नोएडा के सेक्टर-63 में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, दो को लगी गोली; चार गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के नोएडा में देर रात पुलिस और संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह घटना सेक्टर-63 थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। वहीं, उनके दो अन्य साथियों को पुलिस ने तलाशी अभियान के दौरान गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में कुल चार आरोपियों को पकड़ा गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को लिफ्ट देने के बहाने अपने वाहन में बैठाते थे। इसके बाद उन्हें सुनसान जगह पर ले जाकर लूटपाट करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस, चाकू और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है।
Noida Encounter: सेक्टर-63 में देर रात हुई मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात सेक्टर-63 थाना पुलिस की टीम सेक्टर-62 गोल चक्कर के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को दो मोटरसाइकिल पर चार युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन युवकों ने रुकने के बजाय अपनी मोटरसाइकिल वापस मोड़ दी।
इसके बाद चारों युवक तेजी से वहां से भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा शुरू कर दिया। पीछा करते हुए पुलिसकर्मी बहलोलपुर अंडरपास के आगे ग्रीन बेल्ट सर्विस रोड तक पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार, खुद को घिरता देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लग गई और वे घायल होकर गिर पड़े।
दो बदमाशों के पैर में लगी गोली
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपियों की पहचान विकास उर्फ कालू और राजेश उर्फ ढेडा के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, विकास दिल्ली का रहने वाला है, जबकि राजेश नोएडा के बसई इलाके का निवासी बताया गया है।
गोली लगने के बाद पुलिस ने दोनों को मौके पर ही काबू कर लिया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों की गिरफ्तारी मुठभेड़ के दौरान हुई कार्रवाई के बाद की गई।
पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों घायल आरोपियों के पास से एक-एक अवैध तमंचा मिला है। इसके अलावा खोखा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
फरार दो साथियों को कॉम्बिंग ऑपरेशन में पकड़ा
मुठभेड़ के दौरान दो अन्य आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। ग्रीन बेल्ट और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने उनकी तलाश की।
इस कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने शंकर शर्मा और कपिल कश्यप को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मुठभेड़ के बाद पुलिस चारों आरोपियों को पकड़ने में सफल रही।
पुलिस के मुताबिक, शंकर और कपिल के कब्जे से चाकू बरामद किए गए हैं। इसके अलावा एक अन्य मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों को अपने कब्जे में लेकर उनकी जानकारी और संभावित आपराधिक मामलों की जांच शुरू कर दी है।
लिफ्ट देने के बहाने लोगों को बनाते थे निशाना
पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपियों की लूटपाट करने की एक खास तरकीब सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपी रात के समय लोगों को लिफ्ट देने के बहाने अपने वाहन में बैठाते थे। इसके बाद वे यात्रियों को सुनसान रास्तों पर ले जाते और उनके साथ लूटपाट करते थे।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों का तरीका पीड़ितों को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार होना बताया गया है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी इस तरीके से अलग-अलग स्थानों पर लोगों को निशाना बनाते रहे हैं।
इस तरह की वारदातों में यात्रियों को पहले भरोसे में लिया जाता है। उन्हें लगता है कि कोई व्यक्ति मदद के लिए वाहन में बैठा रहा है। लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपी कथित तौर पर अपना असली इरादा दिखाते हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुराने मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विकास के खिलाफ 22, राजेश के खिलाफ 18 और शंकर के खिलाफ 10 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, कपिल के खिलाफ भी दो मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इन मामलों में लूटपाट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी धाराओं से जुड़े प्रकरण शामिल बताए गए हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति और आरोपों की विस्तृत जानकारी जांच के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों और संभावित वारदातों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह किन इलाकों में सक्रिय था और उसके निशाने पर किस तरह के लोग रहते थे।
पुलिस ने अवैध हथियार और वाहन किए बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से कई सामान बरामद किए हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बरामद सामान में दो अवैध तमंचे, जिंदा और खोखा कारतूस, दो चाकू तथा दो मोटरसाइकिल शामिल हैं।
पुलिस इन हथियारों और वाहनों की जांच कर रही है। बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में भी पुराने मामलों से कनेक्शन तलाशा जा रहा है। कुछ वाहनों के दूसरे थानों में दर्ज मुकदमों से संबंधित होने की जानकारी भी सामने आई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन वाहनों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया गया था। इसके लिए संबंधित थानों के रिकॉर्ड और शिकायतों का मिलान किया जा सकता है।
नोएडा में पुलिस की चेकिंग और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई
नोएडा और आसपास के इलाकों में अपराध पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस समय-समय पर वाहन जांच और संदिग्ध लोगों की तलाशी करती है। सेक्टर-62 गोल चक्कर के पास भी पुलिस टीम इसी तरह की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान संदिग्ध युवकों को रोकने की कोशिश की गई, जिसके बाद पीछा और मुठभेड़ की स्थिति बनी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गौतम बुद्ध नगर पुलिस के निर्देशों के तहत अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई और जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों से पूछताछ करके उनके नेटवर्क और पुरानी वारदातों की जानकारी जुटाना है। साथ ही, बरामद हथियारों और वाहनों की जांच भी की जा रही है।
निष्कर्ष
नोएडा के सेक्टर-63 में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। जवाबी फायरिंग में विकास और राजेश घायल हुए, जबकि शंकर शर्मा और कपिल कश्यप को कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी लिफ्ट देने के बहाने लोगों को अपने वाहन में बैठाकर सुनसान जगहों पर लूटपाट करते थे।
आरोपियों के पास से अवैध हथियार, कारतूस, चाकू और मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं। उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अब पुलिस की पूछताछ से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि गिरोह ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया और उसके अन्य संपर्क किन इलाकों में सक्रिय हैं।

