हवाई सफर करने वालों को झटका! एअर इंडिया और इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, आज से महंगी हुईं उड़ानें
हवाई सफर करने वालों के लिए एअर इंडिया फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी एक अहम बदलाव है। एअर इंडिया और इंडिगो ने विमान ईंधन की बढ़ती लागत के बीच अपने शुल्क में संशोधन किया है। इससे नई टिकट बुक कराने वाले यात्रियों का खर्च बढ़ सकता है।
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की नई दरें 9 अक्टूबर 2026 से लागू हुई हैं। वहीं, इंडिगो ने 6 अक्टूबर से अपने ईंधन शुल्क में बदलाव किया था। ऐसे में यात्रियों को टिकट खरीदने से पहले कुल किराये की जांच करनी चाहिए।
इस बदलाव का असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है। हालांकि, हर मार्ग पर किराये में एक जैसी बढ़ोतरी नहीं होगी। अंतिम कीमत यात्रा की दूरी, उपलब्ध टिकट और लागू शुल्कों पर निर्भर करेगी।
एअर इंडिया की घरेलू उड़ानों के नए शुल्क
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के आधार पर फ्यूल सरचार्ज तय किया है। अब यात्रियों को एक तरफ की यात्रा के लिए 400 रुपये से 1,200 रुपये तक शुल्क देना पड़ सकता है।
नई दरों का विवरण इस प्रकार है:
| उड़ान की दूरी | एक तरफ का शुल्क |
|---|---|
| 0 से 500 किलोमीटर | ₹400 |
| 501 से 1,000 किलोमीटर | ₹600 |
| 1,001 से 1,500 किलोमीटर | ₹850 |
| 1,501 से 2,000 किलोमीटर | ₹1,200 |
| 2,000 किलोमीटर से अधिक | ₹1,200 |
यह शुल्क प्रति यात्री और एक तरफ की यात्रा के लिए है। वापसी की उड़ान के लिए भी संबंधित टिकट पर लागू शुल्क जुड़ सकता है। इसलिए आने-जाने की टिकट बुक करते समय दोनों यात्राओं का कुल खर्च देखना जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए कितना शुल्क लगेगा?
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया है। इन उड़ानों का शुल्क गंतव्य क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रखा गया है।
- उत्तर अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर 215 अमेरिकी डॉलर।
- ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों पर 210 अमेरिकी डॉलर।
- यूरोप और ब्रिटेन जाने वाली उड़ानों पर 135 अमेरिकी डॉलर।
- पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व जाने वाली उड़ानों पर 55 अमेरिकी डॉलर।
ये दरें एक तरफ की यात्रा के लिए हैं। रुपये में भुगतान करने वाले यात्रियों की वास्तविक राशि विनिमय दर और बुकिंग की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए विदेश यात्रा की योजना बनाने वालों को अंतिम भुगतान से पहले कुल किराया जरूर जांचना चाहिए।
इंडिगो की उड़ानें भी हुईं महंगी
इंडिगो ने एअर इंडिया से पहले अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया था। कंपनी की नई दरें 6 अक्टूबर 2026 से की गई नई बुकिंग पर लागू हुईं। इसका असर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ सकता है।
घरेलू उड़ानों में इंडिगो का शुल्क यात्रा की दूरी के अनुसार तय होता है। लंबी दूरी की उड़ानों पर यह शुल्क 1,300 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं, छोटे मार्गों पर शुल्क अपेक्षाकृत कम रहता है।
इस बदलाव के बाद यात्रियों को अलग-अलग एयरलाइंस के किराये की तुलना करना और भी जरूरी हो गया है। हालांकि, केवल फ्यूल सरचार्ज देखकर सबसे सस्ती उड़ान तय नहीं करनी चाहिए। सामान की सीमा, उड़ान का समय और टिकट बदलने की शर्तें भी देखनी चाहिए।
फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की वजह क्या है?
विमान कंपनियों के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ एक बड़ा खर्च है। इसी ईंधन से यात्री विमान उड़ान भरते हैं। जब इसकी कीमत बढ़ती है, तो एयरलाइंस की परिचालन लागत पर सीधा दबाव पड़ता है।
हाल के महीनों में वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव रहा है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों ने भी ईंधन की कीमतों को प्रभावित किया है।
ऐसे में एयरलाइंस बढ़ते खर्च का कुछ हिस्सा यात्रियों से वसूलने के लिए फ्यूल सरचार्ज में बदलाव कर सकती हैं। एअर इंडिया ने भी बढ़ती ईंधन लागत को इस फैसले की प्रमुख वजह बताया है।
क्या टिकट की कीमत हमेशा इतनी ही बढ़ेगी?
फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि हर टिकट की कुल कीमत समान राशि से बढ़ेगी। टिकट का अंतिम किराया कई बातों पर निर्भर करता है। इनमें यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता, मार्ग और अन्य लागू शुल्क शामिल हैं।
इसके अलावा, व्यस्त दिनों में टिकट की मांग बढ़ने से किराया अलग हो सकता है। इसलिए यात्रियों को केवल पुराने और नए फ्यूल सरचार्ज की तुलना नहीं करनी चाहिए। बुकिंग के समय दिखाई देने वाली कुल कीमत ही उनके खर्च का बेहतर अनुमान देती है।
पहले से टिकट बुक कराने वालों को क्या करना चाहिए?
पहले से टिकट खरीद चुके यात्रियों के लिए लागू नियमों को समझना जरूरी है। नई दरें निर्धारित समय से की गई नई बुकिंग पर लागू होने की घोषणा की गई है। इसलिए पुरानी टिकट पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा या नहीं, यह उसकी शर्तों और एयरलाइन की पुष्टि से जांचना चाहिए।
यदि यात्रा की तारीख नजदीक है, तो टिकट की जानकारी दोबारा देख लें। किसी भी बदलाव या अतिरिक्त भुगतान की मांग होने पर एयरलाइन के आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें। केवल किसी खबर या संदेश के आधार पर अतिरिक्त रकम का भुगतान न करें।
नई बुकिंग करने वाले यात्रियों को भुगतान से पहले किराये का पूरा विवरण देखना चाहिए। इससे उन्हें पता चलेगा कि टिकट की कीमत में कौन-कौन से शुल्क शामिल हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव
हवाई यात्रा का बजट संभालने के लिए कुछ आसान कदम मददगार हो सकते हैं।
- यात्रा की तारीख तय करने से पहले अलग-अलग दिनों का किराया देखें।
- एक ही मार्ग पर एअर इंडिया और इंडिगो की कुल कीमत की तुलना करें।
- वापसी की उड़ान का खर्च भी अपने बजट में शामिल करें।
- टिकट रद्द करने और तारीख बदलने की शर्तें पढ़ें।
- अंतिम भुगतान से पहले सभी शुल्कों की जांच करें।
इसी तरह, यात्रा की योजना पहले बनाने से उपलब्ध विकल्पों की तुलना करने का अधिक समय मिलता है। हालांकि, पहले टिकट खरीदने से हमेशा कम किराया मिलने की गारंटी नहीं होती। सही फैसला लेने के लिए यात्रा की जरूरत और कुल खर्च दोनों को ध्यान में रखें।
आगे क्या होगा?
एअर इंडिया ने संकेत दिया है कि वह ईंधन की कीमतों और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार फ्यूल सरचार्ज की समय-समय पर समीक्षा करेगी। इसका अर्थ है कि भविष्य में शुल्क में बदलाव हो सकता है। हालांकि, आगे कितनी बढ़ोतरी होगी या शुल्क कब घटेगा, यह अभी निश्चित नहीं है।
दूसरी ओर, इंडिगो सहित अन्य एयरलाइंस की दरें भी यात्रियों के खर्च को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में यात्रा करने वालों को कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
यदि ईंधन की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो विमान कंपनियों के खर्च पर दबाव जारी रह सकता है। फिर भी, भविष्य के किराये को लेकर कोई निश्चित अनुमान लगाने से पहले वास्तविक कीमतों और आधिकारिक फैसलों को देखना जरूरी है।
निष्कर्ष
एअर इंडिया फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी और इंडिगो के नए शुल्क से हवाई यात्रा का खर्च बढ़ सकता है। एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की नई दरें 9 अक्टूबर 2026 से लागू हुई हैं, जबकि इंडिगो ने 6 अक्टूबर से संशोधित शुल्क लागू किया था।
यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले कुल किराया, यात्रा की दूरी और लागू शुल्कों की तुलना करनी चाहिए। साथ ही, पहले से बुक टिकट की शर्तें भी जांचनी चाहिए। इससे वे अपने बजट के अनुसार बेहतर विकल्प चुन सकेंगे और यात्रा के दौरान अचानक बढ़े खर्च से बचने की तैयारी कर सकेंगे।

