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बिहार में आज ‘नीतीश संवाद’ अभियान की शुरुआत, जदयू मनाएगा ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’

बिहार में 'नीतीश संवाद' अभियान की शुरुआत करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू - News Critic

बिहार में गांधी जयंती के मौके पर आज यानी 2 अक्टूबर को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की ओर से ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस बार संवाद का मुख्य विषय ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ रखा गया है। कार्यक्रम बिहार के सभी जिलों में आयोजित करने की तैयारी की गई है।

इस अभियान के केंद्र में बिहार की ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और जीविका कार्यक्रम की दो दशक लंबी यात्रा रहेगी। जदयू का कहना है कि कार्यक्रम के जरिए जीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभव और उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाई जाएंगी।

नीतीश संवाद को लेकर जदयू ने कई जिलों में पहले से तैयारियां पूरी कर ली हैं। अलग-अलग जिलों में पार्टी नेताओं और महिला पदाधिकारियों ने बैठकें कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की है।

आज से शुरू होगा ‘नीतीश संवाद’ अभियान

जदयू ने 2 अक्टूबर को बिहार के सभी जिलों में ‘नीतीश संवाद : जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सितंबर में हुई समीक्षा बैठक में इसकी तैयारियों पर चर्चा की गई थी। जिलों में कार्यक्रम के लिए प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं।

कार्यक्रम को लेकर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार समेत पार्टी के कई नेताओं ने तैयारियों की समीक्षा की थी। पार्टी की महिला इकाई को भी कार्यक्रम से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।

अलग-अलग जिलों से सामने आई जानकारी के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों में जीविका से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। मुजफ्फरपुर में करीब दो हजार जीविका दीदियों को कार्यक्रम में आमंत्रित करने की तैयारी की गई है।

‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ है मुख्य विषय

इस बार नीतीश संवाद का फोकस जीविका कार्यक्रम के 20 वर्षों के सफर पर है। जदयू के अनुसार, जीविका कार्यक्रम की शुरुआत 2006 में हुई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाना था।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के अनुसार, अब 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के जरिए 1.88 करोड़ से अधिक महिलाएं जीविका से जुड़ी हैं। ये आंकड़े जदयू की ओर से कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान साझा किए गए हैं।

जदयू इस कार्यक्रम के जरिए जीविका से जुड़ी महिलाओं की भूमिका और पिछले दो दशकों में हुए बदलावों पर चर्चा करना चाहता है। कार्यक्रम में महिलाओं के अनुभवों को सामने लाने की भी योजना है।

महिलाओं की भागीदारी पर रहेगा विशेष जोर

‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम में महिला भागीदारी को खास महत्व दिया गया है। जदयू ने सभी जिलों में महिला नेताओं और पदाधिकारियों को कार्यक्रम की जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जीविका दीदियों को कार्यक्रम से जोड़ने की तैयारी की गई है।

दरभंगा, भागलपुर, खगड़िया, बांका, कैमूर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कार्यक्रम को लेकर बैठकें और स्थल निरीक्षण किए गए हैं। इससे पता चलता है कि पार्टी ने कार्यक्रम को राज्यव्यापी स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की है।

खगड़िया में कार्यक्रम स्थल की तैयारियां पूरी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, भागलपुर में भी स्थानीय जदयू नेताओं ने आयोजन से पहले बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

नीतीश कुमार के कार्यों पर भी होगी चर्चा

नीतीश संवाद नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में जीविका के साथ-साथ नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान महिला सशक्तीकरण से जुड़े कामों की चर्चा भी होने की संभावना है। जदयू ने पहले ही कहा है कि कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को जीविका की यात्रा और महिलाओं के जीवन में आए बदलावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

पार्टी के नेताओं का कहना है कि जीविका के जरिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर संगठित करने पर जोर दिया गया।

हालांकि, कार्यक्रम के दौरान सामने आने वाले आंकड़ों और दावों को जदयू के पक्ष के रूप में देखना जरूरी है। जीविका के प्रभाव को लेकर अलग-अलग अध्ययनों और सरकारी आंकड़ों में अलग-अलग पहलुओं पर जानकारी मिल सकती है। इसलिए किसी भी दावे का आकलन करते समय उसके स्रोत और संदर्भ को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

बिहार के सभी जिलों में आयोजन की तैयारी

जदयू ने इस कार्यक्रम को सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी की योजना बिहार के सभी जिलों में संवाद आयोजित करने की है। इसके लिए जिलावार प्रभारियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई थी।

स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों की प्रकृति और स्थान अलग-अलग हो सकते हैं। कहीं टाउन हॉल में आयोजन की तैयारी है, तो कहीं निजी परिसर या सभागार में कार्यक्रम रखा गया है। भागलपुर में मौर्य विवाह भवन और बांका में चंद्रशेखर सिंह नगर भवन में कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी सामने आई है।

इससे साफ है कि नीतीश संवाद को जदयू ने राज्यभर में एक साथ आयोजित करने की योजना बनाई है। इसका मुख्य विषय जीविका और उससे जुड़ी महिलाओं की 20 साल की यात्रा है।

जदयू के लिए क्यों अहम है ‘नीतीश संवाद’

‘नीतीश संवाद’ जदयू के लिए जनता के साथ सीधे संवाद का एक माध्यम भी है। इससे पहले पार्टी ने फरक्का जल संधि और बिहार के जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी इसी नाम से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए थे। सितंबर में जदयू ने गंगा किनारे के जिलों में फरक्का से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाया था।

अब इसी नाम से जीविका के 20 साल पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इससे नीतीश संवाद एक व्यापक कार्यक्रम श्रृंखला के रूप में सामने आ रहा है, जिसमें अलग-अलग समय पर अलग-अलग मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की कोशिश की जा रही है।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब बिहार में राजनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा में हैं। हालांकि, इस कार्यक्रम का घोषित विषय जीविका के 20 वर्ष और महिलाओं की भागीदारी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है, लेकिन कार्यक्रम की आधिकारिक रूपरेखा का मुख्य फोकस जीविका पर ही है।

जीविका से जुड़ी महिलाओं के अनुभव होंगे केंद्र में

कार्यक्रम की एक खास बात यह है कि इसमें जीविका से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया है। जदयू नेताओं ने कहा है कि इन महिलाओं के अनुभव और उपलब्धियों को सामने लाया जाएगा।

बिहार के ग्रामीण इलाकों में स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को छोटे कारोबार, बचत और सामुदायिक गतिविधियों से जोड़ने का काम किया गया है। ऐसे में 20 साल पूरे होने के मौके पर कार्यक्रम में इस मॉडल की यात्रा पर चर्चा की जा रही है।

मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों को बुलाने की तैयारी की गई है। वहीं, दूसरे जिलों में भी स्थानीय स्तर पर महिलाओं को कार्यक्रम से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं।

आज के कार्यक्रम से क्या संदेश देने की तैयारी?

2 अक्टूबर को होने वाले नीतीश संवाद के जरिए जदयू जीविका कार्यक्रम की उपलब्धियों को जनता के सामने रखने की तैयारी में है। पार्टी के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ना और जीविका के 20 वर्षों के सफर को सामने लाना है।

गांधी जयंती के दिन होने वाला यह आयोजन महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण विकास के मुद्दों को भी चर्चा में ला सकता है। अलग-अलग जिलों में स्थानीय नेता और पार्टी पदाधिकारी कार्यक्रम का संचालन करेंगे।

फिलहाल, नीतीश संवाद के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का केंद्र जीविका की उपलब्धियां, महिलाओं की भागीदारी और पिछले 20 वर्षों की यात्रा है। कार्यक्रमों में सामने आने वाली स्थानीय जानकारियां और महिलाओं के अनुभव आने वाले दिनों में इस अभियान की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।

निष्कर्ष

बिहार में आज 2 अक्टूबर से नीतीश संवाद का नया चरण शुरू हो रहा है। इस बार जदयू ने इसे ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ विषय से जोड़ा है। राज्य के सभी जिलों में होने वाले कार्यक्रमों में जीविका से जुड़ी महिलाओं की भागीदारी और उनके अनुभवों को प्रमुखता दी जाएगी।

जदयू के लिए यह कार्यक्रम जीविका के दो दशक के सफर को जनता के बीच रखने का अवसर है। वहीं, राजनीतिक रूप से सक्रिय बिहार में इस अभियान पर भी नजर रहेगी कि आने वाले दिनों में नीतीश संवाद के तहत किन मुद्दों को आगे चर्चा का हिस्सा बनाया जाता है।

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