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छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और बाढ़ का कहर, 17 से ज्यादा जिलों में बिगड़े हालात

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से 17 से ज्यादा जिलों में बिगड़े हालात, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी - News Critic

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश ने कई जिलों में मुश्किल बढ़ा दी है। लगातार बारिश के बाद नदियां और नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।

बस्तर से लेकर रायपुर और दुर्ग तक हालात प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से बिगड़े हालात

प्रदेश में पिछले दिनों हुई तेज बारिश का असर अब कई इलाकों में दिख रहा है। नदी और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 571 गांवों में बाढ़ का असर पहुंचा है। इन गांवों में 22,377 लोग प्रभावित हुए हैं।

राहत टीमों ने अब तक 16,074 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कई इलाकों में अभी भी बचाव अभियान जारी है।

बस्तर और बीजापुर जैसे क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यहां कुछ इलाकों तक पहुंचना भी मुश्किल है।

173 राहत शिविर बनाए गए

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है।

ताजा जानकारी के अनुसार, 173 राहत शिविरों में 17,540 लोग रह रहे हैं। यहां स्वास्थ्य जांच और दवाओं की सुविधा भी दी जा रही है।

इसके अलावा, प्रशासन नुकसान का सर्वे भी कर रहा है। बाढ़ से 199 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

वहीं, 1,155 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व विभाग की टीमें भी काम कर रही हैं।

बस्तर में बाढ़ से सबसे ज्यादा असर

बस्तर में भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इससे नदी किनारे के इलाकों में खतरा बढ़ गया।

रविवार शाम तक बस्तर में 43 राहत शिविरों में 5,000 से ज्यादा लोग रह रहे थे। प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया था। इसलिए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया।

हेलीकॉप्टर से भी हो रहा रेस्क्यू

बस्तर में कुछ लोग ऐसे इलाकों में फंसे थे, जहां सड़क से पहुंचना मुश्किल था। ऐसे मामलों में हेलीकॉप्टर की मदद ली गई।

डोंगाघाट क्षेत्र में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया। पिछले दो दिनों में प्रदेश में करीब 5,000 लोगों को बचाया गया है।

इनमें 16 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला गया। बाकी लोगों को सड़क और नाव की मदद से बाहर लाया गया।

रायपुर में भी बढ़ा नदी का जलस्तर

रायपुर जिले में भी बारिश का असर देखने को मिला है। खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में पानी पहुंचा।

रायपुर-दुर्ग मार्ग पर पुराना पुल भी पानी में डूब गया। इसके बाद पुल से आवाजाही रोकनी पड़ी।

महादेव घाट के आसपास भी पानी का असर दिखाई दिया। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए कुछ रास्तों पर आवाजाही सीमित की।

वहीं, अभनपुर क्षेत्र के कई गांव भी प्रभावित हुए। करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों तक पहुंचाया गया।

दुर्ग में भी राहत अभियान जारी

दुर्ग जिले में भी कई इलाकों में पानी भर गया। कई घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया था।

प्रशासन के अनुसार, करीब 764 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इन लोगों को 16 अस्थायी राहत शिविरों में रखा गया।

एसडीआरएफ की टीम ने कई जगह मोटरबोट से रेस्क्यू किया। एक अभियान में सात महीने की बच्ची समेत तीन महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया।

रायगढ़ में महानदी का जलस्तर बढ़ा

रायगढ़ जिले में भी बारिश के कारण हालात बिगड़े हैं। महानदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी पहुंचा।

पुसौर क्षेत्र के कुछ गांवों में खेत और सड़कें पानी में डूब गईं। इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

कलमा बैराज के पास भी जलस्तर बढ़ा। प्रशासन ने नदी किनारे के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।

ग्रामीणों को नदी और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी है।

कई जिलों में बारिश का असर

छत्तीसगढ़ में बारिश का असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। बस्तर, रायपुर और दुर्ग के अलावा कई दूसरे जिले भी प्रभावित हुए हैं।

मौसम विभाग ने करीब 17 जिलों में बारिश की संभावना जताई थी। इनमें रायपुर, दुर्ग, बस्तर, कांकेर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जैसे जिले शामिल हैं।

इसके अलावा, बलौदाबाजार, कोरबा, मुंगेली और कबीरधाम में भी बारिश की संभावना रही। सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में भी मौसम पर नजर रखी गई।

हालांकि, अब बारिश की तीव्रता कम होने के संकेत हैं। फिर भी कई नदियों में पानी का स्तर ऊंचा बना हुआ है।

भारी बारिश के बाद रेस्क्यू अभियान तेज

बारिश कम होने के बाद भी राहत कार्य पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसका कारण ऊपरी इलाकों से लगातार पानी आना है।

इसके अलावा, कुछ बांधों से पानी छोड़े जाने का असर भी नदी के जलस्तर पर पड़ा है। इसलिए कई इलाकों में अभी सावधानी बरती जा रही है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं। जिला प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है।

नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह

प्रशासन ने लोगों से नदी और नालों के पास नहीं जाने की अपील की है। तेज बहाव वाले पानी को पार करने से भी बचने को कहा गया है।

बारिश के दौरान पुलों और छोटी पुलियाओं पर जाना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए लोगों को सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने दी बारिश में कमी की जानकारी

मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। हालांकि, कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कुछ क्षेत्रों में गरज और चमक के साथ बारिश की संभावना भी बनी हुई है। तेज हवा चलने का अनुमान भी जताया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना मौसम सिस्टम आगे बढ़ चुका है। इसके कमजोर होने की संभावना है।

अभी पूरी तरह नहीं टली परेशानी

बारिश कम होने से राहत जरूर मिल सकती है। हालांकि, नदियों में जमा पानी को कम होने में समय लगेगा।

इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अभी सतर्क रहना जरूरी है। प्रशासन भी जलस्तर और मौसम की लगातार निगरानी कर रहा है।

बाढ़ से घरों और फसलों को नुकसान

लगातार बारिश से कई गांवों में घरों को नुकसान पहुंचा है। कुछ इलाकों में खेतों में भी पानी भर गया है।

प्रशासन अब नुकसान का आकलन कर रहा है। इसके आधार पर प्रभावित लोगों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

ग्रामीण इलाकों में सड़क और संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। ऐसे में राहत टीमों के सामने प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।

फिलहाल प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है। इसके बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। खासकर नदी और नाले के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

बिना जरूरत बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाने से बचना चाहिए। बच्चों को भी नदी और जलभराव वाले स्थानों से दूर रखना जरूरी है।

इसके अलावा, प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करना बेहतर है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में भारी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। 571 गांवों के 22,377 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, 16,074 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बस्तर, रायपुर, दुर्ग और रायगढ़ समेत कई इलाकों में राहत अभियान जारी है। कई जगह हेलीकॉप्टर और नावों की मदद भी ली जा रही है।

मौसम में अब सुधार के संकेत हैं। फिर भी नदियों का जलस्तर ऊंचा है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।

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