दिल्ली SIR में आडवाणी समेत सभी VVIPs का वेरिफिकेशन पूरा, नहीं कटेगा नाम
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया जारी है। इसी बीच कई प्रमुख मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा हो गया है।
लालकृष्ण आडवाणी, एस. जयशंकर, जगदीप धनखड़ और अरविंद केजरीवाल समेत कई नामों की जांच हुई। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद इनके नाम अंतिम सूची के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
आडवाणी समेत कई VVIPs का वेरिफिकेशन पूरा
दिल्ली SIR के दौरान कई प्रमुख लोगों को नोटिस मिला था। अब उनके विवरण का फील्ड वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है।
इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी शामिल हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर का नाम भी इस सूची में था।
इसके अलावा, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का भी सत्यापन किया गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद इन प्रमुख मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
क्यों जारी किए गए थे नोटिस?
SIR के दौरान मतदाताओं के विवरण की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया में कुछ रिकॉर्ड पुराने डेटा से मेल नहीं खा पाए।
कई मामलों में 2002 की दिल्ली SIR सूची से जानकारी का मिलान नहीं हुआ। इसके अलावा, नाम और अन्य विवरण में विसंगतियां भी मिलीं।
इसी वजह से कुछ प्रमुख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए। नोटिस का उद्देश्य जरूरी जानकारी और दस्तावेजों का सत्यापन करना था।
चुनाव अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने का मतलब नाम हटना नहीं है। मतदाता को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है।
घर जाकर किया गया फील्ड वेरिफिकेशन
नोटिस के बाद चुनाव अधिकारियों की टीमों ने सत्यापन किया। बूथ लेवल अधिकारियों ने कई मामलों में घर जाकर जानकारी जांची।
इस दौरान मतदाता के विवरण और उपलब्ध रिकॉर्ड को देखा गया। जरूरी दस्तावेजों के आधार पर जानकारी की पुष्टि की गई।
सत्यापन के बाद अधिकारियों ने संबंधित रिकॉर्ड को आगे की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा। अब अंतिम मतदाता सूची तैयार होने के साथ स्थिति और साफ होगी।
इस प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची में सही जानकारी रखना है। साथ ही, पात्र मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करना भी इसका हिस्सा है।
अंतिम मतदाता सूची में शामिल होंगे नाम
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद प्रमुख मतदाताओं के नाम अंतिम सूची के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इसका मतलब है कि जांच की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है। इसी सूची में सत्यापित मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे।
हालांकि, अंतिम सूची के प्रकाशन तक चुनाव प्रक्रिया के निर्धारित चरण जारी रहेंगे। इसलिए मतदाता सूची से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर ध्यान देना जरूरी है।
दिल्ली SIR में लाखों मतदाताओं को नोटिस
दिल्ली SIR की प्रक्रिया केवल VVIPs तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में सामान्य मतदाताओं के रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 33.13 लाख मतदाताओं को उनके विवरण में विसंगतियों के कारण नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है।
दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 97 लाख से ज्यादा मतदाता शामिल हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिनका पुराने डेटा से मिलान नहीं हो पाया।
इसलिए SIR की प्रक्रिया काफी व्यापक है। इसका असर केवल चर्चित नामों तक सीमित नहीं है।
नोटिस मिलने का मतलब नाम कटना नहीं
SIR को लेकर एक अहम बात चुनाव अधिकारियों ने साफ की है। नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम सीधे काट दिया जाएगा।
किसी नाम को हटाने से पहले संबंधित मतदाता को सुनवाई का मौका देना जरूरी है। इसके बाद ही नियमों के अनुसार फैसला लिया जा सकता है।
यानी नोटिस एक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे सीधे नाम हटाने की कार्रवाई नहीं माना जा सकता।
यह स्पष्टीकरण कई प्रमुख मतदाताओं के मामले में भी लागू होता है। अधिकारियों ने सत्यापन के बाद उनके नाम अंतिम सूची के लिए सुरक्षित रखे हैं।
रेखा गुप्ता और केजरीवाल का भी सत्यापन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी SIR प्रक्रिया में सामने आया था। उनके विवरण में भी सत्यापन की जरूरत बताई गई थी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार से जुड़े नामों को लेकर भी नोटिस की जानकारी सामने आई थी।
अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद प्रमुख मतदाताओं के विवरण को आगे की प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा गया है।
इससे साफ है कि SIR के तहत सभी रिकॉर्ड एक प्रक्रिया के जरिए जांचे जा रहे हैं। नाम और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई होती है।
SIR में रिकॉर्ड की जांच क्यों जरूरी?
मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इसलिए इसमें सही और अपडेट जानकारी रखना जरूरी होता है।
SIR के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जानकारी का मिलान किया जा रहा है। जहां अंतर मिलता है, वहां मतदाता से जरूरी जानकारी मांगी जाती है।
इसके अलावा, गलत या अधूरी जानकारी को ठीक करने का मौका भी दिया जाता है। इससे अंतिम मतदाता सूची को अपडेट करने में मदद मिलती है।
वहीं, मतदाताओं के लिए भी जरूरी है कि वे अपने रिकॉर्ड की जानकारी रखें। किसी नोटिस की स्थिति में समय पर जवाब देना महत्वपूर्ण है।
अंतिम सूची पर रहेगी नजर
अब दिल्ली SIR की अंतिम प्रक्रिया पर नजर रहेगी। सत्यापित मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, जिन प्रमुख मतदाताओं का फील्ड वेरिफिकेशन पूरा हो गया है, उनके नाम सुरक्षित रखे गए हैं।
इसमें आडवाणी, जयशंकर, धनखड़, रेखा गुप्ता और केजरीवाल समेत कई नाम शामिल हैं।
इसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। तब दिल्ली के मतदाता रिकॉर्ड की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
दिल्ली SIR के तहत कई प्रमुख मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा हो गया है। इनमें लालकृष्ण आडवाणी, एस. जयशंकर और जगदीप धनखड़ जैसे नाम शामिल हैं।
रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल समेत अन्य प्रमुख मतदाताओं का रिकॉर्ड भी सत्यापित किया गया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के बाद नाम अंतिम सूची के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
SIR में नोटिस मिलने का मतलब सीधे नाम कटना नहीं है। संबंधित मतदाता को सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया का मौका मिलता है।
अब सभी की नजर दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची पर है। यह सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।

