बाद एक रिले शैली में बजाने का प्रयास करेंगे।

आयोजकों की वेबसाइट पर इस प्रस्तुति के लिए कीबोर्ड, गिटार, वायलिन, बांसुरी, तबला और हारमोनियम सहित कई वाद्य यंत्रों का उल्लेख किया गया है। इसका उद्देश्य एक ही कलाकार द्वारा अधिक से अधिक वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति का रिकॉर्ड प्रयास करना है।

अभय तिवारी को कार्यक्रम में संगीत निर्देशक और बहु-वाद्य कलाकार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आयोजकों के अनुसार उन्हें संगीत क्षेत्र में 25 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

200 से अधिक आवाजों में गूंजेगा वंदे मातरम्

वंदे मातरम् के 150 वर्ष के इस आयोजन में सामूहिक गायन भी प्रमुख हिस्सा होगा। आयोजकों के अनुसार 200 से अधिक गायक एक साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति देंगे।

इस सामूहिक गायन को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है। इसे संगीत निर्देशक अभय तिवारी के निर्देशन में प्रस्तुत करने की जानकारी दी गई है।

सामूहिक गायन का उद्देश्य अलग-अलग आवाजों को एक सुर में जोड़ना है। आयोजन की तैयारियों से जुड़े सोशल मीडिया अपडेट में 200 से अधिक आवाजों के साथ ‘वंदे मातरम्’ की रिहर्सल का उल्लेख भी किया गया है।

राष्ट्रगीत के साथ जुड़ी ऐतिहासिक विरासत

‘वंदे मातरम्’ का भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में विशेष स्थान रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की यह रचना पहली बार 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में प्रकाशित हुई थी। बाद में इसे उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में भी शामिल किया गया।

राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ को इसी ऐतिहासिक यात्रा की स्मृति के रूप में मनाया जा रहा है। केंद्र सरकार के वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव में देशभर में सामूहिक गायन और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

200 से अधिक कथक कलाकार भी दिखाएंगे हुनर

संगीत और गायन के साथ कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक की भी बड़ी प्रस्तुति होगी। आयोजकों के अनुसार 200 से अधिक कथक कलाकार एक साथ प्रस्तुति देकर विश्व रिकॉर्ड का प्रयास करेंगे।

यह प्रस्तुति ‘वंदे मातरम्’ की धुन और भाव के साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को जोड़ने का प्रयास होगी। इसे गुरु अभिलाषा तिवारी के निर्देशन में तैयार किया जा रहा है।

पहले भी विश्व रिकॉर्ड बना चुकी है अकादमी

विविधा अकादमी के अनुसार संस्था ने इससे पहले भी विश्व रिकॉर्ड दर्ज कराया है। 20 जुलाई 2025 को 124 कथक कलाकारों ने लगातार 12 घंटे की रिले प्रस्तुति दी थी, जिसे Golden Book of World Records में दर्ज किए जाने की जानकारी अकादमी ने दी है।

इस पिछली उपलब्धि के बाद 2026 में तीन नए रिकॉर्ड प्रयासों की तैयारी की गई है। इससे आयोजन को लेकर कलाकारों और कला प्रेमियों के बीच उत्साह बढ़ा है।

भोपाल में शाम 4 बजे से होगा कार्यक्रम

आयोजकों की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक तीनों विश्व रिकॉर्ड प्रयास 1 सितंबर 2026 को डीबी सिटी मॉल, भोपाल में आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का निर्धारित समय शाम 4 बजे से 7 बजे तक है।

कार्यक्रम में संगीतकारों, गायकों और कथक कलाकारों के साथ बड़ी संख्या में युवा प्रतिभाओं के शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और पहचान दिए जाने की भी जानकारी साझा की है।

इस आयोजन में भारतीय संस्कृति की तीन अलग-अलग अभिव्यक्तियां एक साथ देखने को मिलेंगी। संगीत के वाद्य यंत्र, सामूहिक स्वर और कथक की लय एक ही मंच पर प्रस्तुत होंगे।

क्यों खास है यह आयोजन?

भोपाल में होने वाला यह कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केवल एक कला विधा को केंद्र में नहीं रखा गया है। संगीत, गायन और शास्त्रीय नृत्य को एक साथ जोड़कर बड़े पैमाने पर प्रस्तुति की योजना बनाई गई है।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष के अवसर पर होने वाला यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी माध्यम बन सकता है। खास तौर पर सामूहिक गायन और कथक प्रस्तुति में बड़ी संख्या में युवा कलाकारों की भागीदारी इसे व्यापक स्वरूप देती है।

आयोजन में दिखेगी भारतीय कला की विविधता

भारत की सांस्कृतिक परंपरा में संगीत और नृत्य का महत्वपूर्ण स्थान है। इस कार्यक्रम में अलग-अलग वाद्य यंत्रों की प्रस्तुति से लेकर सामूहिक गायन और कथक तक, कई कलाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में उभरते कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय स्तर पर कला और संगीत से जुड़े युवाओं को मंच मिलने की संभावना है।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष का संदेश

वंदे मातरम् केवल एक ऐतिहासिक रचना नहीं है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में इसने लोगों में राष्ट्रीय चेतना और एकजुटता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। केंद्र सरकार भी 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्मरणोत्सव में इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित कर रही है।

भोपाल का यह आयोजन उसी विरासत को संगीत और नृत्य की आधुनिक मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से सामने लाने का प्रयास है। तीन विश्व रिकॉर्ड प्रयासों के जरिए आयोजक इस अवसर को यादगार बनाने की तैयारी में हैं।

निष्कर्ष

वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 सितंबर को भोपाल में होने वाला यह कार्यक्रम संगीत, सामूहिक गायन और कथक का बड़ा संगम होगा। 40 से अधिक वाद्य यंत्रों की रिले प्रस्तुति, 200 से अधिक गायकों का सामूहिक गायन और 200 से अधिक कथक कलाकारों की प्रस्तुति तीन प्रमुख आकर्षण होंगे।

डीबी सिटी मॉल में होने वाला यह आयोजन रिकॉर्ड बनाने के प्रयास के साथ भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर भी देगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि 1 सितंबर को भोपाल में होने वाले ये तीनों प्रयास विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो पाते हैं या नहीं।

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