एम्स भोपाल में रोज 6-7 हजार मरीज, दूसरा MRI-कैथ लैब जल्द; 30 नवंबर तक शुरू होगा PET-CT
राजधानी भोपाल स्थित All India Institute of Medical Sciences Bhopal में मरीजों की बढ़ती संख्या के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। एम्स भोपाल की ओपीडी में रोजाना करीब 6 से 7 हजार मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि लगभग 1 हजार मरीज अलग-अलग विभागों में भर्ती होते हैं।
मरीजों को आधुनिक जांच और उपचार की सुविधा देने के लिए दूसरा 3 टेस्ला MRI, अतिरिक्त कैथ लैब और PET-CT समेत कई नई सुविधाएं शुरू करने की तैयारी है। PET-CT सुविधा 30 नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
एम्स भोपाल में लगातार बढ़ रहा मरीजों का दबाव
एम्स भोपाल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए भी बड़े चिकित्सा केंद्र के रूप में उभर रहा है। अस्पताल में रोजाना 6 से 7 हजार मरीज ओपीडी में इलाज और परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं।
मरीजों की इस बड़ी संख्या के कारण जांच और उपचार की सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन अब मौजूदा संसाधनों के विस्तार के साथ नई अत्याधुनिक मशीनें और चिकित्सा सुविधाएं जोड़ने पर काम कर रहा है।
एम्स प्रशासन के अनुसार, आने वाले समय में मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े और गंभीर बीमारियों का इलाज एक ही संस्थान में उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।
दूसरा MRI और कैथ लैब जल्द
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एम्स भोपाल में दूसरी 3 टेस्ला MRI मशीन स्थापित की जा रही है। MRI जांच शरीर के अंदर मौजूद कई तरह की बीमारियों और जटिलताओं की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दूसरी MRI मशीन शुरू होने के बाद जांच की क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को स्लॉट के लिए कम इंतजार करना पड़ सकता है। इससे खासतौर पर ऐसे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद जल्द MRI कराने की जरूरत होती है।
इसी तरह अस्पताल में एक अतिरिक्त कैथ लैब भी तैयार की जा रही है। कैथ लैब का इस्तेमाल हृदय से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जांच और प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है। अतिरिक्त लैब शुरू होने से कार्डियक मरीजों के लिए उपचार क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
अस्पताल की योजना अगले चरण में दो MRI और दो कैथ लैब के साथ चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की है।
30 नवंबर तक शुरू हो सकती है PET-CT सुविधा
एम्स भोपाल में सबसे महत्वपूर्ण नई सुविधाओं में PET-CT को माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक PET-CT सुविधा 30 नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
PET-CT खासतौर पर कैंसर की जांच और बीमारी की स्थिति का आकलन करने में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे डॉक्टरों को यह समझने में मदद मिलती है कि शरीर में बीमारी कहां तक फैली है और इलाज की दिशा क्या होनी चाहिए।
फिलहाल PET-CT जैसी जांच के लिए कई मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ता है, जहां इसका खर्च काफी अधिक हो सकता है। एम्स भोपाल में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को सरकारी संस्थान में अपेक्षाकृत किफायती दर पर उन्नत जांच उपलब्ध होने की उम्मीद है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी फरवरी 2026 में बताया था कि एम्स भोपाल में PET-CT सुविधा शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है।
कैंसर मरीजों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं
PET-CT के अलावा एम्स भोपाल में कैंसर उपचार से जुड़ी अन्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। अस्पताल में दूसरा LINAC स्थापित करने की योजना है, जिससे रेडियोथेरेपी की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
कैंसर मरीजों के लिए उन्नत जांच और उपचार सुविधाएं एक ही संस्थान में उपलब्ध होने से इलाज की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। खासकर उन मरीजों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें जांच और उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
एम्स भोपाल में पहले से न्यूक्लियर मेडिसिन से जुड़ी उन्नत जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार के अनुसार, संस्थान मध्यप्रदेश का ऐसा सरकारी संस्थान है जहां न्यूक्लियर मेडिसिन तकनीक के माध्यम से उन्नत पूरे शरीर की जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नवंबर तक रोबोटिक सर्जरी शुरू होने की उम्मीद
एम्स भोपाल में केवल जांच सुविधाओं का ही विस्तार नहीं किया जा रहा, बल्कि आधुनिक सर्जरी की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अस्पताल में दा विंची रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।
इस सिस्टम के नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण, स्थापना और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसका इस्तेमाल यूरोलॉजी समेत उन विभागों में किया जा सकता है, जहां रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी उपयुक्त होती है।
रोबोटिक सर्जरी का उद्देश्य छोटे चीरे के जरिए अधिक सटीक प्रक्रिया करने में मदद करना है। हालांकि हर मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी जरूरी या उपयुक्त नहीं होती, इसलिए इसका इस्तेमाल डॉक्टर की चिकित्सकीय सलाह के आधार पर किया जाएगा।
Gamma Knife से ब्रेन ट्यूमर के इलाज की तैयारी
एम्स भोपाल में Gamma Knife सुविधा भी विकसित की जा रही है। इसके मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
Gamma Knife एक अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी तकनीक है, जिसका इस्तेमाल कुछ खास तरह के ब्रेन ट्यूमर और मस्तिष्क से जुड़ी अन्य स्थितियों के इलाज में किया जाता है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद जटिल न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एम्स भोपाल की क्षमता और बढ़ सकती है।
WhatsApp से मिलेंगी कई अस्पताल सेवाएं
एम्स भोपाल ने मरीजों की सुविधा के लिए डिजिटल सेवाओं का भी विस्तार किया है। अस्पताल की WhatsApp आधारित सेवा के जरिए मरीज OPD अपॉइंटमेंट, लैब रिपोर्ट, डिस्चार्ज समरी और कुछ प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं का लाभ घर से ले सकते हैं।
इसका उद्देश्य छोटी-छोटी सेवाओं के लिए मरीजों को बार-बार अस्पताल आने से बचाना है। इससे विशेष रूप से दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सुविधा मिल सकती है।
अस्पताल में PACS यानी Picture Archiving and Communication System की खरीद भी अंतिम चरण में बताई गई है। इसके जरिए मेडिकल इमेज और जांच रिपोर्ट को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और डॉक्टरों को उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
एम्स भोपाल में बढ़ रही विशेषज्ञ सेवाओं की क्षमता
अस्पताल में नई मशीनों और तकनीक के साथ विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। संस्थान में अब तक 3 हृदय और 26 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
एम्स भोपाल का लक्ष्य आने वाले समय में मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुरूप चिकित्सा, जांच और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक के साथ रिसर्च और विशेषज्ञ चिकित्सा पर भी जोर दिया जा रहा है।
मरीजों को क्या फायदा होगा?
नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद एम्स भोपाल आने वाले मरीजों को कई स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।
- दूसरी MRI मशीन से जांच की क्षमता बढ़ेगी।
- अतिरिक्त कैथ लैब से हृदय संबंधी सेवाओं का विस्तार होगा।
- PET-CT से कैंसर की उन्नत जांच की सुविधा मिलेगी।
- दूसरे LINAC से रेडियोथेरेपी की क्षमता बढ़ सकती है।
- Gamma Knife से चुनिंदा ब्रेन ट्यूमर के मरीजों को नई उपचार सुविधा मिलेगी।
- रोबोटिक सर्जरी से आधुनिक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रियाओं की सुविधा बढ़ेगी।
- डिजिटल और WhatsApp सेवाओं से अस्पताल के अनावश्यक चक्कर कम हो सकते हैं।
मध्यप्रदेश के मरीजों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद
एम्स भोपाल में रोजाना हजारों मरीजों की मौजूदगी बताती है कि संस्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नई जांच मशीनों और आधुनिक उपचार सुविधाओं का विस्तार केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
सबसे ज्यादा उम्मीद PET-CT, दूसरी MRI और अतिरिक्त कैथ लैब को लेकर है। यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार ये सुविधाएं शुरू होती हैं, तो मरीजों को उन्नत जांच और उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़ सकता है।
निष्कर्ष
एम्स भोपाल में रोजाना 6 से 7 हजार मरीजों की ओपीडी और करीब 1 हजार मरीजों के भर्ती होने के बीच अस्पताल का विस्तार समय की जरूरत बन गया है। दूसरा MRI, अतिरिक्त कैथ लैब, PET-CT, दूसरा LINAC, Gamma Knife और रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाएं इसी दिशा में बड़ा कदम हैं।
खास तौर पर PET-CT के 30 नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद कैंसर मरीजों के लिए अहम है। आने वाले महीनों में इन सुविधाओं के शुरू होने के साथ एम्स भोपाल मध्यप्रदेश में आधुनिक और किफायती चिकित्सा सेवाओं का एक और मजबूत केंद्र बन सकता है।

