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नवा रायपुर में वायुसेना का शौर्य: 8 हजार फीट से उतरे कमांडो, सारंग टीम ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

नवा रायपुर में वायुसेना के एयर शो के दौरान 8 हजार फीट से पैराशूट से उतरते कमांडो और सारंग टीम के हेलीकॉप्टर | News Critic

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दौरान नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायुसेना के शौर्य और साहस का गवाह बना। नवा रायपुर एयर शो में जवानों ने रोमांचक प्रदर्शन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट के जरिए जवानों की छलांग और हेलीकॉप्टरों के शानदार करतब आयोजन के मुख्य आकर्षण रहे।

भारतीय वायुसेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडो और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इस दौरान हेलीकॉप्टरों की सटीक उड़ान और जवानों का अनुशासन देखने लायक रहा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए। उन्होंने वायुसेना के जवानों के प्रदर्शन की सराहना की।

नवा रायपुर एयर शो में दिखा वायुसेना का दम

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर भारतीय वायुसेना ने नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में विशेष हवाई प्रदर्शन किया। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को वायुसेना की क्षमता और प्रशिक्षण से परिचित कराना था। इसके साथ ही युवाओं को रक्षा सेवाओं के प्रति प्रेरित करना भी इसका अहम हिस्सा रहा।

कार्यक्रम में अलग-अलग टीमों ने अपनी विशेष दक्षता दिखाई। सबसे पहले आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने आसमान से छलांग लगाकर दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद एमआई-17 हेलीकॉप्टर के जरिए जवानों की तैनाती का प्रदर्शन किया गया।

वहीं, सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने सामूहिक उड़ान भरकर शानदार हवाई करतब दिखाए। हर प्रस्तुति के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। सेंध लेक के आसपास मौजूद लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ जवानों का उत्साह बढ़ाया।

8 हजार फीट की ऊंचाई से आकाशगंगा टीम ने लगाई छलांग

एयर शो का सबसे रोमांचक हिस्सा आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम का प्रदर्शन रहा। इस टीम के आठ प्रशिक्षित जवानों ने सी-295 विमान से लगभग 8 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। जवानों ने पैराशूट की मदद से नियंत्रित तरीके से नीचे उतरने का प्रदर्शन किया।

आसमान से जमीन तक की इस पूरी प्रक्रिया में साहस के साथ सटीकता भी जरूरी होती है। पैराशूट खोलने का सही समय और हवा की दिशा का आकलन बेहद महत्वपूर्ण रहता है। जवानों ने इन सभी पहलुओं का बेहतरीन तालमेल दिखाया।

इस टीम का नेतृत्व स्क्वाड्रन लीडर आर्यन कैंत्युरा कर रहे थे। आकाशगंगा टीम आगरा स्थित पैराट्रूपर्स ट्रेनिंग स्कूल से नवा रायपुर पहुंची थी। इसके जवान विशेष प्रशिक्षण के जरिए कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षित और सटीक लैंडिंग करने की क्षमता विकसित करते हैं।

उनकी छलांग और लैंडिंग देखकर दर्शकों में काफी उत्साह नजर आया। यह प्रदर्शन केवल रोमांच तक सीमित नहीं था। इसने वायुसेना के जवानों की तैयारी और मानसिक दृढ़ता की झलक भी दिखाई।

एमआई-17 हेलीकॉप्टर से उतरे गरुड़ कमांडो

कार्यक्रम में एमआई-17 हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन भी खास रहा। इस हेलीकॉप्टर के जरिए गरुड़ कमांडो को निर्धारित स्थान पर उतारने का अभ्यास दिखाया गया। यह प्रदर्शन सैन्य अभियानों में तेजी से जवानों की तैनाती की प्रक्रिया को समझाने वाला था।

वायुसेना ने इस दौरान हेलीकॉप्टर की उड़ान क्षमता और संचालन कौशल की झलक दिखाई। हेलीकॉप्टर ने तेज गति से निर्धारित क्षेत्र की ओर पहुंचकर लैंडिंग की। इसके बाद कमांडो की तैनाती का प्रदर्शन किया गया।

गरुड़ कमांडो भारतीय वायुसेना की विशेष प्रशिक्षित इकाई का हिस्सा हैं। उन्हें महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण अभियानों के लिए तैयार किया जाता है। ऐसे अभियानों में तेजी, सतर्कता और टीम के बीच तालमेल की अहम भूमिका होती है।

एमआई-17 हेलीकॉप्टर का उपयोग केवल सैनिकों को पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल राहत और बचाव कार्यों में भी किया जाता है। बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं के दौरान यह दुर्गम इलाकों तक पहुंचने में मददगार साबित होता है।

सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने बनाया आकर्षक नजारा

नवा रायपुर एयर शो का एक और बड़ा आकर्षण भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम रही। इस टीम ने पांच स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टरों के साथ आसमान में शानदार करतब दिखाए।

सारंग टीम अपने सटीक तालमेल और सामूहिक उड़ान के लिए जानी जाती है। इसके पायलट एक-दूसरे की स्थिति और गति का ध्यान रखते हुए कठिन फॉर्मेशन तैयार करते हैं। इस तरह के प्रदर्शन के लिए लंबे समय तक अभ्यास और मजबूत आपसी समन्वय जरूरी होता है।

टीम ने आसमान में दिल, डायमंड और तिरंगे से जुड़ी आकर्षक आकृतियां बनाईं। हेलीकॉप्टरों की एक साथ उड़ान और उनके बीच की सटीक दूरी ने दर्शकों को रोमांचित किया। हर फॉर्मेशन के दौरान लोगों की नजरें आसमान पर टिकी रहीं।

सारंग टीम का प्रदर्शन भारतीय विमानन क्षमता का भी परिचय कराता है। इसके हेलीकॉप्टर स्वदेशी ध्रुव प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं। इस वजह से यह प्रस्तुति भारतीय रक्षा और विमानन क्षेत्र की तकनीकी उपलब्धियों को भी सामने लाती है।

तिरंगे की फॉर्मेशन और देशभक्ति के नारों ने बढ़ाया उत्साह

हवाई प्रदर्शन के दौरान देशभक्ति का रंग भी देखने को मिला। सारंग टीम ने तिरंगे से जुड़ी आकर्षक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में हेलीकॉप्टरों का तालमेल और देशभक्ति गीतों की गूंज ने माहौल को खास बना दिया।

प्रदर्शन के दौरान टीम की ओर से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के जरिए भी लोगों का अभिवादन किया गया। इससे स्थानीय दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वायुसेना के जवानों के साहस और अनुशासन की सराहना की। उन्होंने इस आयोजन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उनके अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को बड़े लक्ष्य तय करने और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

दुनिया के कई देशों में प्रदर्शन कर चुकी है सारंग टीम

भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम देश के साथ विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुकी है। यह पांच हेलीकॉप्टरों वाली अपनी तरह की विशिष्ट एयरोबेटिक टीम है। इसके सदस्य अलग-अलग देशों में हवाई प्रदर्शन कर चुके हैं।

टीम के प्रदर्शन में केवल हेलीकॉप्टर उड़ाना ही शामिल नहीं होता। इसमें पायलटों का अनुभव, तकनीकी समझ और एक-दूसरे पर भरोसा बेहद जरूरी है। आसमान में कुछ ही सेकंड में बनने वाली आकृतियों के पीछे लंबे अभ्यास की भूमिका रहती है।

सारंग टीम के प्रदर्शन से दर्शकों को यह समझने का अवसर मिलता है कि सैन्य विमानन में कितनी सटीकता और अनुशासन की जरूरत होती है। इसके अलावा, स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की क्षमता भी लोगों के सामने आती है।

युवाओं को वायुसेना से जुड़ने की मिलेगी प्रेरणा

नवा रायपुर में आयोजित एयर शो का महत्व केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। ऐसे आयोजन आम लोगों और सशस्त्र बलों के बीच जुड़ाव मजबूत करते हैं। खासकर विद्यार्थियों और युवाओं को सैन्य विमानन की दुनिया को करीब से देखने का अवसर मिलता है।

आकाशगंगा टीम की स्काईडाइविंग, गरुड़ कमांडो की तैनाती और सारंग टीम के हवाई करतब अलग-अलग तरह के कौशल को सामने लाते हैं। इन प्रदर्शनों से यह भी पता चलता है कि वायुसेना में काम करने के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और जिम्मेदारी कितनी जरूरी है।

इसके साथ ही राज्योत्सव जैसे बड़े आयोजन में भारतीय वायुसेना की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर बनी। इससे प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक आयोजनों को भी नई पहचान मिल सकती है।

2 नवंबर को भी आयोजित होगा वायुसेना का एयर शो

राज्योत्सव के दौरान वायुसेना का हवाई प्रदर्शन 1 और 2 नवंबर को आयोजित किया जा रहा है। 1 नवंबर के कार्यक्रम के बाद 2 नवंबर को भी नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में प्रदर्शन निर्धारित है। दूसरे दिन का कार्यक्रम सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होना है।

इस दौरान दर्शकों को वायुसेना की टीमों के हवाई कौशल को देखने का अवसर मिलेगा। प्रशासन ने बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जरूरी व्यवस्थाएं भी की हैं। दर्शकों से कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

निष्कर्ष

नवा रायपुर एयर शो ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। 8 हजार फीट से जवानों की छलांग, गरुड़ कमांडो की तैनाती और सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टरों के करतब दर्शकों के लिए यादगार रहे। इस आयोजन ने भारतीय वायुसेना के साहस, अनुशासन और तकनीकी क्षमता की शानदार झलक पेश की। साथ ही, इसने युवाओं को देशसेवा और विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर भी दिया।

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