Headlines

मुंबई में CNG ₹2 महंगी, PNG के दाम भी बढ़े; जानें नया रेट और वजह

मुंबई में सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारणों और नए रेट्स को दर्शाता इन्फोग्राफिक - न्यूज़ क्रिटिक

मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने CNG और घरेलू PNG की कीमतों में बढ़ोतरी की है। 1 सितंबर 2026 से CNG ₹2 प्रति किलो महंगी होकर ₹88 प्रति किलो हो गई है, जबकि घरेलू PNG की कीमत ₹1 प्रति SCM बढ़कर ₹53 प्रति SCM हो गई है।

कंपनी ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे इनपुट गैस की बढ़ती लागत को प्रमुख वजह बताया है। खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदी जाने वाली स्पॉट RLNG की कीमतों में तेजी का असर MGL की लागत पर पड़ा है।

मुंबई CNG कीमत बढ़कर ₹88 प्रति किलो

MGL के नए रेट के मुताबिक मुंबई और उसके आसपास CNG अब ₹88 प्रति किलो मिलेगी। इससे पहले CNG की कीमत ₹86 प्रति किलो थी। यानी वाहन चालकों को हर किलो CNG के लिए अब ₹2 ज्यादा चुकाने होंगे।

यह बढ़ोतरी सिर्फ निजी कार मालिकों तक सीमित नहीं रहेगी। मुंबई और MGL के दूसरे परिचालन क्षेत्रों में CNG से चलने वाले ऑटो, टैक्सी, निजी वाहन और अन्य कमर्शियल वाहनों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।

MGL के अनुसार उसके नेटवर्क पर करीब 13 लाख CNG वाहन निर्भर हैं। इनमें महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, लातूर और धाराशिव के अलावा कर्नाटक के चित्रदुर्ग और दावणगेरे क्षेत्र के वाहन भी शामिल हैं।

PNG के दाम भी बढ़े

CNG के साथ-साथ घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। घरेलू PNG अब ₹53 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की दर से मिलेगी, जो पहले के मुकाबले ₹1 ज्यादा है।

PNG का इस्तेमाल मुख्य रूप से घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है। ऐसे में इसका असर मुंबई और आसपास के इलाकों के उन लाखों परिवारों पर पड़ेगा, जो पाइप के जरिए गैस की सप्लाई लेते हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक MGL के करीब 30 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इसलिए PNG में ₹1 की बढ़ोतरी भी बड़ी संख्या में परिवारों के मासिक गैस बिल को प्रभावित कर सकती है।

1 सितंबर से लागू हुए नए रेट

MGL ने CNG और PNG की नई कीमतें 1 सितंबर 2026 से लागू की हैं। कंपनी की ओर से यह बदलाव तत्काल प्रभाव से किया गया है।

नई कीमतों को आसान भाषा में ऐसे समझें:

  • CNG: ₹86 से बढ़कर ₹88 प्रति किलो
  • CNG में बढ़ोतरी: ₹2 प्रति किलो
  • घरेलू PNG: ₹52 से बढ़कर ₹53 प्रति SCM
  • PNG में बढ़ोतरी: ₹1 प्रति SCM
  • नई दर लागू: 1 सितंबर 2026 से

यानी अब CNG वाहन चलाने वालों को हर रिफिल पर पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना होगा, जबकि PNG उपभोक्ताओं के घरेलू गैस बिल में भी बढ़ोतरी होगी।

CNG और PNG महंगी क्यों हुई?

MGL ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे बढ़ती इनपुट गैस लागत को मुख्य कारण बताया है। कंपनी के अनुसार मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों से जुड़ी लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है।

CNG की मांग भी मजबूत बनी हुई है। इस मांग को पूरा करने के लिए गैस के एक बड़े हिस्से की पूर्ति आयातित स्पॉट RLNG के जरिए की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत बढ़ने से MGL की खरीद लागत भी बढ़ी है।

कंपनी का कहना है कि CNG की कीमत में ₹2 की बढ़ोतरी बढ़ी हुई इनपुट लागत को पूरी तरह नहीं, बल्कि आंशिक रूप से ही संतुलित करेगी। इसका उद्देश्य ग्राहकों को CNG की निरंतर और स्थायी आपूर्ति बनाए रखना है।

ऑटो और टैक्सी चालकों पर पड़ेगा ज्यादा असर

CNG की कीमत बढ़ने का सबसे सीधा असर रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों पर पड़ सकता है। खासकर ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए ईंधन रोजाना का बड़ा खर्च होता है।

मान लीजिए कोई वाहन रोजाना 5 किलो CNG इस्तेमाल करता है। ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी के हिसाब से उसका दैनिक ईंधन खर्च करीब ₹10 बढ़ जाएगा। महीने में लगातार वाहन चलाने पर यह अतिरिक्त खर्च और ज्यादा हो सकता है।

हालांकि CNG की कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि ऑटो या टैक्सी का किराया भी अपने आप बढ़ जाएगा। किराए में बदलाव के लिए संबंधित परिवहन प्राधिकरण और लागू नियमों के अनुसार अलग फैसला लेना होता है।

आम परिवारों पर PNG बढ़ोतरी का असर

PNG की कीमत में ₹1 प्रति SCM की बढ़ोतरी देखने में छोटी लग सकती है, लेकिन नियमित घरेलू खपत वाले परिवारों पर इसका असर मासिक बिल में दिखाई देगा।

किसी परिवार का PNG इस्तेमाल जितना ज्यादा होगा, बिल में बढ़ोतरी भी उसी अनुपात में होगी। हालांकि वास्तविक अतिरिक्त भुगतान परिवार की खपत और बिलिंग व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

PNG का फायदा यह है कि घरों में सिलेंडर की तरह गैस खत्म होने और सिलेंडर बदलने की परेशानी नहीं होती। लेकिन कीमत बढ़ने के बाद परिवारों को अपने मासिक घरेलू बजट में अतिरिक्त खर्च का हिसाब रखना होगा।

क्या आगे भी बढ़ सकते हैं CNG और PNG के दाम?

फिलहाल भविष्य में और बढ़ोतरी को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं हुई है। CNG और PNG की कीमतों पर सबसे बड़ा असर प्राकृतिक गैस की खरीद लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति का पड़ता है।

अगर अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो शहरों में गैस वितरण कंपनियों की लागत पर दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, अगर वैश्विक बाजार में कीमतें नीचे आती हैं और गैस की आपूर्ति सामान्य होती है, तो लागत का दबाव कम हो सकता है।

इसलिए मुंबई के उपभोक्ताओं के लिए आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार और MGL की अगली कीमत समीक्षा महत्वपूर्ण रहेगी।

दिल्ली के बाद मुंबई में भी बढ़े CNG के दाम

मुंबई में CNG कीमत बढ़ने से कुछ दिन पहले दिल्ली-NCR में भी CNG महंगी हुई थी। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने 29 अगस्त 2026 से दिल्ली में CNG की कीमत ₹3.89 प्रति किलो बढ़ाकर ₹86.98 प्रति किलो कर दी थी।

इससे पहले दिल्ली में CNG ₹83.09 प्रति किलो थी। कंपनी ने वहां भी बढ़ती इनपुट लागत और अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार की स्थिति को कीमत बढ़ोतरी की वजह बताया था।

हालांकि दिल्ली, मुंबई और दूसरे शहरों में CNG की कीमत एक जैसी नहीं होती। स्थानीय कर, वितरण लागत और संबंधित गैस कंपनी की सप्लाई व्यवस्था के कारण अलग-अलग शहरों में अलग रेट लागू होते हैं।

मुंबई वालों की जेब पर कितना असर?

मुंबई में CNG की कीमत ₹2 प्रति किलो बढ़ने का असर हर उपभोक्ता पर अलग-अलग होगा। जो लोग कम दूरी के लिए वाहन चलाते हैं, उनके मासिक खर्च में मामूली वृद्धि हो सकती है।

वहीं रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन मालिकों और कमर्शियल ड्राइवरों पर इसका असर ज्यादा होगा। ऑटो और टैक्सी ऑपरेटरों के लिए ईंधन लागत बढ़ने से उनके परिचालन खर्च में सीधा इजाफा होगा।

इसी तरह PNG का असर परिवार की मासिक गैस खपत पर निर्भर करेगा। ज्यादा खपत वाले घरों को नई दर के कारण पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ेगा।

निष्कर्ष

मुंबई में CNG और PNG के नए रेट 1 सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं। CNG की कीमत ₹2 बढ़कर ₹88 प्रति किलो और घरेलू PNG की कीमत ₹1 बढ़कर ₹53 प्रति SCM हो गई है।

MGL ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और आयातित स्पॉट RLNG की बढ़ती लागत को वजह बताया है। इसका असर करीब 13 लाख CNG वाहनों और लगभग 30 लाख घरेलू PNG उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।

आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि सितंबर से वाहन ईंधन और घरेलू गैस पर थोड़ा ज्यादा खर्च करना होगा। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों और सप्लाई की स्थिति पर नजर रहेगी, क्योंकि इन्हीं का असर आगे CNG और PNG की कीमतों पर पड़ सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *