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MP में SSR का नया शेड्यूल जारी, 12 नवंबर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने का अभियान शुरू

News Critic की ग्राफिक इमेज जिसमें मध्य प्रदेश में SSR का नया शेड्यूल जारी होने और 12 नवंबर से मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने के अभियान की जानकारी दी गई है।

MP में मतदाता सूची अपडेट करने का नया शेड्यूल जारी

मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का नया कार्यक्रम जारी किया गया है। इसके तहत 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद पात्र नागरिकों को सूची में नाम जुड़वाने, गलतियों में सुधार कराने और अपात्र प्रविष्टियों के संबंध में आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।

भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू करने का कार्यक्रम घोषित किया है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित होने से बचाना है।

इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं, खासकर पहली बार मतदान करने जा रहे युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।

SSR का पूरा शेड्यूल: कब क्या होगा?

मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग चरणों की समयसीमा तय की है। मतदाताओं के लिए इन तारीखों को समझना जरूरी है, ताकि वे समय रहते अपना आवेदन या आपत्ति दर्ज करा सकें।

प्रक्रियानिर्धारित तारीख
मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था2 नवंबर 2026 तक
मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन12 नवंबर 2026
दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख11 दिसंबर 2026
दावों और आपत्तियों का निपटारा28 दिसंबर 2026 तक
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन4 जनवरी 2027

इस कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर से मतदाता सूची के प्रारूप में अपना नाम जांचने का अवसर मिलेगा। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रविष्टि में गलती है, तो वह निर्धारित समय के भीतर संबंधित आवेदन कर सकता है।

ध्यान रखें कि 12 नवंबर को प्रारूप सूची जारी होगी। इसका मतलब यह नहीं है कि उसी दिन सभी आवेदन पूरे हो जाएंगे। दावों और आपत्तियों की जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

किन लोगों को मिलेगा मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका?

MP वोटर लिस्ट अपडेट अभियान उन नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो मतदान के पात्र हैं, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है।

इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल हो सकते हैं:

  • पहली बार वोट देने वाले युवा: जो 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे।
  • छूटे हुए मतदाता: जिनका नाम पात्र होने के बावजूद मतदाता सूची में दर्ज नहीं है।
  • नए पते पर रहने वाले नागरिक: जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है और मतदाता सूची में जरूरी बदलाव कराना चाहते हैं।
  • जानकारी में गलती वाले मतदाता: जिनके नाम, पते या अन्य विवरणों में सुधार की आवश्यकता है।
  • आपत्ति दर्ज कराने वाले नागरिक: जिन्हें मतदाता सूची में किसी अपात्र या गलत प्रविष्टि को लेकर आपत्ति है।

निर्वाचन आयोग ने 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 की आगामी पात्रता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन की सुविधा देने की बात कही है। इससे इन तारीखों तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले संभावित मतदाता भी निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन कर सकेंगे।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए क्या करना होगा?

यदि आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो सबसे पहले अपने विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में अपना नाम जांचें। इसके बाद नाम दर्ज कराने के लिए निर्धारित आवेदन प्रक्रिया अपनाएं।

नाम जुड़वाने के लिए सामान्यतः फॉर्म 6 का उपयोग किया जाता है। आवेदन के दौरान निर्धारित व्यक्तिगत विवरण और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं।

मतदाता सूची में पहले से दर्ज नाम, पता या अन्य विवरणों में सुधार अथवा निवास स्थान बदलने से संबंधित प्रक्रिया के लिए फॉर्म 8 का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, किसी प्रविष्टि को हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए लागू नियमों के अनुसार फॉर्म 7 का उपयोग किया जा सकता है।

आवेदन करने से पहले संबंधित फॉर्म के निर्देश ध्यान से पढ़ें। दस्तावेजों और पात्रता से जुड़ी आवश्यकताएं पूरी करना जरूरी है।

क्या मतदाता सूची में नाम कटवाने की भी प्रक्रिया होगी?

SSR के दौरान केवल नए नाम जोड़ने का काम ही नहीं होगा। मतदाता सूची में मौजूद गलतियों और अपात्र प्रविष्टियों की जांच के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, कोई प्रविष्टि दोहराई गई है या किसी अन्य वैधानिक आधार पर नाम हटाने की जरूरत है, तो नियमानुसार आपत्ति दर्ज की जा सकती है।

हालांकि, किसी मतदाता का नाम हटाने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही पूरी की जानी चाहिए। केवल शिकायत दर्ज होने से किसी व्यक्ति का नाम अपने आप नहीं हट जाता। संबंधित निर्वाचन अधिकारी दावे, आपत्तियों और उपलब्ध जानकारी की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लेते हैं।

इसलिए मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपना नाम और विवरण जरूर जांचें। यदि किसी गलत प्रविष्टि की जानकारी मिलती है, तो निर्धारित समयसीमा के भीतर उचित प्रक्रिया अपनाएं।

SSR और SIR में क्या अंतर है?

मतदाता सूची के पुनरीक्षण के संदर्भ में SSR और SIR दोनों शब्दों का इस्तेमाल होता है, लेकिन इनका उद्देश्य और प्रक्रिया अलग-अलग है।

SSR यानी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में मौजूदा मतदाता सूची को अपडेट किया जाता है। इसमें पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, विवरणों में सुधार करने और नियमानुसार दावों तथा आपत्तियों का निपटारा करने पर ध्यान दिया जाता है।

इसके विपरीत, SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक अधिक व्यापक प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची की गहन जांच और सत्यापन किया जाता है। इसकी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के अलग निर्देशों के अनुसार संचालित होती है।

मध्य प्रदेश में घोषित SSR कार्यक्रम का उद्देश्य पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना और मौजूदा सूची को अपडेट करना है। इस प्रक्रिया में घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन की व्यवस्था नहीं होगी, जैसा कि गहन पुनरीक्षण में हो सकता है।

युवाओं और पहली बार वोट देने वालों के लिए क्यों जरूरी है यह अभियान?

मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान करने के लिए जरूरी है। इसलिए पहली बार वोट देने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण है।

जो युवा 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, आगामी पात्रता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

युवाओं को केवल आवेदन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि आवेदन में दी गई जानकारी सही हो और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हुआ है या नहीं।

जिला स्तर पर सहायता केंद्रों की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि युवाओं, प्रवासियों और अन्य जरूरतमंद नागरिकों को पंजीकरण प्रक्रिया समझने में मदद मिल सके।

मतदाता अपना नाम कैसे जांचें?

मतदाता अपना नाम निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल या संबंधित आधिकारिक माध्यमों से जांच सकते हैं। प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद अपने नाम, पते और मतदान केंद्र से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।

यदि नाम नहीं मिलता है, तो पात्रता के अनुसार नाम जोड़ने के लिए आवेदन करें। यदि विवरण में गलती है, तो सुधार की प्रक्रिया अपनाएं। आवेदन करने के बाद उसकी स्थिति भी जांचते रहें।

इस अभियान में समयसीमा का विशेष महत्व है। दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसलिए मतदाताओं को अंतिम दिनों का इंतजार करने के बजाय समय रहते जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश में SSR के नए कार्यक्रम के तहत 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 11 दिसंबर तक नाम जोड़ने, विवरणों में सुधार कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां दर्ज करने का अवसर मिलेगा। अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित करने का कार्यक्रम है।

यह अभियान नए मतदाताओं और उन नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या जिनके विवरण में गलती है। इसलिए अपनी जानकारी जांचें, जरूरी आवेदन समय पर करें और अंतिम सूची में नाम दर्ज होने की पुष्टि जरूर करें। इससे मतदान के समय होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

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