यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी एयर स्ट्राइक, 3 की मौत और 5 घायल; कई इलाकों में धमाके
कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव में मंगलवार, 1 सितंबर की रात रूसी हवाई हमला हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले में 3 लोगों की मौत हुई और 5 लोग घायल हुए। शहर में कई जगह तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी।
हमले के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। इसके बाद राजधानी में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
कीव में रातभर सुनाई दिए धमाके
रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अगस्त की रात से 1 सितंबर की सुबह तक कीव में कई बार एयर रेड अलर्ट जारी हुआ।
हमले के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में धमाकों की आवाज सुनी गई। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की।
रूसी हमलों की यह लगातार छठी रात बताई जा रही है, जिसमें कीव और आसपास के इलाकों को निशाना बनाया गया।
शुरुआत में 3 मौत और 5 घायल होने की जानकारी
कीव सिटी मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन की शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले में 3 लोगों की मौत हुई और 5 लोग घायल हुए थे। यह जानकारी हमले के शुरुआती घंटों में सामने आई थी।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई।
हालांकि, राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या में बदलाव की खबरें आने लगीं।
बाद में बढ़ा मौतों का आंकड़ा
बाद की रिपोर्टों में कीव शहर और आसपास के क्षेत्र में मृतकों की संख्या ज्यादा बताई गई।
Reuters ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि कीव और आसपास के क्षेत्र में हमले में कई लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए। कीव शहर में भी शुरुआती आंकड़ों के मुकाबले बाद में मृतकों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई।
इसलिए शुरुआती 3 मौत और 5 घायल का आंकड़ा उस समय की स्थिति को दर्शाता है। अंतिम आंकड़े बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकते हैं।
मिसाइल और ड्रोन से किया गया हमला
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने हमले में अलग-अलग तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया।
इनमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन भी शामिल थे। यूक्रेनी वायुसेना ने कई हवाई लक्ष्यों को रोकने या निष्क्रिय करने का दावा किया है।
इसके बावजूद कुछ स्थानों पर मलबा गिरने और नुकसान होने की जानकारी सामने आई।
रेलवे और अन्य ठिकाने भी प्रभावित
रिपोर्टों के मुताबिक, कीव में हमले से रेलवे से जुड़ी सुविधाएं भी प्रभावित हुईं।
बाद की रिपोर्टों में यूक्रेनी रेलवे के कर्मचारियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई। इसके अलावा राजधानी के अलग-अलग जिलों में इमारतों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबर है।
हमले के बाद राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में पहुंच गए।
आसपास के इलाके में भी नुकसान
रूसी हमला केवल कीव शहर तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के आसपास के कीव क्षेत्र में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की जानकारी सामने आई।
Reuters के अनुसार, बोरिस्पिल इलाके में भी एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। वहां एक अपार्टमेंट बिल्डिंग और व्यावसायिक परिसर को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई।
लगातार छठे दिन जारी रहे हमले
कीव में यह हमला ऐसे समय हुआ है जब राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार कई दिनों से रूसी हवाई हमले हो रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कीव में एयर रेड अलर्ट की संख्या काफी बढ़ी है। रूस की ओर से ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमले किए जा रहे हैं।
इस वजह से राजधानी में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राहत और बचाव अभियान जारी
हमले के बाद आपातकालीन सेवाओं की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचीं।
राहतकर्मी मलबे की जांच कर रहे हैं और प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों को एयर रेड अलर्ट के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल नुकसान का पूरा आकलन किया जा रहा है।
यूक्रेन ने एयर डिफेंस को लेकर जताई चिंता
लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन की ओर से एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने की मांग भी की जा रही है।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी हमलों के बाद अतिरिक्त एयर डिफेंस क्षमता की जरूरत पर जोर दिया है।
यूक्रेन का कहना है कि लगातार हो रहे हवाई हमलों का मुकाबला करने के लिए ज्यादा प्रभावी रक्षा प्रणालियों की जरूरत है।
निष्कर्ष
यूक्रेन की राजधानी कीव पर 1 सितंबर की रात रूसी हवाई हमला हुआ। शुरुआती जानकारी में 3 लोगों की मौत और 5 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी। बाद में अधिकारियों और समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट में मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की जानकारी मिली।
हमले में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी है। कीव के अलावा आसपास के इलाकों में भी नुकसान हुआ है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि युद्ध के दौरान शुरुआती आंकड़े तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए अंतिम सरकारी आंकड़ों का इंतजार करना महत्वपूर्ण है।

