बिहार: पटना में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादव, बांटे 500-500 रुपये
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। इसी बीच पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पटना के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कई जरूरतमंद लोगों को तत्काल मदद के तौर पर 500-500 रुपये दिए।
एलसीटी घाट और दीघा घाट पहुंचे पप्पू यादव
पप्पू यादव शनिवार को पटना के एलसीटी घाट और दीघा घाट के आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के कारण परेशान हैं और कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
सांसद ने प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने लोगों से उनकी जरूरतों और राहत व्यवस्था को लेकर भी जानकारी ली।
बाढ़ पीड़ितों को दी 500-500 रुपये की मदद
पप्पू यादव ने मौके पर कई बाढ़ पीड़ितों को व्यक्तिगत रूप से 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता दी। यह मदद ऐसे समय में दी गई है, जब बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के सामने भोजन, दवा और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है।
मदद पाने वाले लोगों ने अपनी समस्याएं सांसद के सामने रखीं। पप्पू यादव ने प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिया।
पटना में लगातार बिगड़ रही बाढ़ की स्थिति
पटना में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गांधी घाट पर नदी का जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंच गया, जो 2016 के 50.52 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
बाढ़ का असर गंगा किनारे बसे इलाकों के साथ-साथ दियारा क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और राहत शिविरों में व्यवस्थाएं की गई हैं।
सरकार ने तेज किए राहत और बचाव अभियान
बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज किया है। राज्य में एनडीआरएफ की 6 और एसडीआरएफ की 27 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा करीब 700 सरकारी नावों का इस्तेमाल राहत, बचाव और लोगों की आवाजाही के लिए किया जा रहा है।
पटना समेत कई प्रभावित इलाकों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और बाढ़ के पानी से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पप्पू यादव ने राहत व्यवस्था पर उठाए सवाल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान पप्पू यादव ने लोगों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि संकट की घड़ी में प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचना सबसे जरूरी है।
उनका यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब बिहार के कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य सरकार भी स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है।
मुख्यमंत्री ने भी किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी 4 सितंबर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया था। उन्होंने गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर के साथ-साथ दियारा और निचले इलाकों की स्थिति का जायजा लिया तथा अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज रखने के निर्देश दिए।
प्रशासन का ध्यान फिलहाल प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराने तथा जलस्तर पर लगातार नजर रखने पर है।
लोगों के लिए बढ़ी मुश्किलें
पटना और आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के सामने कई तरह की परेशानियां हैं। घरों में पानी घुसने के अलावा आवागमन, पशुओं की सुरक्षा, पीने के पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
ऐसे में स्थानीय स्तर पर मिलने वाली आर्थिक और राहत सहायता प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत का काम कर रही है। हालांकि, लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लंबे समय तक राहत और पुनर्वास की जरूरत पड़ सकती है।
निष्कर्ष
पटना में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच पप्पू यादव का बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा चर्चा में है। उन्होंने एलसीटी घाट और दीघा घाट के आसपास पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और कई लोगों को 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता दी।
वहीं, गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पार कर चुका है और प्रशासन राहत-बचाव अभियान में जुटा है। आने वाले दिनों में जलस्तर और मौसम की स्थिति को देखते हुए पटना के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

