उत्तराखंड में बर्फबारी से 136 पर्वतारोही फंसे: यूपी के गोंडा-बदायूं में पुल डूबे; बिहार के 2 जिलों में बाढ़, 82 हजार लोग प्रभावित
उत्तराखंड में बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों में मुश्किल बढ़ा दी है। उत्तरकाशी में 136 पर्वतारोही, ट्रेकर और सहयोगी स्टाफ फंसे हैं। वहीं, यूपी और बिहार में भी बारिश के बाद बाढ़ का असर दिख रहा है।
प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उत्तराखंड में बर्फबारी से 136 लोग फंसे
उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदला है। भारी बर्फबारी के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यहां कुल 136 लोग अलग-अलग जगहों पर मौजूद हैं। इनमें पर्वतारोही, ट्रेकर और सहयोगी स्टाफ शामिल हैं।
इन लोगों में 89 सदस्य हाई अल्टीट्यूड अभियान का हिस्सा हैं। वहीं, 18 लोग कालिंदी पास बेस कैंप पर हैं।
इसके अलावा, 29 लोग ऑडिन्स कोल पास बेस कैंप पर मौजूद हैं। खराब मौसम के कारण इन इलाकों से निकलना मुश्किल हो गया है।
प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान
फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू किया है। इसमें कई विभागों की टीमें शामिल हैं।
एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हैं। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की मदद भी ली जा रही है।
प्रशासन लगातार फंसे लोगों से संपर्क कर रहा है। इसके लिए सैटेलाइट संचार की मदद भी ली जा रही है।
फिलहाल सभी लोगों की सुरक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। उनके लिए राशन, पानी और जरूरी सामान की व्यवस्था की गई है।
हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालने की तैयारी
मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जा रहा है। सोमवार को ऑडिन्स कोल बेस कैंप से पांच लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
बाकी लोगों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार निकाला जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी है।
वहीं, उत्तराखंड के बागेश्वर में भी 43 ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थान पर रोका गया है। इस तरह राज्य में कुल 179 ट्रेकर्स और पर्वतारोही प्रभावित बताए गए हैं।
चारधाम यात्रा भी प्रभावित
खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। भारी बारिश और बर्फबारी के कारण यात्रा को रोकना पड़ा है।
कई जगह भूस्खलन से सड़कें भी प्रभावित हुई हैं। ऐसे में यात्रियों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। साथ ही, मौसम और सड़क की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने को कहा गया है।
यूपी में बारिश से पुल और सड़कें प्रभावित
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश से हालात बिगड़े हैं। कई जिलों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
गोंडा और बदायूं में पानी बढ़ने से पुल और रास्ते प्रभावित हुए हैं। कई जगह लोगों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है।
गोंडा में बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की खबर है। जिले में तेज बारिश के साथ पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
बदायूं में भी लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हुआ है। जिले में बारिश का असर सड़क और खेती पर भी दिखाई दे रहा है।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
यूपी के कई जिलों में सोमवार को भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।
बदायूं, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।
इस वजह से प्रशासन भी सतर्क है। लोगों को जलभराव और तेज बहाव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
बिहार में 82 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार में भी बारिश ने परेशानी बढ़ाई है। नेपाल में हुई भारी बारिश का असर सीमावर्ती जिलों में दिखाई दे रहा है।
सुपौल और पश्चिम चंपारण में करीब 82 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। यह जानकारी बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग के हवाले से सामने आई है।
बाढ़ का असर 11 प्रखंडों और 23 ग्राम पंचायतों में बताया गया है। कई निचले इलाकों में पानी फैल गया है।
गंडक, कोसी और बागमती जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ा है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ी है।
173 नावों से चल रहा राहत अभियान
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। लोगों की आवाजाही के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, 173 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई भी चलाई जा रही हैं।
सरकार की ओर से राहत टीमों को भी सक्रिय किया गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
नेपाल की बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर
बिहार के हालात पर नेपाल की बारिश का भी असर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों से नेपाल के कई इलाकों में तेज बारिश हुई है।
इसके बाद बिहार की सीमा से आने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ा है। खासकर गंडक और कोसी नदी के आसपास सतर्कता बढ़ाई गई है।
पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के आसपास कई निचले इलाके प्रभावित हुए हैं। वहीं, सुपौल में कोसी के कारण भी कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बनी है।
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। लोगों को नदी और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने को कहा गया है।
तीन राज्यों में मौसम ने बढ़ाई परेशानी
उत्तराखंड में बर्फबारी ने पर्वतारोहियों की मुश्किल बढ़ाई है। यूपी में बारिश के कारण सड़क और पुल प्रभावित हुए हैं।
वहीं, बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति बनी है। तीनों राज्यों में प्रशासन राहत कार्यों पर नजर रख रहा है।
उत्तराखंड में रेस्क्यू टीमों का फोकस फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर है। यूपी में जलभराव और बारिश प्रभावित इलाकों की निगरानी हो रही है।
बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
बारिश और बाढ़ के दौरान तेज बहाव वाले पानी में जाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए लोगों को ऐसे रास्तों से बचना चाहिए।
पहाड़ी इलाकों में भी मौसम खराब होने पर यात्रा से बचना जरूरी है। खासकर ट्रेकिंग और पर्वतारोहण के दौरान स्थानीय प्रशासन के निर्देश मानने चाहिए।
प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साथ ही, जरूरी होने पर ही जोखिम वाले इलाकों में यात्रा करनी चाहिए।
आगे भी बनी रहेगी मौसम पर नजर
उत्तराखंड में रेस्क्यू अभियान मौसम पर निर्भर रहेगा। मौसम साफ होने पर हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य तेज किया जा सकता है।
यूपी में भी बारिश और जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वहीं, बिहार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान जारी है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। प्रभावित इलाकों में जरूरी सेवाएं बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में बर्फबारी ने ऊंचाई वाले इलाकों में मुश्किल बढ़ा दी है। उत्तरकाशी में 136 पर्वतारोही, ट्रेकर और सहयोगी स्टाफ फंसे हैं।
उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चल रहा है। दूसरी ओर, यूपी में बारिश से कई इलाकों में परेशानी बढ़ी है।
बिहार के सुपौल और पश्चिम चंपारण में करीब 82 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। ऐसे में तीनों राज्यों में प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

