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इंदौर ड्रग्स का बड़ा खुलासा: काली थार से 5.69 करोड़ की एम्फेटामाइन जब्त, 3 गिरफ्तार

इंदौर में DRI द्वारा काली थार के पहिए से 5.69 करोड़ की एम्फ़ैटेमिन ड्रग्स बरामद और 3 तस्कर गिरफ्तार - News Critic

इंदौर में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ DRI और CBN ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कर्नाटक नंबर की काली महिंद्रा थार से 7.116 किलो एम्फेटामाइन बरामद की है। जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 5.69 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

बताया गया है कि तस्करों ने ड्रग्स को गाड़ी की स्टेपनी के अंदर छिपाया था। जांच के दौरान 21 पैकेट बरामद हुए। यह कार्रवाई 30 सितंबर को इंदौर के पास की गई थी।

इंदौर ड्रग्स मामले में कैसे शुरू हुई कार्रवाई

DRI को सूचना मिली थी कि कर्नाटक नंबर की एक महिंद्रा थार में साइकोट्रोपिक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद DRI और केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की संयुक्त टीम ने उज्जैन-देवास टोल प्लाजा के पास निगरानी शुरू की।

रिपोर्ट के मुताबिक, टीम को संदिग्ध काली थार दिखाई दी। अधिकारियों ने वाहन को रोकने की कोशिश की। हालांकि, चालक ने बैरिकेड तोड़कर गाड़ी भगाने की कोशिश की। इसके बाद टीम ने वाहन का पीछा शुरू कर दिया।

करीब डेढ़ घंटे तक पीछा करने के बाद अधिकारियों ने इंदौर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास थार को रोक लिया। इसके बाद वाहन और उसमें सवार तीनों लोगों को जांच के लिए DRI कार्यालय ले जाया गया।

स्टेपनी में छिपाई गई थी करोड़ों की ड्रग्स

वाहन की तलाशी के दौरान अधिकारियों को ड्रग्स छिपाने का तरीका पता चला। मादक पदार्थ को थार के पीछे लगी स्टेपनी यानी स्पेयर टायर के अंदर छिपाया गया था।

स्टेपनी को खोलने पर उसके अंदर 21 पैकेट मिले। इन पैकेटों में सफेद-पीले रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ था। अधिकारियों ने फील्ड टेस्ट किट से पदार्थ की जांच की। जांच में इसके एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई।

कुल 7.116 किलो एम्फेटामाइन बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.69 करोड़ रुपये है। ड्रग्स के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही महिंद्रा थार को भी जब्त कर लिया गया।

क्या है एम्फेटामाइन और क्यों है चिंता का विषय

एम्फेटामाइन एक सिंथेटिक साइकोट्रोपिक पदार्थ है। इसका अवैध इस्तेमाल नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है। इसके सेवन से शरीर और दिमाग पर गंभीर असर पड़ सकता है।

इसी वजह से बड़ी मात्रा में एम्फेटामाइन की बरामदगी को ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जाता है। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी के कई मामले सामने आए हैं।

नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर के दौरान DRI ने मध्य प्रदेश में एम्फेटामाइन से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की थी। इनमें इंदौर और भोपाल में हुई अलग-अलग बरामदगी शामिल हैं।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, NDPS एक्ट में मामला

DRI ने थार में सवार तीनों लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 यानी NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं। जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में एम्फेटामाइन आरोपियों तक कहां से पहुंची और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि इस खेप को दिल्ली से बेंगलुरु ले जाने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, मामले की आगे की जांच के बाद ही सप्लाई नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आएगी।

डेढ़ घंटे की पीछा कार्रवाई के बाद पकड़ी गई थार

इस मामले में कार्रवाई का एक अहम हिस्सा वाहन का पीछा करना रहा। अधिकारियों ने टोल प्लाजा के पास वाहन को रोकने की कोशिश की थी। लेकिन चालक के बैरिकेड तोड़कर भागने के बाद टीम ने पीछा जारी रखा।

करीब डेढ़ घंटे बाद थार को बिचौली मर्दाना इलाके में रोक लिया गया। इसके बाद गाड़ी की गहन तलाशी की गई। इस तलाशी में स्टेपनी के अंदर छिपाए गए 21 पैकेट मिले।

यह तरीका इसलिए भी अहम है क्योंकि वाहन के सामान्य हिस्सों की जांच में ड्रग्स का पता लगाना आसान नहीं था। अधिकारियों ने स्टेपनी को खोलकर जांच की, जिसके बाद पूरी खेप बरामद हुई।

इंदौर में बढ़ रही सिंथेटिक ड्रग्स पर निगरानी

इंदौर मध्य प्रदेश का बड़ा शहर और महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। ऐसे में अलग-अलग राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।

हाल की कार्रवाई से यह भी सामने आया है कि तस्कर ड्रग्स छिपाने के लिए वाहनों में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। कभी सामान के बीच तो कभी वाहन के छिपे हिस्सों में मादक पदार्थ रखने की कोशिश की जाती है।

DRI और CBN की यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क पर निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस मामले में अभी जांच जारी है। इसलिए ड्रग्स की पूरी सप्लाई चेन और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

आगे की जांच में सामने आएगा पूरा नेटवर्क

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब इस मामले के दूसरे पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसमें ड्रग्स की खरीद, परिवहन और संभावित सप्लाई से जुड़े लोगों की भूमिका शामिल है।

एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि 7.116 किलो एम्फेटामाइन की खेप कहां तैयार हुई और इसे किस नेटवर्क के जरिए आगे भेजा जाना था। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल वाहन और उससे जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं या नहीं, यह जांच की प्रगति पर निर्भर करेगा।

निष्कर्ष

इंदौर में इंदौर ड्रग्स मामले में DRI और CBN की संयुक्त कार्रवाई में 7.116 किलो एम्फेटामाइन बरामद हुई है। इसकी अनुमानित कीमत 5.69 करोड़ रुपये बताई गई है। ड्रग्स को काली महिंद्रा थार की स्टेपनी में 21 पैकेटों के अंदर छिपाया गया था। तीन आरोपियों को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। अब जांच एजेंसियां इस खेप के स्रोत और संभावित सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।

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